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सिंघू बॉर्डर: बैरिकेड से बंधा व्यक्ति का क्षत-विक्षत शव मिला, निहंग सिखों पर आरोप

दिल्ली-हरियाणा सिंघू बॉर्डर पर पर किसानों के प्रदर्शनस्थल के पास शुक्रवार सुबह एक शख़्स का क्षत-विक्षत शव बरामद किया गया. शख़्स को बैरिकेड से बांधा गया था. उसकी कलाई कटी हुई थी और उसके टखने और पैर टूटे हुए थे. घटना से संबंधित एक वायरल वीडियो में निहंग सिखों द्वारा कथित तौर पर सिखों के पवित्र ग्रंथ की बेअदबी के आरोप में उसकी हत्या करने की बात कही जा रही है.

सिंघू बॉर्डर पर लगे नए अवरोधक. (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: दिल्ली-हरियाणा की सीमा (सिंघू बॉर्डर) पर किसानों के प्रदर्शनस्थल के पास एक व्यक्ति की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई और उसका हाथ काट दिया गया. उसके शरीर को भी धातु के तार से बांध दिया गया था.

सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो क्लिप में कुछ निहंगों को जमीन पर खून से लथपथ पड़े एक व्यक्ति के पास खड़े हुए देखा गया है और उसका बायां हाथ कटा हुआ पड़ा है. निहंगों को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि मृतक को सिखों की पवित्र किताब की बेअदबी के लिए सजा दी गई है.

कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली से लगती सीमाओं पर तीन स्थानों पर प्रदर्शन कर रहे किसान संगठनों के साझा मंच संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने बताया कि इस नृशंस हत्या की जिम्मेदारी निहंगों के समूह ने ली है. उनका दावा है कि मृतक ने सिखों की पवित्र किताब सर्बलोह ग्रंथ की बेअदबी करने की कोशिश की थी.

वरिष्ठ किसान नेता अभिमन्यु कोहर ने बताया कि निहंगों के समूह ने कथित तौर पर उस व्यक्ति की हत्या की है और वे किसान मोर्चा के प्रदर्शन का हिस्सा नहीं है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए. उन्होंने दावा किया कि मृतक कुछ समय से निहंगों के उसी समूह के साथ रह रहा था.

पुलिस ने बताया कि मृतक लखबीर सिंह पंजाब के तरण तारण जिले के चीमा खुर्द के रहने वाले और पेशे से मजदूर थे. उनकी आयु 35 वर्ष के आसपास है. उनका शव धातु के एक अवरोधक (बैरिकेड) से बंधा हुआ मिला, जो केंद्र के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ 10 महीनों से आंदोलन कर रहे किसानों द्वारा बनाए एक मंच के नजदीक है.

किसानों का प्रदर्शन स्थल दिल्ली-हरियाणा सीमा के पास सिंघू बार्डर पर स्थित है.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, इस घटना के वीडियो और तस्वीरों में देखा जा सकता है कि एक शख्स को पुलिस बैरिकेड से बांधा गया है. उसकी कलाई कटी हुई है और उसके टखने और पैर टूटे हुए हैं.

एक अन्य वीडियो में एक व्यक्ति दावा कर रहा है कि तड़के लगभग तीन बजे इस शख्स (मृतक) को एक स्वयंसेवक ने प्रदर्शनस्थल पर गुरुद्वारा साहिब के पास देखा था.

यह शख्स कथित तौर पर कहता है, ‘अज्ञात शख्स पवित्र किताब को उठाने की कोशिश कर रहा था. एक स्वयंसेवक ने उसे देख लिया. हमने उसे पकड़ लिया और उससे पूछा कि उसे किसने भेजा है. हमने उसके पैर तोड़ दिए और उसका हाथ काट दिया. उसे यहां बांध दिया है. जिसने भी उसे भेजा है, वह अब यहां आ सकता है. हम उसे भी मार देंगे. उसने गुरुग्रंथ साहिब का अपमान किया है. पुलिस अपनी जांच कर सकती है.’

रिपोर्ट के अनुसार, स्थानीय लोगों और गांव के सरपंच के मुताबिक, ‘सिंह अपनी बहन के साथ रहता था. उसके माता-पिता नहीं है.’ स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने आखिरी बार मंगलवार को उसे गांव में देखा था.

