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उत्तर प्रदेश के कासगंज में सांप्रदायिक हिंसा के दौरान एक की मौत, स्थिति तनावपूर्ण

26 जनवरी को विहिप और एबीवीपी कार्यकर्ताओं की तिरंगा यात्रा के दौरान नारेबाज़ी के बाद हुआ उपद्रव. शनिवार को फायरिंग में मारे गए युवक के अंतिम संस्कार के बाद हिंसा और आगज़नी जारी.

कासगंज में शनिवार को जारी हिंसा के दौरान कई दुकानों को जला दिया गया. (फोटो साभार: एएनआई)

कासगंज में शनिवार को जारी हिंसा के दौरान कई दुकानों को जला दिया गया. (फोटो साभार: एएनआई)

कासगंज: उत्तर प्रदेश के कासगंज ज़िले में गणतंत्र दिवस के दिन विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं द्वारा मोटरसाइकिल से निकाली गई तिरंगा यात्रा पर पथराव से तनाव व्याप्त हो गया. इसके बाद हुई आगजनी और फायरिंग में एक युवक की मौत हो गई तथा कई अन्य घायल हो गए.

मीडिया में आई ख़बरों के अनुसार, विहिप और एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने 26 जनवरी को मोटरसाइकिल से तिरंगा यात्रा निकाली थी. इसी दौरान मुस्लिम बाहुल्य इलाके में विवाद हो गया, जिसने तुरंत ही सांप्रदायिक रंग ले लिया. इस सांप्रदायिक हिंसा में फायरिंग के दौरान 22 वर्षीय युवक चंदन गुप्ता की मौत हो गई.

कासगंज में शुक्रवार को शुरू हुआ उपद्रव शनिवार को भी जारी है. मृतक युवक के अंतिम संस्कार के बाद शनिवार को भी उपद्रवियों का उत्पात जारी है. कई दुकानों और रेहड़ी पटरी वालों की संपत्तियों में आग लगा दी गई. शहर में भारी पुलिस बल तैनात है. लोगों को घर से न निकलने की सलाह दी गई है. समाचार एजेंसी एनएनआई के मुताबिक शनिवार को उपद्रवियों ने कासगंज में दो बसों को आग के हवाले कर दिया है. आग पर काबू पाने के प्रयास किए जा रहे हैं.

शनिवार को उत्तर प्रदेश पुलिस ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से हिंसा के संबंध में रिपोर्ट दर्ज करने के बाद नौ लोगों को गिरफ्तार करने की बात कही है. पुलिस का कहना है कि एक विशेष टीम का गठन कर शेष अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं.

शुक्रवार को अपर पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) आनंद कुमार ने बताया कि कासगंज नगर कोतवाली क्षेत्र के मथुरा-बरेली राजमार्ग के बिलराम गेट चौराहे पर विहिप और एबीवीपी के कार्यकर्ताओं पर रैली निकालते समय एक वर्ग के लोगों ने पथराव किया.

नारेबाज़ी को लेकर हुई तक़रार में दोनों तरफ से पथराव हुआ. इसके बाद हुई आगजनी और फायरिंग में चंदन नामक युवक की गोली लगने से मौत हो गई तथा कई अन्य घायल हो गए. नाराज़ भीड़ ने कई वाहनों में तोड़फोड़ और आगजनी भी की.

अलीगढ़ मंडल के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) संजीव गुप्ता ने बताया कि गणतंत्र दिवस पर रैली निकालते समय कुछ असामाजिक तत्वों ने पथराव किया. आसपास के ज़िलों से फोर्स मंगाई गई है. उन्होंने बताया कि नगर में कर्फ्यू लगा दिया गया है. स्थिति तनावपूर्ण, किन्तु नियंत्रण में है.

उधर, आगरा ज़ोन के अपर पुलिस महानिदेशक अजय आनंद ने बताया कि कासगंज में अतिरिक्त फोर्स भेजी गई है. शांति बनाए रखने के लिए कोशिश जारी है. उपद्रवियों की पहचान की जा रही है.

