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आधे से ज़्यादा स्मार्ट शहर बाढ़ के जोखिम वाले ज़िलों में शामिल: रिपोर्ट

उत्तर प्रदेश के बरेली और बिहार के बिहार शरीफ़ सहित नौ शहर स्मार्ट सिटी परियोजना के हिस्सा बने.

(फोटो: पीआईबी)

(फोटो: पीआईबी)

नई दिल्ली: देश में बाढ़ को सबसे जोखिम वाली आपदा के रूप में रेखांकित करते हुए एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि आधे स्मार्ट शहर बाढ़ के जोखिम वाले ज़िलो में आते हैं और ऐसे में इन शहरों का विकास इन चुनौतियों और ज़रूरतों के अनुरूप किया जाना चाहिए.

इस रिपोर्ट के अनुसार 56 प्रतिशत स्मार्ट सिटी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में हैं जो कि भारत में 77 फीसदी आपदाओं के लिए भी ज़िम्मेदार है. भारत के 642 ज़िलों के 98 प्रतिशत में एक बार बाढ़ ज़रूर आती है.

एनजीओ सीड्स एवं सेंटर फॉर रिसर्च ऑन द एपिडेमिओलॉजी ऑफ डिज़ास्‍टर्स (सीआरईडी) ने बृहस्पतिवार को ‘डिकोडिंग द मानसून फ्लड्स’ नामक अपनी एक रिपोर्ट पेश की. यह रिपोर्ट साल 2000 से 2017 के बीच बांग्लादेश, भारत, नेपाल और म्यांमार में आई आपदाओं के आंकड़ों पर आधारित है.

ब्रूसेल्स (बेल्यियम) के यूनिवर्सिटी आॅफ लॉवेन स्कूल आॅफ पब्लिक हेल्थ की ओर से यह रिपोर्ट तैयार करवाई गई है.

इस रिपोर्ट में कहा गया है कि एक करोड़ 50 लाख लोग हर साल बाढ़ से प्रभावित होते हैं. साल 2017 में भारत में 1 करोड़ 56 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए इनमें से 3,16,185 लोग शारीरिक रूप से अक्षम थे.

रिपोर्ट में प्रकाशित आंकड़ों के अनुसार, इस क्षेत्र में विनाशकारी आपदाओं की सूची में बाढ़ सबसे ऊपर है. पिछले 18 सालों में इन चार देशों में बाढ़ की 361 घटनाएं (बाढ़ और चक्रवात दोनों) सामने आई हैं, जो कि एशिया के इस क्षेत्र में आई कुल आपदाओं का तीन चौथाई भाग है.

रिपोर्ट में सामने आया कि भारत में 2,200 शहर एवं कस्‍बे उन ज़िलों में मौजूद हैं जिन्‍होंने पिछले 18 वर्षों में कम से कम 11 बाढ़ का सामना किया है. निष्कर्षों में यह बात भी सामने आई है कि भारत के प्रस्तावित स्मार्ट शहरों में से आधे शहर बाढ़ की जोखिम वाले ज़िलों में आते हैं.

सीड्स के कार्यकारी निदेशक डॉ. मनु गुप्‍ता ने कहा कि मानवीय ज़रूरतें बढ़ रही हैं और ज़रूरत एवं सहायता के बीच का अंतर बढ़ रहा है, ऐसे में इन शहरों का विकास इन चुनौतियों और ज़रूरतों के अनुरूप किया जाना चाहिए.

बरेली और बिहार शरीफ़ सहित नौ शहर स्मार्ट सिटी परियोजना के हिस्सा बने

उत्तर प्रदेश में बरेली और बिहार में बिहार शरीफ़ सहित विभिन्न राज्यों के नौ शहरों को स्मार्ट सिटी परियोजना में शामिल किया गया है.

आवास एवं शहरी मामलों के राज्य मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बृहस्पतिवार को स्मार्ट सिटी परियोजना में शामिल किए जाने वाले शहरों की चयन प्रक्रिया के परिणामों का खुलासा करते हुए यह जानकारी दी.

पुरी ने बताया कि शहरों के चयन की प्रक्रिया के चौथे चरण में उत्तर प्रदेश के सर्वाधिक तीन शहरों बरेली, मुरादाबाद और सहारनपुर को जगह मिली है. इसके अलावा तमिलनाडु में इरोड, दादर नगर हवेली में सिलवासा, लक्षद्वीप में कवारती, अरुणाचल प्रदेश में ईटानगर और दमन दीव में दीव शहर को जगह मिली है.

स्मार्ट सिटी परियोजना में 90 शहरों को पहले ही शामिल किया जा चुका है. इस चरण में दस शहरों को चुना गया है.

पुरी ने स्पष्ट किया कि एक शहर पूर्वोत्तर राज्य से चयन किया गया है लेकिन संबद्ध राज्य में विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लागू हो जाने के कारण इस शहर का नाम बाद में घोषित किया जाएगा.

पुरी ने बताया कि इस चरण में स्मार्ट सिटी परियोजना के मानकों पर खरे उतरने वाले चयनित शहरों में सिलवासा अव्वल रहा.

उन्होंने बताया कि चयनित शहरों ने अपने स्मार्ट सिटी प्रस्तावों में परियोजना के मानकों के मुताबिक 12824 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की कार्ययोजना पेश की है.

इस राशि की मदद से इन शहरों में जीवन को सुविधापूर्ण और सुगम बनाया जा सकेगा. उल्लेखनीय है कि सरकार का लक्ष्य इस परियोजना के पहले चरण में 100 शहरों को केंद्र सरकार की तरफ से प्रत्येक शहर को 500 करोड़ रुपये दिया जा रहा है. शेष राशि संबद्ध शहर स्थानीय निकाय बॉन्ड के अलावा निजी और सार्वजनिक क्षेत्र की भागीदारी से जुटा रहे है.

(समाचार एजेंसी भाषा और आईएएनएस से इनपुट के साथ)