कोविड-19

महाकालेश्वर मंदिर में कोविड नियमों का उल्लंघन कर उमड़ा हुजूम, धक्का-मुक्की में कई घायल

मध्य प्रदेश के उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर के बाहर सावन के पहले सोमवार के मौके पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी थी. मंदिर में घुसने के प्रयास में लोगों में आपस में धक्का-मुक्की शुरू हो गई, जिसके बाद भगदड़ जैसी स्थिति होने पर परिसर का एक बैरिकेड टूट गया और कुछ लोग घायल हो गए.

उज्जैन के महाकालेश्वर शिव मंदिर के बाहर भक्तों की भीड़ (फोटोः स्क्रीनग्रैब)

नई दिल्लीः मध्य प्रदेश के उज्जैन के महाकालेश्वर शिव मंदिर में सोमवार को भगदड़ जैसी स्थिति के बाद कई लोग घायल हो गए.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें लोगों को मंदिर में घुसने का प्रयास करते हुए धक्का-मुक्की करते देखा जा सकता है. इस दौरान अनियंत्रित होकर कई लोग जमीन पर गिर गए.

एक अधिकारी ने बताया कि धक्का-मुक्की के दौरान कई लोग जमीन पर गिर गए, जिससे बैरिकेड टूट गया.

दरअसल सावन के पहले सोमवार के मौके पर मंदिर में भक्तों की भीड़ जुटी थी. मंदिर के एक सहायक प्रशासक मूलचंद जूनवाल ने बताया, ‘सोमवार सुबह गभग 8.30 बजे बड़ी संख्या में लोगों ने दर्शन के लिए मंदिर में घुसने की कोशिश की और इस कोशिश में मंदिर परिसर के गेट नंबर चार का बैरिकेड टूट गया. बैरिकेड टूटने के बाद कई लोगों ने दर्शन के लिए भीतर  भागने की कोशिश की, लेकिन सौभाग्य से कोई अप्रिय घटना नहीं हुई.’

उन्होंने कहा, ‘सावन का पहला सोमवार होने की वजह से लोगों को प्री-बुकिंग के अलावा भी दर्शन के लिए कतारों में खड़े होने की मंजूरी दी गई. हालांकि, मंदिर पहुंचने वाली भीड़ हमारे अनुमान से अधिक थी.’

वहीं, प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि मंदिर के बाहर बड़ी संख्या में भीड़ जमा थी और इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग और कोविड-19 नियमों का उल्लंघन किया गया.

उज्जैन के जिलाधिकारी आशीष सिंह ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा, ‘अगले सोमवार को स्थिति सामान्य रहेगी. बीते सोमवार को हुई घटना अपवाद थी. हम अगले सोमवार के लिए योजना बनाएंगे और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराया जाएगा.’

बता दें कि उज्जैन महाकालेश्वर मंदिर भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है और पिछले महीने उन लोगों के लिए खोला गया जिन्हें कोरोना वैक्सीन की कम से कम एक डोज लगवा ली है या फिर जिनकी 48 घंटे पहली की आरटीपीसीआर रिपोर्ट निगेटिव है.

प्रशासन ने मंदिर में प्रवेश के लिए सुबह छह से रात आठ बजे के बीच दर्शन के लिए 3,500 लोगों की सीमा तय की है.