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नौहट्टा झड़प: सीआरपीएफ वाहन से मारे गए युवक के अंतिम संस्कार में संघर्ष, श्रीनगर बंद

श्रीनगर के नौहट्टा में शुक्रवार को प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच संघर्ष के दौरान दो युवक कथित रूप से सीआरपीएफ की गाड़ी की चपेट में आए गए थे. अज्ञात पत्थरबाज़ों और सीआरपीएफ के चालक के ख़िलाफ़ मामला दर्ज कर लिया गया है.

Srinagar: Police personnel during a clash with the protesters, in Srinagar on Saturday, Jun 02, 2018. Clashes erupted after police stopped the funeral procession of the youth Qaiser Amin Bhat who was killed after being hit and run over by a paramilitary vehicle yesterday. (PTI Photo/ S Irfan) (PTI6_2_2018_000100B)

शनिवार को श्रीनगर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई. सीआरपीएम की गाड़ी से कुचलकर मारे गए युवक क़ैसर अमीन भट की अंतिम यात्रा को पुलिस द्वारा रोके जाने की वजह से यह झड़प हुई. (फाइल फोटो: पीटीआई)

श्रीनगर: जम्मू कश्मीर की राजधानी श्रीनगर के कुछ हिस्सों में प्राधिकारियों ने शनिवार को पाबंदियां लगा दीं जबकि अलगाववादियों ने हड़ताल का आह्वान किया.

श्रीनगर में पथराव कर रहे प्रदर्शनकारियों के साथ झड़प के दौरान सीआरपीएफ के वाहन से कथित रूप से टक्कर लगने से घायल हुए क़ैसर अमीन भट नाम के युवक की शुक्रवार रात मौत होने के बाद यह कदम उठाया गया. तो वहीं, वाहन से कुचलकर मारे गए युवक के अंतिम संस्कार के दौरान संघर्ष की स्थिति बनी.

इस दौरान, श्रीनगर में अधिकतर दुकानें, व्यापारिक प्रतिष्ठान और पेट्रोल पंप बंद रहे क्योंकि अलगाववादियों ने नागरिकों की मौत के विरोध में हड़ताल आहूत की थी. घाटी के अन्य हिस्सों से भी इसी तरह की बंदी की खबरें आईं.

प्राधिकारियों ने श्रीनगर के पुराने शहर के नौहट्टा क्षेत्र में भी कर्फ्यू लगाया जहां शुक्रवार को झड़प हुई थी.

प्रतिबंध के बीच क़ैसर अमीन भट के अंतिम संस्कार में सैकड़ों लोगों ने हिस्सा लिया. पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि ईदगाह में भट के अंतिम संस्कार के दौरान सुरक्षा बलों ने फतेह कडल में जुलूस को रोकने का प्रयास किया जिससे संघर्ष हुआ.

दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के तहत पाबंदियां शहर के छह अन्य पुलिस थाना क्षेत्रों रैनावारी, सफाकदल, खानयार, एमआर गंज, मैसुमा और क्रालखुद में भी लगाई गई हैं. पाबंदी कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए ऐहतियाती कदम के तौर पर लगाई गई हैं. यह शुक्रवार मध्यरात्रि के दौरान एक अस्पताल में युवक की मौत के बाद लगाई गई हैं.

हड़ताल के आह्वान के बाद श्रीनगर में बसें नहीं चलीं. यद्यपि निजी कार, कैब और ऑटो रिक्शा ऐसे क्षेत्रों में चलते दिखे जहां कोई पाबंदी नहीं थी. एक अधिकारी ने कहा कि शहर में निजी स्कूल बंद रहे.

उन्होंने कहा कि घाटी में अन्य जिला मुख्यालयों से भी ऐसी ही हड़ताल की सूचना मिली है. कश्मीर में ट्रेन सेवाएं भी रोक दी गई हैं.

प्राधिकारियों ने श्रीनगर और बडगाम जिलों में मोबाइल इंटरनेट सेवा को बंद कर दिया है जबकि दक्षिण कश्मीर के चार जिलों में इंटरनेट की स्पीड घटा दी गई है. एक अधिकारी ने बताया कि श्रीनगर के नौहट्टा में जामिया मस्जिद में शुक्रवार की नमाज़ समाप्त होने के बाद युवाओं के एक समूह ने सुरक्षा बलों पर पथराव करना शुरू कर दिया.

कुछ प्रदर्शनकारियों ने सीआरपीएफ के एक वाहन पर हमला किया जिससे क़ैसर अमीन भट (21) और एक अन्य व्यक्ति को टक्कर लग गई. दोनों को सौरा स्थित एसकेआईएमएस अस्पताल ले जाया गया जहां बाद में भट की मौत हो गई.

पुलिस ने शुक्रवार की झड़प को लेकर पथराव करने वाले कुछ अज्ञात व्यक्तियों के ख़िलाफ़ शनिवार को हत्या का प्रयास और दंगा करने के लिए मामला दर्ज किया जबकि सीआरपीएफ चालक के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने का आरोप लगाया.

पुलिस के एक अधिकारी ने बताया, ‘नौहट्टा की घटना को लेकर दो मामले दर्ज किए गए हैं.’

उन्होंने कहा कि अज्ञात व्यक्तियों के ख़िलाफ़ रणबीर दंड संहिता (आरपीसी) की धारा 307 (हत्या की कोशिश), 148 (दंगा करना), 149, 152, 336 और 427 के तहत मामला दर्ज किया गया है.

अधिकारी ने बताया कि सीआरपीएफ के चालक के ख़िलाफ़ आरपीसी की धारा 279 और 337 के तहत मामला दर्ज किया गया है.

सीआरपीएफ वाहन से कुचलकर मरे युवक के अंतिम संस्कार के दौरान संघर्ष

नगर के फतेह कडल इलाके में क़ैसर अमीन भट के अंतिम संस्कार में सैकड़ों लोगों ने हिस्सा लिया. पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि ईदगाह में भट के अंतिम संस्कार के दौरान सुरक्षा बलों ने फतेह कडल में जुलूस को रोकने का प्रयास किया जिससे संघर्ष हुआ.

अधिकारी ने बताया कि कुछ प्रदर्शनकारी मामूली रूप से ज़ख़्मी हो गए. मातम मनाने वाले कुछ लोग भट का शव लेकर ईदगाह गए जहां उसका अंतिम संस्कार हुआ.

गौरतलब है कि अधिकारियों ने श्रीनगर के कुछ इलाकों में निषेधाज्ञा लगाई थी लेकिन अंतिम संस्कार में सैकड़ों लोग इकट्ठा हो गए.

वहीं, जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सुरक्षा बलों की आलोचना करते हुए ट्वीट किया कि वे अब अपनी जीप प्रदर्शनकारियों के ऊपर चला रहे हैं.

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया जताते हुए संवाददाताओं से कहा कि कुछ नेता सुरक्षा बलों को आसानी से निशाना बनाते हैं और उन्होंने अब्दुल्ला की निंदा की.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)

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