राजनीति

हो सकता है आगे चलकर जनता को मोदी का भी विकल्प मिल जाए: ओम प्रकाश राजभर

भाजपा की सहयोगी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि जनता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इसलिए चुना था क्योंकि उसे कांग्रेस का विकल्‍प मिल गया था.

ओम प्रकाश राजभर (फोटो: फेसबुक)

ओम प्रकाश राजभर (फोटो: फेसबुक)

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में भाजपा के सहयोगी दल सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर फिर भाजपा पर हमलावर हो गए हैं. शुक्रवार को उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जनता ने इसलिए चुना क्योंकि उसे कांग्रेस से अतिरिक्‍त एक विकल्‍प मिल गया था और हो सकता है कि आने वाले समय में जनता को पीएम मोदी का भी विकल्‍प मिल जाए.

नवभारत टाइम्स की ख़बर के अनुसार राजभर ने कहा, ‘जनता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अंतत: इसलिए चुना था क्योंकि उसे कांग्रेस से अतिरिक्‍त एक विकल्‍प मिल गया था. ऐसा इसलिए हुआ क्‍योंक‍ि वे कांग्रेस से नाखुश थे. हम यूपी में सीना चौड़ा करके कह रहे हैं कि हमने सरकार बनाई है लेकिन यह सपा और बसपा की वजह से था. हमने क्‍या अच्‍छा किया है? हो सकता है कि लोगों को कल कोई दूसरा विकल्‍प मिल जाए.’

गौरतलब है कि राजभर काफी समय से भाजपा से नाराज चल रहे हैं और समय-समय पर आलोचना भी करते रहते हैं. राज्यसभा के चुनाव के समय उन्होंने कहा था कि वे राजग का हिस्सा हैं लेकिन भाजपा गठबंधन धर्म का पालन नहीं कर रही है.

उन्होंने कहा था, ‘हमसे न तो भाजपा ने संपर्क किया है और न ही विपक्ष ने, इसलिए हमने विकल्प खुले रखे हैं. हम भाजपा नहीं है, बल्कि अलग पार्टी है. गठबंधन धर्म के तहत भाजपा ने न उम्मीदवार तय करते वक्त हमसे पूछा और न ही नामांकन के लिए बुलाया. ये लोग कहते कुछ और हैं और करते कुछ और हैं. संगठन से लेकर सरकार तक के किसी कार्यक्रम में हमें पूछा नहीं जाता, न ही राय ली जाती है. गठबंधन में हम क्या केवल हाजिरी देने के लिए हैं? इसलिए हम आंख मूंद कर हर फैसले के साथ नहीं खड़े हो सकते.’

सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ने उत्तर प्रदेश सरकार के एक साल पूरा होने पर जश्न में शामिल न होने पर कहा था, ‘मैं अपनी बात सबके सामने रख रहा हूं, लेकिन ये लोग 325 सीटों के नशे में पागल होकर घूम रहे हैं. (यूपी) सरकार का फोकस केवल मंदिरों पर है, गरीबों के कल्याण पर नहीं. हम कैसे भूल जाएं कि विधानसभा चुनाव में गरीबों ने हमें वोट दिए थे. आजकल बात तो खूब हो रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर इसका कोई असर नहीं दिखता.’

उन्होंने प्रदेश की भाजपा सरकार के कामकाज पर भी टिप्पणी करते हुए कहा था कि उत्तर प्रदेश सरकार सिर्फ मंदिर पर ध्यान दे रही है न कि गरीबों पर, जिन्होंने वोट देकर सत्ता में पहुंचाया. बातें बहुत होती हैं, लेकिन काम बहुत कम हुआ.

उस समय राजभर ने यह भी कहा था कि अगर पार्टी प्रमुख अमित शाह से उनकी बात नहीं हुई, तो वे राज्यसभा चुनाव का बहिष्कार करेंगे. हालांकि शाह से मुलाकात के बाद वो मान गए थे, लेकिन अब वो फिर पार्टी में हमलावर हो गए हैं.

इससे पहले जनवरी महीने में राजभर ने कहा था कि उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार में पहले की सपा और बसपा की सरकारों से ज्यादा भ्रष्टाचार है.

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