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बिहार: हाईस्कूल का रिजल्ट आने से पहले गायब 42 हज़ार कॉपियां कबाड़ी को बेची गईं

गोपालगंज पुलिस अधीक्षक ने बताया कि ज़िले के एक स्कूल में बने मूल्यांकन केंद्र से 213 बैग में भरी 42,000 मूल्यांकित कॉपी स्कूल के गार्ड और चपरासी ने 8,500 रुपये में कबाड़ी को बेची दी थीं.

प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो साभार: biharboardonline)

प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो साभार: biharboardonline)

पटना: बिहार राज्य विद्यालय परीक्षा समिति (बीएसईबी) द्वारा आयोजित मैट्रिक परीक्षा 2018 की मूल्यांकित 40 हजार से अधिक कॉपियां 8,500 रुपये में कबाड़ खरीदने वाले को बेच दी गईं. गौरतलब है कि गोपालगंज जिला के नगर थाना क्षेत्र स्थित एसएस बालिका उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के स्ट्रॉंग रूम से कॉपियां गायब हो गई थीं.

गोपालगंज के पुलिस अधीक्षक राशिद जमां ने शनिवार को बताया कि इस मामले में गिरफ्तार उक्त विद्यालय के रात्रि प्रहरी पूजन सिंह और चपरासी चिट्टू सिंह से पूछताछ के क्रम में चिट्टू ने बताया कि एक ऑटो-रिक्शा में मूल्यांकित कापियों को लादकर ले गए और कबाड़ खरीदने वाले पप्पू कुमार गुप्ता को बेच दिया गया.

राशिद जमां ने बताया कि मामले में गिरफ्तार गुप्ता ने पुलिस को पूछताछ के दौरान बताया कि उसने उन उत्तर पुस्तिकाओं को रद्दी समझकर खरीदा था और इसके लिए उसने 8500 रूपये अदा किए थे .

जमां ने बताया कि गुप्ता की दुकान से कुछ मूल्यांकित कॉपियों के अलावा जिन थैलों में उन कॉपियों को रखा गया था, उनमें से तीन खाली थैले बरामद किए गए हैं.

उन्होंने बताया कि बाकी कॉपियों की बरामदगी के लिए गुप्ता से पूछताछ जारी है.

उल्लेखनीय है कि इस मामले में गत 19 जून को एसएस बालिका उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के पटना स्थित बीएसईबी मुख्यालय परिसर से प्रधानाचार्य प्रमोद कुमार श्रीवास्तव को पुलिस ने गिरफ्तार किया गया था.

बीएसईबी ने इस मामले का उद्भेदन किए जाने पर खुशी जताते हुए जमां सहित इसकी जांच के गठित विशेष जांच दल में शामिल सभी पुलिस पदाधिकारी एवं कर्मियों को पुरस्कृत किए जाने की घोषणा की है.

मैट्रिक की परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन को लेकर गोपालगंज के एसएस बालिका उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में बनाए गए मूल्यांकन केंद्र के स्ट्रांग रूम से 213 बैग मैट्रिक की मूल्यांकित की जा चुकीं उत्तर पुस्तिकाओं के गायब हो जाने के बारे में बीएसईबी के अध्यक्ष आनंद किशोर ने गत 19 जून को कहा था कि उक्त गायब पुस्तिकाओं में दर्ज अंक पूर्व में ही बीएसईबी को प्राप्त हो गए थे, इसलिए मैट्रिक परीक्षा 2018 के परिणाम और इस परीक्षा में टॉप करने वालों की सूची पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा.

मैट्रिक परीक्षा 2018 जिसका परिणाम गत 20 जून को जारी होना था. पर गत 19 जून को बीएसईबी द्वारा घोषणा की गई थी कि वार्षिक माध्यमिक परीक्षा, 2018 के परीक्षाफल आगामी 26 जून सुबह 11.30 बजे जारी किए जाएंगे.

दैनिक भास्कर के मुताबिक, कॉपियां 5 जून को बेची गई थीं.

गौरतलब है कि मामले का खुलासा तब हुआ जब बिहार बोर्ड ने उक्त विद्यालय के मूल्यांकन केंद्र पर 15 जून को दो कर्मचारियों को भेजा. उन्होंने प्राचार्य से 12 कॉपियां मांगी. लेकिन, प्राचार्य 12 में से 3 कॉपी उपलब्ध नहीं करा सके थे. ये 12 कॉपी मेधावी छात्रों की थीं जिनकी रिजल्ट घोषित करने से पहले दोबारा जांच की जानी थी.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)

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