राजनीति

यूपी जिला पंचायत अध्यक्ष: 17 भाजपा प्रत्याशियों का निर्विरोध निर्वाचन तय, सपा ने लगाया आरोप

उत्तर प्रदेश में जिला पंचायत अध्यक्ष के पदों के निर्वाचन के लिए नामांकन दाख़िल हो गया है. राज्य के 75 में से 18 जिलों में एक ही उम्मीदवार के मैदान में होने से उनका निर्विरोध चुना जाना तय है. इनमें से 17 भाजपा के हैं. सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने आरोप लगाया है कि प्रदेश की भाजपा सरकार ने उनके प्रत्याशियों को नामांकन कराने से रोका है.

योगी आदित्यनाथ और अखिलेश यादव. (फोटो: पीटीआई)

योगी आदित्यनाथ और अखिलेश यादव. (फोटो: पीटीआई)

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में जिला पंचायत अध्यक्ष के पदों के निर्वाचन के लिए शनिवार को उम्मीदवारों ने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया. हालांकि, 75 में से 18 जिलों में एक ही उम्मीदवार के मैदान में होने से उनका निर्विरोध चुना जाना तय है.

एक ही उम्मीदवार के मैदान में उतरने को लेकर समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने आरोप लगाया है कि प्रदेश की भाजपा सरकार ने उनके प्रत्याशियों को चुनाव में नामांकन कराने से रोका है.

राज्‍य निर्वाचन आयोग ने उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में जिला पंचायत अध्यक्ष के निर्वाचन के लिए शनिवार (26 जून) नामांकन पत्र दाखिल करने की तारीख तय की थी.

प्रदेश के विभिन्न जिलों में मिली खबर के मुताबिक, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), समाजवादी पार्टी (सपा), अपना दल (एस) और राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) समेत निर्दलीय उम्मीदवारों ने अपना पर्चा दाखिल किया है.

राज्य निर्वाचन आयुक्त द्वारा शनिवार देर रात जारी बयान के मुताबिक, 18 जिलों में एक ही प्रत्याशी का नामांकन वैध पाया गया है. यह जिले मेरठ, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर, अमरोहा, मुरादाबाद, आगरा, इटावा, ललितपुर, झांसी, बांदा, चित्रकूट, श्रावस्ती, बलरामपुर, गोंडा, गोरखपुर, मऊ और वाराणसी हैं. इस आधार पर यह मान सकते हैं कि इन जिलों के उम्मीदवारों का निर्विरोध निर्वाचित होना तय हैं.

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, इनमें से 18 जिलों में से 17 में भाजपा और एक में सपा उम्मीदवार का निर्वाचन तय है. इन जिलों में से इटावा को छोड़कर अन्य 17 जिलों पर भाजपा का जिला पंचायत अध्यक्ष होगा.

निर्विरोध निर्वाचन की घोषणा 29 जून को नाम वापसी के बाद होगी. चुनाव होने वाली 57 सीटों में 41 ऐसी हैं, जिनमें दो प्रत्याशियों के बीच सीधा मुकाबला होगा. 11 सीटें ऐसी हैं, जहां पर त्रिकोणीय मुकाबला होगा. सर्वाधिक पांच उम्मीदवार भदोही में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. चार सीटों में चार-चार प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं.

इस बीच सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट किया, ‘गोरखपुर व अन्य जगह जिस तरह भाजपा सरकार ने पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में समाजवादी पार्टी के प्रत्याशियों को नामांकन करने से रोका है, वो हारी हुई भाजपा का चुनाव जीतने का नया प्रशासनिक हथकंडा है. भाजपा जितने पंचायत अध्यक्ष बनाएगी, जनता विधानसभा में उन्हें उतनी सीट भी नहीं देगी.

बहरहाल, गोरखपुर से मिली जानकारी के अनुसार, भाजपा प्रत्याशी साधना सिंह ने अपना पर्चा दाखिल किया है. उनके निर्विरोध जीतने की संभावना है, क्योंकि सपा प्रत्याशी अपना नामांकन दाखिल नही कर पाए हैं.

कौशांबी से मिली जानकारी के अनुसार, जिला पंचायत अध्यक्ष पद हेतु भाजपा से कल्पना सोनकर तथा सपा से विज्मा दिवाकर ने नामांकन दाखिल किया. बसपा से किसी प्रत्याशी ने नामांकन दाखिल नहीं किया.

बलिया से मिली खबर के अनुसार, बलिया में जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए भाजपा की सुप्रिया चौधरी व सपा से आनंद चौधरी ने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया. सपा उम्मीदवार को सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी ने अपना समर्थन दिया है.

गाजीपुर में भाजपा की सपना सिंह तथा सपा की कुसुमलता यादव के अलावा रेखा ने जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए नामांकन पत्र दाखिल किया. बदायूं में बाहुबली और पूर्व विधायक डीपी यादव के भतीजे की पत्नी वर्षा यादव ने भाजपा से जबकि सपा से पूर्व विधायक सिनोद शाक्य की पत्नी सुनीता शाक्य ने नामांकन पत्र दाखिल किया है.

फिरोजाबाद के जिला निर्वाचन अधिकारी चंद्र विजय सिंह ने बताया कि जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए सपा से रुचि यादव ने शनिवार सुबह अपना नामांकन पत्र दाखिल किया, जबकि दोपहर को भाजपा प्रत्याशी हर्षिता सिंह ने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया.

