भारत

विहिप के राम मंदिर मॉडल पर अयोध्या स्टेशन बने तो इसमें कुछ आपत्तिजनक नहीं: केंद्रीय रेल मंत्री

केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, मथुरा रेलवे स्टेशन को वृंदावन मंदिर, अजमेर शरीफ़ को दरगाह और आगरा को ताजमहल से जोड़ा जाता है तो हमारे इतिहास और परंपरा को बताने में भारतीय रेलवे का बड़ा योगदान होगा.

Ayodhya Railway Station

नई दिल्ली: अयोध्या रेलवे स्टेशन को राम मंदिर के प्रस्तावित मॉडल पर बनाए जाने की केंद्रीय रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा की घोषणा पर केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल ने भी मुहर लगा दी है.

रेल मंत्री पीयूष गोयल ने बीते बुधवार को कहा कि रेलवे भगवान राम की जन्मभूमि से लोगों को जोड़ने के लिए अयोध्या स्टेशन को मंदिर के मॉडल पर बनाने की योजना बना रहा है. साथ ही उन्होंने कहा, ‘अगर राम जन्मभूमि मंदिर के लिए विहिप की परिकल्पना के आधार पर रेलवे स्टेशन का मॉडल तैयार किया जाता है तो इसमें कुछ भी आपत्तिजनक नहीं है.’

अयोध्या में रेलवे स्टेशन को राम मंदिर की तर्ज़ पर बनाया जाएगा. रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा ने बीते मंगलवार को यह बयान दिया था. इस बयान को लेकर सवाल पूछे जाने पर गोयल ने योजना से इनकार नहीं किया लेकिन कहा कि डिजाइन पर अब तक फैसला नहीं हुआ है.

उन्होंने कहा कि रेलवे स्टेशनों को ऐतिहासिक स्थलों से जोड़ने का विचार उन्होंने ही दिया है.

केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल. (फोटो: पीटीआई)

केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल. (फोटो: पीटीआई)

उदाहरण देते हुए गोयल ने कहा कि हाल ही में उन्होंने निर्देश दिया है कि कर्नाटक में बेलगावी रेलवे स्टेशन को गुजरात के साबरमती आश्रम की तरह बनाया जाएगा. गोयल ने कहा कि यह महात्मा गांधी की स्मृति में था जो 1924 में अखिल भारतीय कांग्रेस सम्मेलन में हिस्सा लेने उसी स्टेशन पर आए थे.

एक किताब विमोचन के अवसर वे बोले, ‘अयोध्या में अगर रेलवे स्टेशन भगवान राम की जन्मभूमि से जुड़ता है जिसके बारे में हम भली भांति जानते हैं, अगर मथुरा रेलवे स्टेशन वृंदावन मंदिर से जुड़ता है और अजमेर शरीफ को दरगाह या मस्जिद से जोड़ा जाता है, आगरा को ताजमहल से जोड़ा जाता है तो मेरा मानना है कि हमारे इतिहास, हमारी विरासत और हमारी परंपरा को अगली पीढ़ी को बताने में भारतीय रेलवे का बड़ा योगदान होगा.’

यह पूछे जाने पर कि क्या अयोध्या स्टेशन की डिजाइन उस मंदिर के जैसी है जैसा चित्रण विहिप ने किया है. इस पर गोयल ने कहा, ‘अगर ऐसा हुआ भी तो विश्व हिंदू परिषद एक राष्ट्रवादी संगठन है और मुझे इसमें कुछ भी आपत्तिजनक नहीं दिखता. हालांकि हमने इस पर अब तक फैसला नहीं किया है.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)

Comments