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इतिहास में पहली बार सुप्रीम कोर्ट के चार जजों की प्रेस कॉन्‍फ्रेंस, चीफ जस्टिस पर उठाए सवाल

जस्टिस जे. चेलामेश्वर, जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस मदन लोकुर और जस्टिस कुरियन जोसेफ ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट को नहीं बचाया गया तो लोकतंत्र नाकाम हो जाएगा.

New Delhi: Supreme Court judge Jasti Chelameswar along with other judges addresses a press conference in New Delhi on Friday. PTI Photo by Ravi Choudhary (PTI1_12_2018_000030B)

फोटो: पीटीआई

सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस जे. चेलामेश्वर के साथ दूसरे वरिष्ठ न्यायाधीशों ने शुक्रवार को नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस दीपक मिश्रा की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए. (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: देश के इतिहास में पहली बार सुप्रीम कोर्ट के चार न्यायाधीश मीडिया के सामने आए. इन न्यायाधीशों में जस्टिस जे. चेलामेश्वर, जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस मदन लोकुर और जस्टिस कुरियन जोसेफ शामिल है. उन्‍होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का प्रशासनिक कार्य ठीक से नहीं हो रहा है.

ये चार जज शुक्रवार सुबह चीफ जस्टिस से मिले थे और अपना विरोध दर्ज कराया था है. ये प्रेस कॉन्‍फ्रेंस जस्टिस जे. चेलामेश्वर के घर पर हुई.

जस्टिस जे. चेलामेश्‍वर ने कहा, ‘हम चारों मीडिया का शुक्रिया अदा करना चाहते हैं. यह किसी भी देश के इतिहास में अभूतपूर्व घटना है क्‍योंकि हमें यह ब्रीफिंग करने के लिए मजबूर होना पड़ा है. हमने ये प्रेस कॉन्‍फ्रेंस इसलिए की ताकि हमें कोई ये न कहे हमने अपनी आत्मा बेच दी.’

Justices’ letter to CJI by The Wire on Scribd

जस्टिस चेलामेश्वर ने कहा, ‘सुप्रीम कोर्ट में बहुत कुछ ऐसा हुआ, जो नहीं होना चाहिए था. हमें लगा, हमारी देश के प्रति जवाबदेही है और हमने मुख्य न्यायाधीश को मनाने की कोशिश की, लेकिन हमारे प्रयास नाकाम रहे अगर संस्थान को नहीं बचाया गया, लोकतंत्र नाकाम हो जाएगा.’

सुप्रीम कोर्ट के जज ने कहा कि मुख्य न्यायाधीश को सुधारात्मक कदम उठाने के लिए कई बार मनाने की कोशिश की गई, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमारे प्रयास विफल रहे. उन्‍होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में प्रशासन सही से नहीं चल रहा है.