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महाराष्ट्र: रायगढ़ ज़िले में भूस्खलन के कारण 36 लोगों की मौत

महाराष्ट्र के तटीय रायगढ़ ज़िले में यह हादसा महाड तहसील के तलाई गांव में बृहस्पतिवार शाम को हुआ. इस हादसे में मृतकों की संख्या बढ़ सकती है. मुंबई के गोवंडी में मकान ढहने से चार की मौत होने की सूचना है. पिछले दो दिनों से राज्य में हो रही भारी बारिश के कारण रायगढ़, रत्नागिरी, पालघर, ठाणे, सिंधुदुर्ग, कोल्हापुर, सांगली और सतारा ज़िलों में भीषण बाढ़ आई हुई है, जिसके कारण कई हादसे भी हो चुके हैं.

महाराष्ट्र के रत्नागिरी जिले के चिपलून इलाके का एक बाढ़ग्रस्त क्षेत्र. (फोटो पीटीआई)

मुंबई/पुणे/नई दिल्ली: महाराष्ट्र के तटीय रायगढ़ जिले में एक गांव के नजदीक भूस्खलन होने के कारण 36 लोगों की मौत हो गई है. पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी.

पुलिस के मुताबिक, यह हादसा महाड तहसील के तलाई गांव में बृहस्पतिवार शाम को हुआ. इस हादसे में मृतकों की संख्या बढ़ सकती है. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘भूस्खलन वाली जगह से अब तक 36 शव बरामद किए गए हैं.’

राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), स्थानीय आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ, पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें राहत एवं बचाव अभियान में जुटी हुई हैं. रायगढ़ की जिलाधिकारी निधि चौधरी ने कहा कि बृहस्पतिवार देर शाम भूस्खलन की घटना की सूचना मिली थी.

जिलाधिकारी ने कहा, ‘बाढ़ और कीचड़ के कारण घटनास्थल की ओर जाने वाले रास्ते अवरुद्ध हो गए थे, इसलिए राहत एवं बचाव दल को घटनास्थल तक पहुंचने में कठिनाई का सामना करना पड़ा. आज सुबह राहत एवं बचाव अभियान दोबारा शुरू किया और अपराह्न तक शव बरामद किए गए.’

अधिकारियों के मुताबिक गांव में करीब 30 घर इस हादसे के कारण वे पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए हैं.

पिछले दो दिनों से भारी बारिश के कारण रायगढ़, रत्नागिरी, पालघर, ठाणे, सिंधुदुर्ग, कोल्हापुर, सांगली और सतारा जिलों में भीषण बाढ़ आई हुई है. महाराष्ट्र के कई हिस्सों में पिछले कई दिनों से लगातार बारिश हो रही है, जिसके कारण कई हादसे भी हो चुके हैं.

बारिश से प्रभावित कोंकण इलाके से लोगों का बचाव कार्य जारी: मुख्यमंत्री

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने शुक्रवार को कहा कि बारिश से प्रभावित कोंकण के पहाड़ी एवं भूस्खलन की आशंका वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है और रायगढ़ जिले में लोगों की मृत्यु पर उन्होंने दुख जताया.

मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी एक बयान के मुताबिक उन्होंने बचाव प्रक्रिया में लोगों से स्थानीय प्रशासन का सहयोग करने की अपील की. ठाकरे ने लोगों से कहा कि राज्य के कई इलाकों में अगले दो दिनों तक भारी बारिश का अनुमान जताए जाने को देखते हुए लोग सतर्क रहें. उन्होंने कहा कि स्थानीय प्रशासन को समन्वय के साथ काम करना चाहिए, ताकि वर्षा से प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव अभियान सुचारू चल सके.

मुख्यमंत्री ने मंत्रालय (राज्य सचिवालय) में आपदा प्रबंधन प्राधिकरण नियंत्रण कक्ष का दौरा किया और कोंकण तथा पश्चिम महाराष्ट्र में भारी बारिश एवं बाढ़ से उपजी स्थिति का जायजा लिया.

