कोविड-19

कोविड-19 से हुईं मौतों के आंकड़े पर बहस से मृत व्यक्ति लौटकर नहीं आएगा: मनोहरलाल खट्टर

कोरोना संक्रमण से हुईं मौतों के आंकड़े कम करके दिखाए जाने को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर ने कहा कि हमारा ध्यान इस पर होना चाहिए कि कैसे लोग संक्रमण से उबरें, कैसे हम उन्हें राहत प्रदान कर सकें. जो लोग मर गए हैं, विवाद खड़ा करने पर वे लौटकर नहीं आएंगे.

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर. (फोटो साभार: फेसबुक/@manoharlalkhattar)

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर. (फोटो साभार: फेसबुक/@manoharlalkhattar)

रोहतक: हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा है कि कोविड-19 से हुई मौतों के आंकड़े पर बहस करने का कोई तुक नहीं है क्योंकि मरा व्यक्ति लौटकर तो नहीं आ सकता, ऐसे में अब मरीजों को राहत देने पर ध्यान दिया जाना चाहिए.

वह कोरोना वायरस के कारण हुई मौतों के कथित रूप से कम आंकड़े दिखाये जाने के बारे में पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे, क्योंकि ऐसा कहा जाता है कि श्मशान घाट एवं कब्रिस्तान आदि का परिदृश्य आधिकारिक आंकड़ों में परिलक्षित नहीं होता है.

मुख्यमंत्री ने सोमवार को यहां कहा, ‘जिस प्रकार की कठिन स्थिति से हम गुजर रहे हैं, उसमें हमें आंकड़ों से नहीं खेलना है. हमारा पूरा ध्यान इस बात पर होना चाहिए कि कैसे लोग संक्रमण से उबरें, कि कैसे हम उन्हें राहत प्रदान कर सकें.’

उन्होंने कहा, ‘और जो लोग मर गए हैं, वे विवाद खड़ा करने पर लौटकर नहीं आयेंगे,’ उन्होंने कहा कि इस बहस में जाने का कोई तुक नहीं है कि क्या मौतों का आधिकारिक आंकड़ा सही है.

विपक्षी कांग्रेस ने तत्काल उनके बयान की निंदा की. पार्टी महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा, ‘ये बस निर्मम शासक के ही शब्द हो सकते हैं.’

सुरजेवाला ने कहा, ‘हर मौत सरकार की अकार्यकुशलता का परिणाम है, इसलिए उस पर शोर मचाने की जरूरत है, ताकि बहरी भाजपा सरकार को उसकी प्रतिध्वनि सुनाई दे.’

आदमपुर से कांग्रेस विधायक कुलदीप बिश्नोई ने ट्वीट किया, ‘ये बयान शर्मनाक हैं. मैं मुख्यमंत्री की सोच की कड़ी निंदा करता हूं.’

खट्टर कोविड-19 मरीजों के वास्ते ऑक्सीजन की आपूर्ति एवं अन्य सुविधाओं की समीक्षा करने के लिए रोहतक, पानीपत, हिसार और फरीदाबाद गए थे.

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘हम हर मुमिकन प्रयास करेंगे ताकि जिंदगियां बचें. मौंतें अधिक हैं या कम, उस बहस में पड़ने का कोई तुक नहीं है.’

उन्होंने कहा, ‘क्या हम तंत्र को सही कर पा रहे हैं या नहीं, प्रश्न यह है. हमारी तरफ से हम चीजें व्यवस्थित कर रहे हैं.’

उन्होंने कहा, ‘कौन जानता था कि यह महामारी आएगी, न आप, न हम. इसका मुकाबला करने के लिए हमें युवकों, मरीजों समेत सभी के सहयोग की जरूरत है. इसलिए ये मुद्दे किसी विवाद का विषय नहीं होने चाहिए.’

मुख्यमंत्री से रोहतक के पीजीआईएमएस अस्तपाल द्वारा चिकित्सकीय ऑक्सीन की कमी के चलते रविवार रात को कुछ समय के लिए मरीजों की भर्ती नहीं करने के बारे में पूछा गया.

उन्होंने कहा कि अस्पताल में ऑक्सीजन का दबाव बहुत घट गया था और यदि वे और मरीजों को लेने लगते तो पहले से भर्ती मरीजों की देखभाल नहीं कर पाते.

खट्टर ने कहा कि लेकिन चीजें सही कर ली गई हैं एवं सोमवार से मरीज भर्ती किए जाने लगे हैं.

हरियाणा में अप्रैल में कोरोना वायरस के मामले तेजी से बढ़ने लगे और कोविड-19 से मृतक संख्या में भी वृद्धि हुई है. राज्य में मंगलवार को एक दिन में सर्वाधिक 84 मरीजों की मौत होने से मृतक संख्या बढ़कर 3,926 हो गई. इस दिन संक्रमण के 11,931 नए मामले आने से संक्रमितों की संख्या बढ़कर 4,47,754 पहुंच गई है.

राज्य में पिछले कुछ दिनों में चिकित्सकीय ऑक्सीजन की मांग बढ़ी है क्योंकि राज्य में वर्तमान में 85,000 से अधिक मरीज उपचाराधीन हैं. अधिकारियों ने बताया कि हरियाणा के अस्पतालों में भी दिल्ली समेत अन्य जगहों से मरीज आ रहे हैं.

गौरतलब है कि बीते दिनों राज्य में दो दिनों में ऑक्सीजन की कमी के चलते तेरह कोरोना संक्रमितों की जान जाने का मामला सामने आया था.

हिसार में सोमवार 26 अप्रैल को पांच लोगों की मौत हुई थी. इसी तरह रविवार 25 अप्रैल को रेवाड़ी के अस्पताल में चार और गुड़गांव के एक अस्पताल में चार लोगों की मौत के मामले सामने आए.

मृतकों के परिजनों ने ऑक्सीजन की कमी से मौत का आरोप लगाया है, हालांकि अस्पताल प्रबंधन ने इससे इनकार किया है. तीनों ही मामलों में जांच के आदेश दे दिए गए हैं.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)