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जॉर्ज फ्लॉयड हत्या के मामले पुलिसकर्मी डेरेक चॉविन दोषी क़रार

पिछले साल 25 मई को अमेरिका के मिनियापोलिस में अश्वेत अमेरिकी जॉर्ज फ्लॉयड की मौत उनके गले को श्वेत पुलिस अधिकारी डेरेक चॉविन द्वारा तक़रीबन नौ मिनट तक घुटने से दबाने के कारण मौत हो गई थी. इस दौरान फ्लॉयड बार-बार कहते रहे थे कि उन्हें सांस लेने में तकलीफ हो रही है, लेकिन पुलिसकर्मी नहीं माना. फ्लॉयड की निर्मम मौत से देशभर में हिंसक प्रदर्शन हुए थे.

जॉर्ड फ्लॉयड की तस्वीर लेकर उनकी हत्या के खिलाफ विरोध प्रदर्शन. (फोटो: रॉयटर्स)

जॉर्ड फ्लॉयड की तस्वीर लेकर उनकी हत्या के खिलाफ विरोध प्रदर्शन. (फोटो: रॉयटर्स)

वाशिंगटन: अमेरिका की संघीय ग्रांड जूरी ने मिनियापोलिस के पूर्व अधिकारी डेरेक चॉविन को अफ्रीकी मूल के अमेरिकी जॉर्ज फ्लॉयड की हत्या मामले में सभी तीन आरोपों का दोषी पाया.

मिनियापोलिस में 12 सदस्यीय संघीय जूरी ने मंगलवार को चॉविन को सभी आरोपों के तहत दोषी ठहराया. इसके तहत चॉविन को सेकेंड डिग्री गैर इरादतन हत्या, थर्ड डिग्री हत्या और सेकेंड डिग्री हत्या का दोषी माना गया.

समाचार एजेंसी एपी के अनुसार, चॉविन को कई दशकों के लिए जेल की सजा हो सकती है. फैसले के साथ ही उसकी जमानत खारिज कर दी गई.

सुनवाई के दौरान चॉविन के वकील एरिक नेल्शन ने दावा किया कि सेवा से बर्खास्त किए जा चुके श्वेत अधिकारी ने उचित कार्रवाई की थी और 46 वर्षीय फ्लॉयड की हृदय संबंधी बीमारी और नशीली दवाओं के अवैध इस्तेमाल से मौत हुई थी.

जूरी में छह श्वेत और छह अश्वेत या बहुजातीय समुदाय के सदस्य शामिल थे और दो दिनों में 10 घंटे की चर्चा के बाद उन्होंने अपना फैसला सुनाया.

जूरी सदस्यों की पहचान गुप्त रखी गई और ऐसा तब तक किया जाएगा जब तक जज को नहीं लगेगा कि वे सुरक्षित हैं.

वहीं, मिनियापोलिस के तीन अन्य पूर्व अधिकारियों पर फ्लॉयड की हत्या के मामले में सहायता करने और हत्या में शामिल होने के लिए अगस्त में सुनवाई का सामना करना पड़ेगा.

बता दें कि 46 वर्षीय अश्वेत जॉर्ज फ्लॉयड की मौत पिछले साल मई में गिरफ्तारी के दौरान हुई थी, जब पुलिस बल ने उनके साथ क्रूरता से व्यवहार किया था. मिनियापोलिस में एक स्टोर के कर्मचारी ने फ्लॉयड पर जाली नोट देने का आरोप लगाया था.

45 वर्षीय चॉविन ने फ्लॉयड की गर्दन पर अपने घुटने से नौ मिनट से ज्यादा वक्त तक घुटने से दबाव बनाकर उन्हें जमीन पर गिराए रखा था, जबकि वह बार-बार कहते रहे थे कि उन्हें सांस लेने में तकलीफ हो रही है. फ्लॉयड की निर्मम मौत से देशभर में हिंसक प्रदर्शन हुए थे.

इसके बाद कई राज्यों और शहरों ने पुलिस द्वारा बल के उपयोग को प्रतिबंधित कर दिया, अनुशासनात्मक प्रणालियों या अधीन पुलिस विभागों की निगरानी की.

नस्लवाद देश की आत्मा पर दाग, यह न्याय देने वाला फैसला पर्याप्त नहीं: जो बाइडन

राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा कि यह दिनदहाड़े की गई हत्या थी और इसने पूरी दुनिया के आंखों पर पड़ी पट्टी को हटा दिया, ताकि वे देश में जड़ें जमा चुके नस्लवाद को देख सकें.

बाइडन ने कहा, ‘नस्लवाद हमारे देश की आत्मा पर एक दाग है. अश्वेत अमेरिकियों के लिए न्याय की गर्दन पर रखा गया घुटना. अत्यंत भय और आघात. दर्द और पीड़ा जो अश्वेत एवं काले अमेरिकियों को हर दिन सहनी पड़ती है.’

उन्होंने कहा कि यह न्याय देने वाला फैसला पर्याप्त नहीं है.

बाइडन ने कहा, ‘हम यहां नहीं रुकेंगे. सही बदलाव और सुधार लाने के लिए हमें इस तरह की त्रासदी को अश्वेत या काले लोगों के साथ दोबारा होने से रोकना पड़ेगा.’

फैसले के तुरंत बाद राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने कहा कि पूरे इतिहास में अश्वेत अमेरिकियों को और खासकर अश्वेत पुरुषों को इंसान नहीं समझा गया.

उन्होंने कहा, ‘हम आज राहत महसूस कर रहे हैं. फिर भी यह दर्द को कम नहीं कर सकता है. न्याय का उपाय करना और समान न्याय करने में फर्क है. यह फैसला हमें एक कदम पास लाया है और तथ्य यह है कि हमें अब भी इस पर काम करने की जरूरत है.’

बाइडन और हैरिस ने फ्लॉयड के परिवार से भी बात की.

पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और पूर्व प्रथम महिला मिशेल ओबामा ने संयुक्त बयान में कहा कि वास्तविक न्याय किसी मुकदमे में फैसला देने से कहीं ज्यादा है.

अमेरिकी अटॉर्नी जनरल मेरिक गारलैंड ने कहा कि चॉविन के मुकदमे में जूरी ने अपने नागरिक कर्तव्य को पूरा किया और उसे सभी आरोपों में दोषी ठहराया.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)