राजनीति

वसुंधरा सरकार ने गौरवशाली राजस्थान को मुंह दिखाने लायक भी नहीं छोड़ा: गहलोत

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि आज कोई तबका राजस्थान सरकार से खुश नहीं है. व्यापारी जीएसटी से दुखी है. युवा नौकरी के रास्ते नहीं खुलने से परेशान हैं.

राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत. (फोटो: रॉयटर्स/पीटीआई)

राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत. (फोटो: रॉयटर्स/पीटीआई)

जयपुर: राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे पर पिछले चार वर्ष के कार्यकाल में गौरवशाली राजस्थान को न केवल बर्बादी की ओर धकेलने बल्कि देश में कहीं मुंह दिखाने लायक भी नहीं छोड़ने का आरोप लगाया है.

गहलोत ने राजे सरकार के चार साल के कार्यकाल पर बुधवार को जारी बयान में सवाल किया कि इन चार सालों में हुआ क्या है जिस पर राजे और भाजपा गर्व कर रही है और जश्न मना रही है.

उन्होंने कहा कि सच कड़वा होता है और उन्हें यह सच स्वीकार करना चाहिए कि इन चार सालों में राजस्थान में खूब भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद हुआ है.

उन्होंने कहा कि राजस्थान में कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज़ दिखती नहीं है. बीमारियों से सैकडों की संख्या में लोग मर रहे हैं, स्कूल बंद हो रहे हैं और सड़कें इस तरह की हो गई हैं कि उन पर चलना मौत को दावत देना जैसा है.

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव गहलोत ने कहा कि अफ़सोस इस बात का है कि विपक्ष ही नहीं सत्ता पक्ष के विधायक और नेता भी ये सारी बातें कह रहे हैं.

उन्होंने कहा कि इन सबसे आगे उच्च न्यायालय से लेकर सर्वोच्च न्यायालय तक ने राज्य सरकार के कामकाज पर जिस तरह और जितनी तीखी टिप्पणियां की, उतनी तो 70 सालों में नहीं हुई होगी. लेकिन मुख्यमंत्री हैं कि चैन की नींद सो रही हैं.

उल्टे अव्यवस्थाओं से कराह रही राज्य की जनता के घावों पर नमक छिड़कने के लिए वे और भाजपा के कुछ राष्ट्रीय नेता राजस्थान को अपना मॉडल स्टेट बता रहे हैं.

उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री जन असंतोष को जानती हैं, इसीलिए अजमेर, अलवर और मांडलगढ उप चुनावों को लेकर अब इन क्षेत्रों में डेरा डाले हुए है, परन्तु जनता हकीकत जानती है.

गहलोत ने कहा कि आज कोई तबका इस सरकार से खुश नहीं है. कर्मचारी सातवें वेतनमान को लेकर नाराज़ हैं. व्यापारी जीएसटी से दुखी है. युवा नौकरी के रास्ते नहीं खुलने से परेशान हैं. महिला घर से बाहर निकलने में डरती है. किसान अपनी उपज का वाजिब दाम नहीं मिलने से आत्महत्या कर रहा है. आमजन को बिजली मिल नहीं रही, पानी मिल नही रहा.

गहलोत ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री राजनीतिक लाभ के लिये राजस्थान से जितना लगाव दिखाएं और राजपूत, जाट, गुर्जर आदि जातियों को अपना बताएं लेकिन हकीकत में उन्हें किसी से भी कोई अपनापन नहीं है. यदि ऐसा होता तो बाडमेर में रिफाइनरी कब की लग गई होती और जयपुर में मेट्रो का दूसरा चरण कब का शुरू हो गया होता.
उन्होंने कहा, इसी तरह राज्य की अन्य महत्वाकांक्षी योजनाएं, भीलवाड़ा में मेमो कोच फैक्ट्री, कोटा-झालावाड़-बारां की परबन सिंचाई एवं पेयजल योजना, डूंगरपुर-बांसवाड़ा-रतलाम रेल परियोजना अब तक अटकी नहीं रहती.

कांग्रेस राजस्थान में सत्ता पर काबिज़ होगी: पायलट

राजस्थान कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सचिन पायलट ने भरोसा जताया कि कांग्रेस प्रदेश में सत्ता पर काबिज़ होगी और भाजपा के कुशासन से जनता को मुक्त कराएगी.

उन्होंने बुधवार को कांग्रेस मुख्यालय पर ‘आज से भाजपा की उल्टी गिनती शुरू’ नाम के एलईडी का उद्घाटन किया.

प्रदेश में भाजपा सरकार के चार वर्ष पूर्ण होने के एक दिन पूर्व पायलट ने एक पुस्तक के ज़रिये भाजपा सरकार के वायदों को पूरा करने के दावों और बजट घोषणाओं की वास्तविक तस्वीर पेश की है.

पायलट ने संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा सरकार चार वर्ष पूरे करने का जश्न मनाने का कोई कारण नहीं है. सरकार को जनता के धन का दुरुपयोग कर अपनी पीठ थपथपाना बंद कर चाहिए और यदि जश्न मनाना है तो पार्टी फंड का उपयोग करे.

उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने सभी ज़िला मुख्यालयों पर बुधवार को भाजपा के विफल चार वर्षों के कार्यकाल को लेकर विरोध प्रदर्शन किया है और भाजपा सरकार की उल्टी गिनती शुरू हो गई है.

उन्होंने प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों, किसानों, चिकित्सकों, बेराज़गार युवकों की सरकार द्वारा कोई सुध न लेने का आरोप लगाते हुए पायलट ने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार में डूबी हुई और सभी मोर्चो पर विफल साबित हुई है.

उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने पार्टी को मज़बूत करने ओर भाजपा को सत्ता से हटाने के लिए मेरा बूथ, मेरा गौरव कार्यक्रम शुरू किया है. भाजपा सरकार का चार साल का शासन विफल रहा और केंद्रीयकृत निर्णय मुख्यमंत्री कार्यालय तक सीमित रहे.

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे स्वयं के आवास को लेकर चिंतित थीं और भ्रष्टाचार को छुपाने के लिये काला कानून बनाया गया.

उन्होंने कहा कि इससे प्रतीत होता है कि मुख्यमंत्री को एहसास हो गया है कि उनकी सरकार वापस सत्ता में नहीं आएगी.

उन्होंने कहा कि भाजपा शासन में मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन योजना के तहत स्वयंसेवी संस्थानों को ठेका, खनन घोटाला, एलईडी घोटला, बजरी खनन जैसे भ्रष्टाचारों में लिप्त है.

प्रदेश में भाजपा शासन के चार साल पूरे होने पर मनाए जा रहे जश्न पर सरकार को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने कहा कि एक नौ वॉट के एलईडी बल्ब जो बाज़ार में सौ रुपये का मिलता है उसे सरकार ने 972 रुपये में खरीदा, रिसर्जेंट राजस्थान में किए गए क़रार केवल नौ फीसदी ही ज़मीन पर उतरे हैं, कई सरकारी विद्यालयों को बंद कर दिया गया, मुफ्त मिलने वाली दवाइयां में कटौती कर दी गई, कृषि यंत्रों पर दी जाने वाली रियायत कम कर दी गई और 15 लाख नौकरियों के दावों की जगह केवल 1 लाख 90 हज़ार लोगों को रोज़गार उपलब्ध कराया गया.

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