मुख्यमंत्री ने राज्य में बारिश से संबंधित घटनाओं में मारे गए लोगों लिए पांच पांच लाख रुपये की आर्थिक मदद की घोषणा की है. हादसों में घायल होने वालों के इलाज का खर्च भी राज्य सरकार उठाएगी.

प्रधानमंत्री ने मृतकों के परिजनों के लिए दो-दो लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा की

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को महाराष्ट्र के तटीय जिले रायगढ़ में भूस्खलन होने के कारण हुए जान-माल के नुकसान पर दुख जताया और मृतकों के परिजनों के लिए दो-दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की.

मोदी ने कहा कि महाराष्ट्र में भारी बारिश से उत्पन्न हुई स्थिति पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है और प्रभावितों को हरसंभव मदद पहुंचाई जा रही है.

प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर कहा, ‘महाराष्ट्र के रायगढ़ में भूस्खलन में हुए जान के नुकसान से दुखी हूं. पीड़ित परिवारों के प्रति मेरी संवेदनाएं. घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं. भारी बारिश से महाराष्ट्र में पैदा हुई स्थिति पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है और प्रभावितों को हरसंभव मदद पहुंचाई जा रही है.’

इस बीच प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक ट्वीट में बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने रायगढ़ में भूस्खलन से अपनी जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है. घायलों को 50,000 रुपये की राशि प्रदान की जाएगी.

इससे पहले उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने भी इस घटना पर शोक जताया.

उन्होंने एक ट्वीट में कहा, ‘महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में अतिवृष्टि और भूस्खलन के कारण हुई जान माल की क्षति का समाचार पा कर व्यथित हूं. शोक संतप्त प्रभावित परिवारों के प्रति हार्दिक संवेदना व्यक्त करता हूं. घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए ईश्वर से प्रार्थना करता हूं.’

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से शुक्रवार को बात की और रायगढ़ में भारी बारिश एवं भूस्खलन के बाद उत्पन्न स्थिति की जानकारी ली, जिसमें कम से कम 36 लोगों की मौत हो गई है.

शाह ने कहा कि केंद्र, महाराष्ट्र सरकार को राज्य में उत्पन्न स्थिति से निपटने में हरसंभव मदद कर रहा है. उन्होंने ट्वीट किया, ‘महाराष्ट्र के रायगढ़ में भारी बारिश व भूस्खलन के कारण हुआ हादसा अत्यंत दुखद है. इस संबंध में मैंने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) मुख्यालय के महानिदेशक (डीजी) से बात की है. एनडीआरएफ की टीम राहत व बचाव कार्यों में जुटी हुई है. केंद्र सरकार लोगों की जान बचाने के लिए वहां हर सम्भव मदद पहुंचा रही है.’

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में भारी बारिश के बाद हुए भूस्खलन से 36 लोगों की मौत पर शुक्रवार को दुख जताया और पार्टी कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वे राहत एवं बचाव कार्य में मदद करें.

उन्होंने ट्वीट किया, ‘मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है. मैं कांग्रेस कार्यकर्ताओं से अपील करता हूं कि वे राहत और बचाव कार्य में सहयोग करें. बारिश से लगातार तबाही हो रही है और महाराष्ट्र के कई हिस्सों में जीवन बाधित है. कृपया सुरक्षित रहें.’

मुंबई के गोवंडी में मकान ढहने से चार की मौत, सात लोग घायल

पूर्वी मुंबई में गोवंडी के शिवाजी नगर इलाके में शुक्रवार सुबह एक इमारत ढह जाने से चार लोगों की मौत हो गई और सात अन्य घायल हो गए.

मुंबई में लगातार हो रही बारिश से गिरा मकान. (फोटो: पीटीआई)

महानगरपालिका के एक अधिकारी ने बताया कि यह घटना सुबह करीब पांच बजे बॉम्बे सिटी हॉस्पिटल के पास प्लॉट संख्या तीन पर हुई.

बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के अधिकारी ने बताया, ‘घटना की जानकारी मिलने पर, दमकल की सात गाड़ियां और दमकल की एक बचाव वैन और पुलिसकर्मियों के साथ-साथ अन्य एजेंसी के कर्मी मौके पर पहुंचे तथा तलाश एवं बचाव अभियान चलाया.’

उन्होंने बताया कि घटना में अब तक चार लोगों की मौत हो चुकी है और सात अन्य घायल हो गए.

अधिकारी ने बताया कि घटना के बाद घायलों को दो अस्पतालों- घाटकोपर स्थित राजावाड़ी अस्पताल और सायन में लोकमान्य तिलक मेमोरियल हॉस्पिटल ले जाया गया.

हालांकि, राजावाड़ी अस्पताल के चिकित्सकों ने दो को मृत घोषित कर दिया. दो मृतकों की पहचान नेहा परवेज शेख (35) और मोकर जाबिर शेख (80) के तौर पर हुई है. उन्होंने बताया कि नाजुक हालत में भर्ती कराई गए एक महिला जिसकी पहचान शमशाद शेख (45) के तौर पर हुई है, उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई.

बीएमसी अधिकारी ने बताया, ‘इस बीच, 22 वर्षीय फरीन शेख को मलबे से बाहर निकाला गया और राजावाड़ी अस्पताल ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने भर्ती करने से पहले ही उसे मृत घोषित कर दिया.’

दमकल के एक अधिकारी ने बताया कि अब तक मलबे से 15 लोगों को बाहर निकाला गया है और अभियान अब भी जारी है.

अधिकारी ने बताया कि अन्य सभी का इलाज चल रहा है और उनकी स्थिति स्थिर बनी हुई है.

सतारा जिले में दो भूस्खलनों में करीब 20 लोगों के फंसे होने की आशंका

पश्चिम महाराष्ट्र के सतारा जिले के पाटन तहसील में दो स्थानों पर हुए भूस्खलन में कम से कम 20 लोगों के फंसे होने की आशंका है. यह जानकारी पुलिस ने दी.

सतारा (ग्रामीण) के पुलिस अधीक्षक अजय कुमार बंसल ने कहा कि अंबेघर और मीरागांव में रात के दौरान भूस्खलन हुए. इससे पहले बृहस्पतिवार की सुबह रायगढ़ जिले में बड़ा भूस्खलन हुआ था. एसपी ने कहा कि कुछ लोगों को बचाया गया है.

बंसल ने कहा, ‘अंबेघर में चार घरों में 13 या 14 लोगों के फंसे होने की आशंका है, जबकि मीरागांव में तीन घरों में आठ से दस लोगों के फंसे होने की आशंका है.’ उन्होंने कहा कि बचाव कार्य जारी हैं.

एसपी ने कहा कि सतारा जिले में लगातार बारिश के कारण दो गांव या तो कट गए हैं या डूब गए हैं, जिससे राहत कार्यों के लिए भारी मशीन लाने में परेशानी हो रही है.

सतारा जिले में पाटन के मीरगांव से राष्ट्रीय आपदा मोचन बल के दल ने 221 लोगों को बचाया है.

रत्नागिरी जिले में भूस्खलन के बाद 10 लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका

महाराष्ट्र के रत्नागिरी जिले में भूस्खलन के बाद मलबे में कम से कम 10 लोगों के फंसे होने की आशंका है. एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी.

उन्होंने कहा कि एक अन्य घटना में चिपलून शहर में बाढ़ का पानी कुछ हद तक कम होने के बाद एक व्यक्ति का शव बरामद किया गया.

रत्नागिरी जिले के कुछ हिस्से पिछले कुछ दिनों से भारी बारिश के कारण बाढ़ की चपेट में हैं. जिले की प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं.

अधिकारी ने कहा, ‘जिले में भूस्खलन के बाद मलबे के नीचे कम से कम 10 लोगों के फंसे होने की आशंका है. बचाव टीम मौके पर पहुंच गई है. स्थानीय निवासियों ने पुलिस को इसकी सूचना दी.’

