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‘मेघे ढाका तारा’ की नायिका सुप्रिया देवी का निधन

साल 1933 में पैदा हुईं सुप्रिया का अभिनय करिअर करीब 50 साल का रहा. पद्मश्री से सम्मानित सुप्रिया को पश्चिम बंगाल सरकार ने उन्हें राज्य के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘बंग विभूषण’ से भी नवाज़ा था.

ऋत्विक घटक की फिल्म मेघे ढाका तारा के एक दृश्य में अभिनेत्री सुप्रिया देवी. फोटो साभार: (राष्ट्रीय फिल्म अभिलेखागार)

ऋत्विक घटक की फिल्म मेघे ढाका तारा के एक दृश्य में अभिनेत्री सुप्रिया देवी. फोटो साभार: (राष्ट्रीय फिल्म अभिलेखागार)

कोलकाता: जानी-मानी बंगाली फिल्म अभिनेत्री सुप्रिया देवी का शुक्रवार को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया. वह 85 साल की थीं और उनके परिवार में उनकी एक बेटी है.

निर्देशक ऋत्विक घटक की 1960 में आई फिल्म ‘मेघे ढाका तारा’ (बादल से ढका तारा) में नीता का मुख्य किरदार अदा करने के बाद सुप्रिया चर्चा में आई थीं. यह फिल्म कम आय वाले बंगाली परिवार पर विभाजन के प्रभाव पर आधारित है. यह फिल्म विश्व के कई फिल्म समारोहों में शामिल हुई और पुसाइ फिल्म फेस्टिवल में इसे मास्टरपीस अवॉर्ड ने सम्मानित किया गया था. इस फिल्म ने सुप्रिया को काफी चर्चा में ला दिया था.

साल 1933 में पैदा हुईं सुप्रिया का अभिनय करिअर करीब 50 साल का रहा, जिस दौरान उन्होंने ‘चौरंगी’ और ‘बाग बांदी खेला’ जैसी सुपरहिट फिल्मों में काम किया. पद्मश्री से सम्मानित सुप्रिया को पश्चिम बंगाल सरकार ने उन्हें राज्य के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘बंग विभूषण’ से भी नवाज़ा था.

उनकी तुलना हॉलीवुड अभिनेत्री सोफिया लॉरेन से की जाती थी क्योंकि उनकी शक्ल उनसे काफी मिलती-जुलती थी. साल 1963 में उन्होंने बॉलीवुड में फिल्म बेगाना से पदार्पण किया था. इस फिल्म में वह धर्मेंद्र के साथ नज़र आई थीं.

अभिनेत्री सुप्रिया देवी. (फोटो साभार: ट्विटर/@dipanjanphotos)

अभिनेत्री सुप्रिया देवी. (फोटो साभार: ट्विटर/@dipanjanphotos)

सुप्रिया की पहली फिल्म उत्तम कुमार अभिनीत ‘बसु परिवार’ थी. यह 1952 में रिलीज हुई थी.

उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ट्वीट किया, ‘बंगाल की दिग्गज अभिनेत्री सुप्रिया चौधरी (देवी) के निधन से दुखी हूं. हम उनकी फिल्मों के ज़रिये उन्हें याद करेंगे. उनके परिजन एवं प्रशंसकों के प्रति मेरी संवेदनाएं.’

बंगाली फिल्म अभिनेता सौमित्र चटर्जी ने सुप्रिया के साथ अपने लंबे जुड़ाव को याद किया. दोनों ने ‘जोड़ी जंतेम’ सहित कई अन्य फिल्मों में काम किया था. उन्होंने तकरीबन 40 फिल्मों में काम कर चुकी थी. आख़िरी बार वह भारतीय अमेरिकी फिल्म द नेमसेक में नज़र आई थीं.

मशहूर अभिनेत्री सावित्री चट्टोपाध्याय ने कहा, ‘मैं इस ख़बर पर यकीन नहीं कर पा रही. हम फोन पर अक्सर बातें करते थे.’

सुप्रिया का जन्म बर्मा (अब म्यांमार) के मिटकिना में आठ जनवरी, 1933 को हुआ था. उनके पिता गोपाल चंद्र बनर्जी अधिवक्ता थे. वह फरीदपुर (बांग्लादेश) से थे. द्वितीय विश्व युद्ध के बाद उनका परिवार कोलकाता आ गया था. सुप्रिया सात साल की थीं जब उन्होंने अपने पिता के दो नाटकों से अभिनय की शुरुआत की थी.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)

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