आनंद कुमार ने बताया कि यह वारदात सुनियोजित नहीं थी बल्कि अचानक हुई. मौके पर ज़िलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, रैपिड एक्शन फोर्स तथा पीएसी के जवान पहुंच गए हैं. उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने भी अराजकता फैलाई है, उन्हें पहचानकर उनके ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई की जाएगी. स्थानीय प्रशासन ने हालात पर काबू पा लिया है.

इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में कासगंज थाने के एसएचओ रिपुदमन सिंह ने बताया, ‘शहर में हिंसा तब शुरू हुई जब तिरंगा यात्रा के दौरान कार्यकर्ताओं की ओर से कुछ निश्चित नारेबाज़ी का विरोध किया गया.’ रिपोर्ट के अनुसार, बवाल तब शुरू हुआ जब एक समूह के एक सदस्य ने दूसरे समूह के एक युवक को थप्पड़ जड़ दिया.

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, शुक्रवार को तिरंगा यात्रा के दौरान हुए बवाल के दौरान फायरिंग में मारे गए युवक की पहचान चंदन गुप्ता के रूप में हुई है.

रिपोर्ट के अनुसार, शुक्रवार सुबह विहिप और एबीवीपी के कार्यकर्ता बाइक से तिरंगा यात्रा निकाल रहे थे. यह यात्रा मुस्लिम बाहुल्य कासगंज के मुहल्ला हुल्का में पहुंची तो यहां कार्यकर्ता वंदे मातरम्, भारत माता की जय के नारे लगाने लगे जिस पर समुदाय विशेष के एक युवक ने पाकिस्तान ज़िंदाबाद का नारा लगा दिया.

शनिवार को हिंसा के दौरान कासगंज में दो बसों में आग लगा दी गई. (फोटो साभार: एएनआई)

शनिवार को हिंसा के दौरान कासगंज में दो बसों में आग लगा दी गई. (फोटो साभार: एएनआई)

इसी बात को लेकर दोनों पक्षों की ओर से नारेबाज़ी होने लगी. देखते ही देखते दोनों ओर से पथराव होने लगा. मुस्लिम बस्ती में घिरे कार्यकर्ता अपनी दो दर्जन से अधिक बाइक छोड़ भागे. जहां उनकी बाइकों को आग के हवाले कर दिया गया और तोड़फोड़ कर दी. घटना की ख़बर शहर में फैली तो हिंदूवादी एकत्रित हो गए.

रिपोर्ट के अनुसार, दूसरे समुदाय के लोगों ने भी मोर्चा संभाल लिया. घर की छतों से पथराव और फायरिंग शुरू कर दी गई. कुछ ही देर में उपद्रवियों ने तहसील रोड पर भी फायरिंग कर दी. जिसमें गोली लगने से गली शिवालय रेलवे रोड निवासी चंदन गुप्ता पुत्र सुशील गुप्ता की मौत हो गई.

इस घटना के दूसरे दिन शनिवार को सांप्रदायिक बवाल के बाद कासगंज जा रहीं साध्वी प्राची व उनके काफ़िले को सिकंदराराऊ पुलिस ने कासगंज रोड पर रोका. इस दौरान सिकंदराराऊ कोतवाल से समर्थकों नोंकझोंक हो गई. गाड़ी की चाभी निकालने से समर्थक आक्रोशित हो गए. समर्थकों के साथ साध्वी पंत चौराहा पर धरने पर बैठ गईं. अलीगढ़-एटा व मथुरा-बरेली मार्ग पर जाम लगा दिया गया है.

एबीपी न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, कासगंज में लगी हिंसा की आग शनिवार को भी जारी है. हिंसा में मारे गए युवक चंदन के अंतिम संस्कार के बाद शनिवार को फिर हिंसा भड़की. उपद्रवियों ने कई दुकानों में आग लगा दी.

प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर मौजूद हैं. प्रशासन ने एहतियातन ज़िले की सभी सीमाओं को सील कर दिया है. कासगंज आने-जाने वाले वाहनों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. आई रैंक के अधिकारी डीके ठाकुर को कासगंज भेजा है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)

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