हालांकि, घटना का सटीक स्थान, समय और अन्य जानकारियां अभी तक ज्ञात नहीं है.

अधिकारी ने कहा कि खराब मोबाइल नेटवर्क के कारण संपर्क स्थापित करना मुश्किल हो गया है और यह प्रभावित लोगों तक पहुंचने और उनके आपात संदेश का जवाब देने में बाधा उत्पन्न कर रहा है. उन्होंने कहा कि चिपलून में मिले शव की शिनाख्त की प्रक्रिया जारी है.

बृहस्पतिवार देर रात चिपलून पहुंचे महाराष्ट्र के मंत्री उदय सामंत ने कहा, ‘चिपलून शहर के कई हिस्सों से अब पानी कम हो गया है, लेकिन यह सच है कि जल स्तर बहुत अधिक था और यह 2005 में आई बाढ़ के निशान को पार कर गया था. नुकसान का आकलन कार्य शुक्रवार शाम तक शुरू हो जाएगा. अब सड़कों की सफाई, गलियों से कीचड़ हटाना प्राथमिकता है. बिजली वितरण कंपनी की कई टीमें भी क्षेत्र में बिजली बहाल करने का काम कर रही हैं.’

महाराष्ट्र के वर्षा ग्रस्त छह जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी, अत्यधिक बारिश का पूर्वानुमान

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने शुक्रवार को महाराष्ट्र के वर्षा ग्रस्त छह जिलों के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी करते हुए ‘अत्यधिक बारिश’ का पूर्वानुमान व्यक्त करते हुए एहतियाती उपायों की अनुशंसा की है.

महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले का एक बाढ़ग्रस्त इलाका. (फोटो: पीटीआई)

अगले 24 घंटों के लिए तटीय कोंकण इलाके में रायगढ़, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग जिलों के साथ ही पश्चिमी महाराष्ट्र के पुणे, सतारा और कोल्हापुर जिलों में रेड अलर्ट जारी किया गया है.

मौसम विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि घाट इलाकों में कुछ जगहों पर बेहद भारी बारिश होने की ‘काफी संभावना’ है. उन्होंने बताया कि ‘काफी संभावना’ से आशय 51 से 75 फीसद संभावना से है.

उन्होंने कहा कि सतारा के लिए पूर्वानुमान ‘सर्वाधिक संभावना’ के दायरे में है, जिसका आशय है कि बारिश होने की उम्मीद 75 प्रतिशत से ज्यादा है.

विभाग के मुताबिक, 24 घंटे के अंदर 204.4 मिलीमीटर बारिश को बेहद भारी बारिश माना जाता है. पूर्वानुमान में रत्नागिरी और सतारा के लिए शनिवार को भी रेड अलर्ट जारी किया गया है.

मौसम विभाग ने कहा कि रविवार के बाद से बारिश की तीव्रता में काफी कमी आएगी.

महाबलेश्वर में भारी बारिश से रत्नागिरि, रायगढ़ जिलों में तबाही: अधिकारी

महाराष्ट्र के महाबलेश्वर और सतारा जिले के नवाजा में पिछले दो दिनों में हुई अत्यधिक भारी बारिश से राज्य के निकटवर्ती तटीय क्षेत्र के कुछ हिस्सों, खासकर रत्नागिरि और रायगढ़ जिलों में बाढ़ आ गई है . अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी.

कोंकण क्षेत्र के इन दो जिलों में कई स्थान पानी में डूबे हुए हैं और प्रशासन वहां फंसे हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने के लिए कदम उठा रहा है.

पुणे में भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के वरिष्ठ वैज्ञानिक के एस होसलिकर ने कहा कि सतारा में लोकप्रिय पर्वतीय क्षेत्र महाबलेश्वर में 22 जुलाई को सुबह साढ़े आठ बजे से 23 जुलाई को देर रात एक बजे तक, करीब 17 घंटों में 483 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है.