अमेठी जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए भाजपा उम्मीदवार के रूप राजेश अग्रहरि (राजेश मसाला) ने नामांकन पत्र दाखिल किया, जबकि सपा से गौरीगंज के पार्टी विधायक राकेश प्रताप सिंह की पत्नी शीलम सिंह ने नामांकन पत्र दाखिल किया है.

बागपत में जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव को लेकर एक दिन में ही उम्मीदवार की निष्ठा कई बार बदली. शनिवार सुबह के वक्त राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) की उम्मीदवार रहीं ममता किशोर ने भाजपा का दामन थामा था, लेकिन कुछ ही घंटे बाद उन्होंने रालोद में वापसी कर ली है.

यहां रालोद ने ममता किशोर को और भाजपा ने बबली देवी को प्रत्याशी बनाया है. ममता किशोर का कहना है कि जबरन उन्हें भाजपा की सदस्यता दिलाई गई थी, लेकिन अब वो अपने घर वापस आ गई हैं.

एटा में जिला पंचायत अध्यक्ष पद के प्रतिष्ठा पूर्ण चुनाव में आज सपा व भाजपा के प्रत्याशियों ने अध्यक्ष पद के लिए अपना-अपना नामांकन किया. यहां सपा की पूर्व घोषित प्रत्याशी रेखा यादव ने कलेक्ट्रेट स्थित जिला निर्वाचन अधिकारी अंकित अग्रवाल के समक्ष अपना नामांकन पत्र प्रस्तुत किया. वहीं, भाजपा की ओर से विनीता यादव इस पद के लिए उम्मीदवार हैं. गीता देवी ने भी जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल किया है.

भदोही की जिलाधिकारी आर्यका अखौरी ने बताया कि जिला पंचायत पद अध्यक्ष पद के लिए अमित कुमार सिंह उर्फ़ प्रिंस ने भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी के तौर पर और अनिरुद्ध त्रिपाठी तथा चंद्रभूषण त्रिपाठी ने निर्दल उम्‍मीदवार के रूप में अपना-अपना पर्चा दाखिल किया है.

उधर समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम ने 11 जिलों के पार्टी अध्यक्षों को पद से हटा दिया है. पार्टी द्वारा जारी बयान के मुताबिक, गोरखपुर, मुरादाबाद, झांसी, आगरा, गौतमबुद्धनगर, मऊ, बलरामपुर, श्रावस्ती, भदोही, गोंडा और ललितपुर के पार्टी जिलाध्यक्षें को हटाया गया है. पार्टी सूत्रों के मुताबिक, यह वह जिले हैं जहां सपा प्रत्याशी अपना नामांकन दाखिल नहीं कर पाए थे.

राज्‍य निर्वाचन आयुक्‍त मनोज कुमार ने बताया कि आगामी 29 जून तक उम्मीदवार अपना नामांकन वापस ले सकते हैं. उन्होंने बताया कि तीन जुलाई को सुबह 11 बजे से अपराह्न तीन बजे तक मतदान तथा उसके बाद मतगणना होगी.

राज्य निर्वाचन आयुक्त कार्यालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, त्रिस्तरीय पंचायत सामान्य निर्वाचन 2021 के अध्यक्ष जिला पंचायत के पदों के मतदान एवं मतगणना को स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी एवं शांतिपूर्ण कराने हेतु प्रदेश के समस्त जनपदों में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को प्रेक्षक के रूप में तैनात किया गया है.

कुमार ने तैनात प्रेक्षकों को निर्देश दिए हैं कि संबंधित प्रेक्षक अपने तैनाती जनपदों के मुख्यालय में आगामी दो जुलाई के पूर्वाह्न तक अवश्य पहुंच जाए और इसकी लिखित सूचना आयोग को उपलब्ध कराएं.

उन्होंने प्रेक्षकों को अपने तैनाती जनपद मुख्यालय पहुंचकर मतदान एवं मतगणना की समुचित तैयारियों के बारे में संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर निष्पक्ष, पारदर्शी, स्वतंत्र एवं शांतिपूर्ण निर्वाचन सम्पन्न कराने हेतु आवश्यकतानुसार व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया है.

उन्होंने कहा कि तैनात प्रेक्षक संबंधित जनपदों में की गई तैयारियों का निरीक्षण अवश्य कर लें और कोई गम्भीर समस्या एवं अनियमितता परिलक्षित होती है तो आयोग के संज्ञान में तत्काल लाई जाए.

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश के त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के दौरान कुल 3,050 जिला पंचायत सदस्य चुने गए थे. इनमें से समाजवादी पार्टी के 747, भारतीय जनता पार्टी के 666, बहुजन समाज पार्टी के ï322, कांग्रेस के 77, आम आदमी पार्टी के 64 और 1,174 निर्दलीय प्रत्याशी चुनाव जीते थे.

रिपोर्ट के अनुसार, अब 75 जिला पंचायत अध्यक्षों में 18 का निर्विरोध निर्वाचन तय हो गया है, जिनमें से 17 भाजपा तथा एक समाजवादी पार्टी का है. 75 में से अब 58 जिलों में चुनाव के बाद विजेता तय होगा, जिसमें भी मुख्य लड़ाई में भाजपा तथा समाजवादी पार्टी ही हैं.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)