कोविड-19

एलगार परिषद: स्टेन स्वामी और हेनी बाबू के बाद तीन और आरोपी कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए

एक जेल अधिकारी ने बताया कि मुंबई की तलोजा केंद्रीय जेल में बंद एल्गार परिषद मामले में आरोपी महेश राउत, सागर गोरखे और रमेस गाइचोर कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए. बीते मई महीने में सामाजिक कार्यकर्ता स्टेन स्वामी और दिल्ली विश्वविद्यालय के एसोसिएट प्रोफेसर हनी बाबू संक्रमित पाए गए थे.

कबीर कला मंच के कार्यकर्ता सागर गोरखे और रमेस गाइचोर

कबीर कला मंच के कार्यकर्ता सागर गोरखे और रमेस गाइचोर

मुंबई: मुंबई के निकट तलोजा केंद्रीय कारागार में बंद एलगार परिषद-माओवादी संबंध मामले के दस में से तीन आरोपी कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं. एक अधिकारी ने बृहस्पितवार को यह जानकारी दी.

उन्होंने कहा कि नवी मुंबई में स्थित इस जेल में हाल ही में 57 कैदियों की आरटी-पीसीआर जांच की गई थी.

जेल अधिकारी ने कहा कि एलगार परिषद मामले में आरोपी महेश राउत, सागर गोरखे और रमेस गाइचोर कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए, जबकि अन्य 54 संक्रमित नहीं मिले. बुधवार को इनकी रिपोर्ट आई थी.

संक्रमित नहीं पाए गए कैदियों में कार्यकर्ता गौतम नवलखा, आनंद तेलतुम्बड़े, रोना विल्सन, वर्णन गोंसाल्वेस, सुरेंद्र गाडलिंग, सुधीर धवले और अरुण फरेरा शामिल हैं. ये सभी एल्गार परिषद मामले में आरोपी हैं.

इस मामले में कुल 13 आरोपियों में से वरवरा राव, स्टेन स्वामी और हनी बाबू फिलहाल जेल से बाहर हैं.

राव को जमानत मिल चुकी है, जबकि स्टेन स्वामी और हेनी बाबू अस्पताल में भर्ती हैं. बीते मई महीने में स्टेन स्वामी और हेनी बाबू अस्पताल में कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए थे.

एक अन्य आरोपी सुधा भारद्वाज मुंबई में स्थित भायकला जेल में बंद हैं.

तलोजा जेल के अधिकारियों ने इस साल अप्रैल और मई में ऐहतियाती तौर पर 556 कैदियों की आरटी-पीसीआर जांच की थी, जिनमें कुल 14 कैदी वायरस से संक्रमित पाए गए थे. जेल में वर्तमान में 2,972 कैदी हैं.

बता दें कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने एल्गार परिषद मामले में कबीर कला मंच के सांस्कृतिक कार्यकर्ताओं सागर गोरखे और रमेस गाइचोर को सितंबर 2020 में गिरफ्तार किया था.

गढ़चिरौली से विस्थापन मामलों के युवा कार्यकर्ता महेश राउत को पुणे पुलिस ने जून 2018 में गिरफ्तार किया था.

गौरतलब है कि पुणे के ऐतिहासिक शनिवारवाड़ा में 31 दिसंबर 2017 को भीमा-कोरेगांव युद्ध की 200वीं वर्षगांठ से पहले एल्गार परिषद का सम्मेलन आयोजित किया गया था.

पुलिस के मुताबिक, इस कार्यक्रम के दौरान दिए गए भाषणों की वजह से जिले के कोरेगांव-भीमा गांव के आसपास एक जनवरी 2018 को जातीय हिंसा भड़की थी.

इस मामले में देश के नामी 16 शिक्षाविदों, कार्यकर्ताओं, कवि और वकीलों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें सुधीर धावले, शोमा सेन, महेश राउत, रोना विल्सन, सुरेंद्र गाडलिंग, वरवराा राव, सुधा भारद्वाज, अरुण फरेरा, वर्नोन गोंसाल्विस, आनंद तेलतुम्बड़े और गौतम नवलखा हैं.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)