इससे पहले 22 जुलाई को समाप्त हो रहे 24 घंटे की अवधि में, इसी मौसम केंद्र ने वहां 461 मिलीमीटर बारिश दर्ज की थी.

मौसम विभाग के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में 204.4 मिलीमीटर से ज्यादा बारिश को अत्यधिक भारी बारिश माना गया है.

हालांकि, महाबलेश्वर और नवाजा में राज्य सरकार के अलग-अलग विभागों द्वारा दर्ज आंकड़े दिखाते हैं कि बारिश इससे कहीं ज्यादा थी.

भौगोलिक दृष्टि से, महाबलेश्वर सह्याद्रि पर्वत श्रृंखला (पश्चिमी घाट) के शीर्ष बिंदुओं में से एक है जो महाराष्ट्र को तटीय क्षेत्र और पठार के बीच विभाजित करता है.

इसी प्रकार की भारी वर्षा सतारा जिले में महाराष्ट्र के प्रमुख पन-बिजली संयंत्र कोयना पर स्थापित मौसम केंद्र, नवाजा में भी दर्ज की गई.

अधिकारियों ने बताया कि रत्नागिरि जिले में चिपलून नवाजा के पश्चिम में है जहां इसी अवधि में 300 मिमी से ज्यादा वर्षा दर्ज की गई.

आईएमडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘महाबलेश्वर और महाद (रायगढ़ जिले में) के साथ ही नवाजा और चिपलून में हवाई दूरी ज्यादा नहीं है इसलिए इन शीर्ष बिंदुओं पर भारी बारिश से पानी इन कस्बों की तरफ बहकर आ रहा है.’

रायगढ़ जिला कलेक्ट्रेट से एक अधिकारी ने बताया कि महाद तहसील में, पोलादपुर में 22 जुलाई से 23 जुलाई के बीच 305 मिमी बारिश हुई. अगर शुक्रवार को भी बारिश जारी रहती है तो अधिकारियों के लिए तलाश एवं बचाव अभियान चलाना बहुत मुश्किल होगा.

रत्नागिरि जिलाधिकारी बीएन पाटिल ने कहा कि यह चिपलून में पिछले 40 वर्षों में हुई सबसे बुरी बारिश है.

कोल्हापुर पालक मंत्री सतेज पाटिल ने कहा, पंचगंगा नदी पर बने राजाराम ब्रिज पर जलस्तर 54 फीट पर पहुंच चुका है. मैं लोगों से अनुरोध करता हूं वे बचाव दल का सहयोग करते हुए लोगों को निकालने में मदद करें. मैं लोगों से यह भी अपील करता हूं कि अपने घरों में रहें क्योंकि अगले 48 घंटे संकटमय हैं.

अजित पवार ने महाराष्ट्र में बाढ़ के हालात पर की राजनाथ सिंह से चर्चा

महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार ने राज्य में बाढ़ से बिगड़ते हालात पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ शुक्रवार को चर्चा की. पवार के कार्यालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि रक्षा मंत्री ने राहत एवं बचाव अभियानों में रक्षा बलों की मदद का आश्वासन दिया है. सेना और नौसेना की टीमें राज्य में पहले ही तैनात कर दी गई हैं.

बयान में कहा गया कि महाराष्ट्र के राहत एवं पुनर्वास सचिव असीम गुप्ता को रक्षा मंत्रालय के साथ समन्वय के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है.

जिला संरक्षण मंत्रियों तथा निर्वाचित स्थानीय प्रतिनिधियों से बाढ़ प्रभावित जिलों में जाने को कहा गया है. बयान के अनुसार, रायगढ़ की संरक्षण मंत्री अदिति तटकरे, रत्नागिरी के संरक्षण मंत्री अनिल परब आदि से अपने क्षेत्रों में मौजूद रहने और राहत तथा बचाव अभियानों की निगरानी करने को कहा गया है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)