गांव के सरपंच अवन कुमार ने कहा कि लखबीर सिंह के पिता पूर्व सैनिक थे, जबकि लखबीर अक्सर मजदूरी करता था.

सोनीपत पुलिस के एक अधिकारी ने बताया, ‘कुंडली पुलिस थाने को सुबह पांच बजे सूचना मिली कि किसानों के प्रदर्शन स्थल के पास एक शव मिला है.’ उन्होंने बताया कि मृतक के शरीर पर केवल पतलून थी.

पुलिस महानिरीक्षक, रोहतक रेंज, संदीप खिरवार ने फोन पर बताया, ‘हमने एक मामला दर्ज किया है और दोषियों का पता लगाने के लिए जांच चल रही है.’

उन्होंने बताया कि पुलिस ने घटना के संबंध में प्रदर्शन स्थल के पास लोगों से पूछताछ करने की कोशिश की है. शुरुआत में कुछ लोगों ने इलाके में पुलिस के प्रवेश का विरोध किया और पुलिस के साथ सहयोग नहीं किया.

वीडियो क्लिप में दिख रहा है कि निहंग उस व्यक्ति से पूछ रहे हैं कि वह कहां से आया है. व्यक्ति को मरने से पहले पंजाबी में कुछ कहते हुए और निहंगों से माफ करने की गुहार लगाते हुए सुना जा सकता है. वीडियो में दिखाई देता है कि निहंग लगातार उससे पूछ रहे हैं कि बेअदबी करने के लिए किसने उसे भेजा था.

उनमें से एक व्यक्ति यह कहते सुनाई दे रहा है कि व्यक्ति ‘पंजाबी’ है न कि बाहरी और इस मुद्दे को हिंदू-सिख का रंग नहीं दिया जाना चाहिए. जबकि अन्य धार्मिक नारे लगा रहे हैं.

निहंग सिख संप्रदाय के हैं और अपने नीले परिधान के लिए जाने जाते हैं और अक्सर तलवार लिए होते हैं.

पुलिस ने बताया कि अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का एक मामला दर्ज किया गया है.

सोशल मीडिया पर चल रहे वीडियो के बारे में पूछे जाने पर सोनीपत के एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि मामले की जांच चल रही है.

शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सोनीपत सिविल अस्पताल भेजा गया है.

हरियाणा पुलिस के प्रवक्ता ने चंडीगढ़ में बताया कि सोनीपत पुलिस के घटनास्थल पर पहुंचते ही व्यक्ति की मौत हो गई. प्रवक्ता ने बताया, ‘कुछ लोग वहां पर खड़े थे. जब पुलिस ने शव वहां से निकालने की कोशिश की गई तो उन्होंने प्रदर्शन किया. हालांकि थोड़ी कोशिश के बाद शव को सिविल अस्पताल लाया गया.’

संयुक्त किसान मोर्चा ने एक बयान जारी कहा कि वह स्पष्ट करना चाहता है कि घटना में शामिल दोनों पक्षों, निहंगों के समूह और मृतक का संयुक्त किसान मोर्चा से कोई संबंध नहीं है.

मोर्चा ने कहा कि किसानों का शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक प्रदर्शन किसी भी तरह की हिंसा का विरोध करता है. वह किसी भी धर्म के ग्रंथ या प्रतीक के अपमान के खिलाफ है लेकिन किसी को भी कानून अपने हाथ में नहीं लेना चाहिए.

किसान निकाय ने कहा, ‘मौके पर मौजूद निहंग समूह ने घटना की जिम्मेदारी ली है और कहा कि यह इसलिए हुआ क्योंकि मृतक ने सर्बलोह ग्रंथ की बेअदबी करने की कोशिश की थी.’

मोर्चा ने मांग की कि हत्या और बेअदबी के पीछे की साजिश की जांच के बाद दोषियों को कानून के तहत सजा दी जानी चाहिए. संगठन ने कहा, ‘हमेशा की तरह संयुक्त किसान मोर्चा किसी भी कानूनी कार्रवाई में पुलिस और प्रशासन का सहयोग करेगा.’

गौरतलब है कि पिछले साल सितंबर में केंद्र द्वारा बनाए गए तीन कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग को लेकर हजारों की संख्या में किसान दिल्ली सीमा के तीन बिंदुओ- टिकरी, सिंघू और गाजीपुर- पर गत 10 महीने से प्रदर्शन कर रहे हैं. इन किसानों में अधिकतर पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के हैं.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)