भारत

मेनका गांधी निहायत घटिया महिला, शर्मिंदा हूं कि मेरी पार्टी की नेता हैं: भाजपा विधायक

मध्य प्रदेश के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और पाटन से भाजपा विधायक अजय विश्नोई ने कहा कि गांधी ने पशु चिकित्सक से जिन शब्दों में बात की, उससे वेटरनरी कॉलेज घटिया सिद्ध नही हो जाता है, परंतु यह ज़रूर सिद्ध हो जाता है कि मेनका गांधी निहायत ही घटिया महिला हैं.

भाजपा सांसद मेनका गांधी (फोटो: पीटीआई)

भाजपा सांसद मेनका गांधी (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: मध्य प्रदेश के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और पाटन से भाजपा विधायक अजय विश्नोई ने अपनी पार्टी की सांसद मेनका गांधी द्वारा पशु चिकित्सक के साथ कथित अभद्रता करने की आलोचना की है.

इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, भाजपा विधायक ने ट्विटर पर लिखा, ‘विगत दिवस सांसद श्रीमती मेनका गांधी ने पशुचिकित्सक डॉ. विकाश शर्मा से जिन शब्दों में बात की, उससे वेटरनरी कॉलेज जबलपुर घटिया सिद्ध नही हो जाता है, परंतु यह जरूर सिद्ध हो जाता है कि मेनका गांधी निहायत ही घटिया महिला है. मैं शर्मिंदा हूं कि ये मेरी पार्टी की सांसद (नेता नही) है.’

उल्लेखनीय है कि बीते दिनों एक पशु चिकित्सक ने आरोप लगाया था कि पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने उन्हें कथित रूप से गालियां देते हुए उनका लाइसेंस रद्द कराने की धमकी दी है.

सोशल मीडिया पर इस संबंध में ऑडियो क्लिप सामने आने के बाद विरोध शुरू हो गया, जिसमें गांधी ने चिकित्सक डॉ. विकास शर्मा की डिग्रियों पर भी प्रश्नचिह्न लगाया है. वह एक व्यक्ति से उसके कुत्ते की सर्जरी करने की खातिर लिए गए धन को भी लौटाने के लिए कह रही हैं.

ऑडियो क्लिप में आवाज की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकती है, लेकिन चिकित्सक ने आरोप लगाए कि उन्हें सीतापुर की सांसद ने फोन किया था.

इस ऑडियो में सांसद उनसे कहती सुनाई देती हैं कि कुत्ते की सर्जरी के लिए ली गई धनराशि नहीं लौटाने की सूरत में जिलाधिकारी से कहकर उनका क्लीनिक बंद करवा देंगी. उन्होंने उन्हें जेल भेजने की धमकी भी दी जाती है. सांसद ने ऑडियो में कहा कि दूसरे डॉक्टर ने शर्मा द्वारा की गई सर्जरी को खराब काम बताया.

शर्मा ने कहा, ‘मुझे सांसद मेनका गांधी का 21 जून को कुत्ते की सर्जरी के बारे में फोन आया. उन्होंने मुझे कहा कि वह 70 हजार रुपये मुआवजे का भुगतान कुत्ता मालिक को करें अन्यथा वह उनका लाइसेंस रद्द करा देंगी.’

इसके बाद इंडियन वेटनरी एसोसिएशन ने भाजपा सांसद से उनकी टिप्पणी वापस लेने और सार्वजनिक माफ़ी की मांग की थी.