राजनीति

उपचुनाव: विपक्ष ने चुनाव आयोग से मतदान के दौरान भारी गड़बड़ी की शिकायत की

रमज़ान के दौरान उपचुनाव कराने के फैसले पर भी उठे सवाल, आयोग ने उपचुनाव में वोटिंग मशीनों की ख़राबी, मतदान में बाधा की ख़बरों को ख़ारिज किया.

Ranchi: Polling officials carry Electronic Voting Machines (EMV's) to various polling stations for Silli constituency by-election, in Ranchi on Sunday. (PTI Photo) (PTI5_27_2018_000138B)

झारखंड में ईवीएम मशीनों के साथ पोलिंग बूथ जाते पोलिंग अधिकारी. (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: कांग्रेस, सपा और रालोद ने उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में सोमवार को उपचुनाव में मतदान के दौरान ईवीएम मशीनों में भारी गड़बड़ियों की चुनाव आयोग से शिकायत करते हुए मतदाताओं को मतदान के लिए अतिरिक्त समय देने या अधिक समय तक मशीनें खराब रहने वाले केंद्रों पर फिर से मतदान कराने की मांग की है.

सपा नेता रामगोपाल यादव, रालोद अध्यक्ष अजीत सिंह और कांग्रेस नेता आरपीएन सिंह ने आयोग को ईवीएम की गड़बड़ियों वाले मतदान केंद्रों की सूची पेश करते हुये मशीनों को दुरुस्त करने में निर्वाचन अधिकारियों द्वारा जानबूझकर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया.

आयोग के समक्ष विपक्षी दलों की ओर से संयुक्त प्रतिवेदन पेश करने के बाद यादव ने संवाददाताओं को बताया, ‘उत्तर प्रदेश में कैराना लोकसभा सीट, नूरपुर विधानसभा सीट और महाराष्ट्र में भंडारा गोंदिया लोकसभा सीट के उपचुनाव में सुबह से ही भारी पैमाने पर ईवीएम में गड़बड़ी की शिकायत चुनाव आयोग से की गई है.’

उन्होंने बताया कि लखनऊ में मुख्य चुनाव अधिकारी को इस बाबत सूचित कर दिया गया था. इसमें अकेले कैराना में लगभग 200 और नूरपुर में 113 मतदान केंद्र पर मशीनें खराब हुईं.

रमजान के दौरान उपचुनाव कराने के फैसले पर भी उठे सवाल

इस दौरान अजीत सिंह ने आयोग के समक्ष रमजान के दौरान उपचुनाव कराने के फैसले पर भी सवाल उठाए. सिंह ने दलील दी कि इससे पहले इतनी गर्मी में रमजान के दौरान कभी चुनाव या उपचुनाव नहीं कराये गए और यदि ऐसा हुआ भी तो राजनैतिक दलों के एतराज जताने पर आयोग ने मतदान की तारीख को बदल दिया.

सिंह ने सरकारी तंत्र पर अविश्वास व्यक्त करते हुए कहा, ‘हमें भरोसा है कि चुनाव आयोग उनकी मांग को पूरा कर चुनाव प्रक्रिया में लोगों के विश्वास को बहाल करेगा.’ वर्ग विशेष की बहुलता वाले मतदान केंद्रों पर ही मशीनों में गड़बड़ी की शिकायतों के सवाल पर यादव ने कहा कि सपा और रालोद के प्रभाव वाले ग्रामीण इलाकों में ये शिकायतें अधिक पायी गईं.

उन्होंने कहा, ‘संदेह इसलिए होता है क्योंकि अतिरिक्त मशीनें सेक्टर अफसरों की अभिरक्षा में होती है और ये अफसर मशीनें खराब होने के बाद अपना फोन बंद करके बैठ गए. इस वजह से मतदान घंटों बाधित रहा.’

आयोग ने मतदान में बाधा की खबरों को खारिज किया

वहीं, चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र सहित अन्य राज्यों में लोकसभा और विधानसभा की दर्जन भर सीटों पर उपचुनाव के दौरान वोटिंग मशीनों में खराबी और मतदान में बाधा उत्पन्न किए जाने संबंधी मीडिया रिपोर्टों को खारिज करते हुये कहा है कि इन्हें बढ़ाचढ़ा कर बताया जा रहा है.

आयोग की ओर से जारी बयान के मुताबिक, ‘उपचुनाव में मतदान के दौरान ईवीएम और वीवीपीएटी में व्यापक पैमाने पर खराबी और महाराष्ट्र एवं उत्तर प्रदेश में मतदान में बाधा पहुंचाये जाने संबंधी मीडिया रिपोर्टों को वास्तविक स्थिति की तुलना में बढ़ाचढ़ा कर पेश किया गया है.’

उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश की कैराना और महाराष्ट्र की भंडारा गोंदिया लोकसभा सीट पर उपचुनाव में मतदान के दौरान ईवीएम में खराबी और बाधायें उत्पन्न किये जाने की शिकायतें मिलने के बाद आयोग ने यह स्पष्टीकरण दिया है.

आयोग की दलील है कि लोकसभा या विधानसभा के प्रत्येक चुनाव अथवा उपचुनाव में सभी मतदान केंद्रों पर ईवीएम और वीवीपीएटी मशीनों की 20 से 25 प्रतिशत अतिरिक्त संख्या उपलब्ध रहती है जिससे मशीनों के खराब होने की स्थिति में तत्काल अतिरिक्त मशीनें लगायी जा सकें. अतिरिक्त मशीनें सेक्टर अफसर की अभिरक्षा में रखी जाती हैं जिन्हें वह मशीनों के खराब होने पर बदलता है. प्रत्येक सेक्टर अफसर के क्षेत्राधिकार में लगभग दर्जन भर मतदान केंद्रों में मशीनों के रखरखाव की जिम्मेदारी होती है.

आयोग ने कुछ मीडिया रिपोर्टों में आईं भंडारा गोंदिया सीट पर 35 मतदान केंद्रों पर मतदान रद्द होने की खबरों को निराधार बताते हुए इसी क्षेत्र में 25 प्रतिशत मतदान केंद्रों पर ईवीएम वीवीपीएटी मशीनों के खराब होने संबंधी खबरों को भी गलत करार दिया. आयोग ने स्पष्ट किया कि भंडारा गोंदिया सीट पर किसी भी मतदान केंद्र पर वोटिंग रद्द नहीं की गई है.

उत्तराखंड के थराली में 53 प्रतिशत मतदान

उत्तराखंड के चमोली जिले की थराली विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में 53.43 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया. चमोली के अपर जिला सूचना अधिकारी और चुनाव नियंत्रण कक्ष के सूचना प्रभारी जीएस भटट ने बताया कि समय समाप्त होने तक उपचुनाव में मतदान का प्रतिशत 53.43 रिकॉर्ड किया गया.

झारखंड के गोमिया एवं सिल्ली उपचुनाव में 62 और 75 प्रतिशत से अधिक मतदान

झारखंड के गोमिया एवं सिल्ली विधानसभा क्षेत्रों के उपचुनाव में क्रमश: कुल 62.61 प्रतिशत एवं 75.5 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया. झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी एल ख्यांगते ने बताया कि गोमिया एवं सिल्ली विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव में आज कुल 62.61 प्रतिशत एवं 75.5 प्रतिशत मतदान रिकॉर्ड किया गया. ख्यांग्ते ने बताया कि दोनों विधानसभा क्षेत्रों से किसी भी अप्रिय घटना की खबर नहीं है. नक्सल प्रभावित होने के कारण यहां अपराह्न तीन बजे तक ही मतदान कराया गया.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)

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