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अच्छे दिन तो आए नहीं, ये बुरे दिन कब जाएंगे : चिदंबरम

राहुल का जेटली पर तंज, ‘देवियों एवं सज्जनों, मैं आपका सह पायलट एवं वित्त मंत्री बोल रहा हूं. कृपया अपनी सीट बेल्ट बांध लें. हमारी जहाज के पंख गिर गए हैं.’

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पूर्व वित्त मंत्री एवं कांग्रेस नेता पी चिदंबरम. (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: कांग्रेस ने भाजपा नेता यशवंत सिन्हा के अर्थव्यवस्था की वित्त मंत्री द्वारा की गई दुर्दशा को लेकर अरुण जेटली की आलोचना किए जाने के बाद आज देश के आर्थिक हालात को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा. पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम का कहना है कि क्या सत्ता इस सत्य को स्वीकार करेगी कि अर्थव्यवस्था डूब रही है? दूसरी ओर, कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि प्रधानमंत्री यदि दूसरों को सुनना शुरू कर दें, तो जीएसटी और नोटबंदी से पैदा हुई आधी समस्याओं का हल हो सकता है.

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, चिदंबरम ने अपने एक बयान में कहा, मैं देश भर में यात्राएं करता हूं तो सुनता हूं कि ‘अच्छे दिन तो आए नहीं, ये बुरे दिन कब जाएंगे?’ पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने सवाल किया है कि क्या सत्ता इस सत्य को स्वीकार करेगी. चिदंबरम ने ट्विटर पर कहा, यशवंत सिन्हा ने सत्ता से सत्य कहा है. क्या सत्ता अब इस सत्य को स्वीकार करेगी अर्थव्यवस्था डूब रही है.

यशवंत सिन्हा ने ‘मुझे अब बोलना चाहिए’ शीर्षक आलेख में अर्थव्यवस्था को लेकर वित्त मंत्री अरुण जेटली पर हमला बोला है.

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने जेटली को निशाने पर लेते हुए कहा कि हमारे जहाज के पंख गिर गए हैं. राहुल ने ट्वीट किया, ‘देवियों एवं सज्जनों, यह आपका सह पायलट एवं वित्त मंत्री बोल रहा है. कृपया अपनी पेटी बांध लें और मजबूती से बैठ जाएं. हमारे जहाज के पंख गिर गए हैं.’

चिदंबरम ने सिन्हा का हवाला देते हुए कहा कि सत्य यह है कि 5.7 प्रतिशत की विकास दर वास्तव में 3.7 प्रतिशत या उससे भी कम है. उन्होंने कहा, लोगों के मन में भय बैठा देना ही नये खेल का नाम है.

चिदंबरम ने कहा, शाश्वत सत्य: सत्ता क्या करती है, इसका महत्व नहीं है. अंतत: सत्य की जीत होगी.

यशवंत सिन्हा अटल बिहारी वाजपेयी नीत राजग सरकार में वित्त मंत्री थे. उन्होंने अपने आलेख में कहा है कि अगर वह नहीं बोलते तो उनका राष्ट्रीय दायित्व पूरा नहीं होता.

प्रधानमंत्री किसी की नहीं सुनते: राहुल

चुनावी दौरे पर गुजरात पहुंचे कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने नोटबंदी और जीएसटी लागू करने जैसे फैसले किसी को सुने बगैर करने को लेकर नरेंद्र मोदी सरकार पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के इन कदमों ने देश की अर्थव्यवस्था को बहुत ज्यादा प्रभावित किया है.

राहुल ने कहा कि प्रधानमंत्री यदि सुनना शुरू कर दें, तो जीएसटी और नोटबंदी से पैदा हुई आधी समस्याओं का हल हो सकता है. कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस की विचारधारा और भाजपा की विचारधारा के बीच बहुत अंतर है. कांग्रेस ने सबकी सुनी और उसके बाद बड़े फैसले लागू किए. इस सरकार ने किसी की नहीं सुनी और जीएसटी तथा नोटबंदी लागू की, जिसने देश की अर्थव्यवस्था को बहुत ज्यादा प्रभावित किया है.

उन्होंने हेमू गांधवी ऑडिटोरियम में छोटे एवं मझोले उद्यमियों, शिक्षकों और चिकित्सकों से बात करते हुए यह बातें कहीं. कांग्रेस नेता ने कहा, हमारे पास अच्छे वक्ता नहीं रहे होंगे लेकिन हमारे पास लोगों को सुनने की गुणवत्ता थी… उनकी समस्याओं के बारे में जानना चाहते थे, हमने हर किसी के सुझाव पर ध्यान दिया और फिर बड़े फैसले लागू करने का फैसला किया. इस सरकार ने ऐसा नहीं किया और जीएसटी तथा नोटबंदी लागू कर दी.

उन्होंने कहा कि नोटबंदी ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सहित दुनिया के सर्वश्रेष्ठ अर्थशास्त्रियों को स्तब्ध कर दिया था. जीएसटी ने छोटे और मझोले उद्योग को बुरी तरह से प्रभावित किया है. इन्हीं दो तरह के उद्योगों को प्रोत्साहन देकर रोजगार सृजन किया जा सकता है. बड़े उद्योग उस पैमाने पर रोजगार सृजन नहीं कर सकते, जितने की देश को जरूरत है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)