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मंदसौर बलात्कार पीड़िता के पिता बोले- नहीं चाहिए सरकारी मुआवजा राशि, बस दोषियों को दो फांसी

मध्य प्रदेश सरकार की ओर से पीड़िता के परिवार को दस लाख रुपये की आर्थिक मदद की घोषणा हुई है. पीड़िता के पिता का कहना है कि हमें बस इंसाफ चाहिए. क़ानूनी प्रक्रिया जल्द पूरी करके दोषियों को फांसी दो.

मंदसौर बलात्कार पीड़िता बच्ची के पिता (फोटो: एएनआई)

मंदसौर बलात्कार पीड़िता बच्ची के पिता (फोटो: एएनआई)

इंदौर: मध्यप्रदेश के मंदसौर में सामूहिक बलात्कार की शिकार सात वर्षीय बच्ची के पिता ने घटना पर रविवार को आक्रोश जताते हुए कहा कि उन्हें सरकारी मुआवजा नहीं चाहिए. उन्होंने कहा कि उनका परिवार बस इतना चाहता है कि उनकी बेटी के साथ बर्बर दुष्कर्म करने वाले दोनों मुजरिमों को जल्द से जल्द मौत की सजा दिलाई जाये.

सामूहिक बलात्कार की शिकार स्कूली छात्रा के पिता मंदसौर में फूल बेचते हैं. उनकी बेटी मंदसौर से करीब 200 किलोमीटर दूर इंदौर के शासकीय महाराजा यशवंतराव चिकित्सालय (एमवायएच) में 27 जून की रात से भर्ती है.

पीड़ित बच्ची के पिता ने अस्पताल में मीडिया से बातचीत में कहा, ‘मेरे परिवार को सरकार से कोई मुआवजा नहीं चाहिए. हम यही चाहते हैं कि हमारी बेटी से ज्यादती के मामले में यथाशीघ्र कानूनी प्रक्रिया पूरी हो और मुजरिमों को जल्द से जल्द फांसी की सजा दिलाई जाये.’

प्रदेश सरकार की ओर से उन्हें 10 लाख रुपये की आर्थिक मदद देने के फैसले के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘पैसे की कोई बात है ही नहीं. हमें बस इंसाफ चाहिए.’

पीड़ित बच्ची के पिता ने यह भी कहा कि वह अपनी संतान के एमवायएच में चल रहे इलाज से संतुष्ट हैं.

उन्होंने अपनी बेटी को बेहतर इलाज के लिए किसी अन्य अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत से इनकार करते हुए कहा, ‘एमवायएच में मेरी बेटी के इलाज के लिए बाहर से भी डॉक्टर आ रहे हैं. मेरी बेटी का अच्छा इलाज यहीं (एमवायएच में) हो जाएगा. उम्मीद है कि दो-चार दिन में उसकी हालत और सुधरेगी.’

इस बीच, मंदसौर के जिलाधिकारी ओपी श्रीवास्तव ने बताया कि पीड़िता के पिता के बैंक खाते में शनिवार को मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान योजना के मद से पांच लाख रुपये की राशि जमा कराई गई है, ताकि पीड़ित परिवार को तुरंत आर्थिक मदद दी जा सके. उनके बैंक खाते में सोमवार को इसी मद में पांच लाख रुपये और जमा कराए जाएंगे.

श्रीवास्तव ने यह भी बताया कि अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद किसी वरिष्ठ मनोचिकित्सक से बच्ची की काउंसलिंग भी कराई जाएगी, ताकि वह दुष्कर्म के सदमे से जल्द से जल्द उबरकर सामान्य जीवन जी सके.

इस बीच, दूसरे आरोपी आसिफ की मां ने अपने बेटे को बेक़सूर बताते हुए सीबीआई जांच की मांग की है. आरोपी की मां ने कहा, ‘मुझे यकीन है कि वह बेक़सूर है. मामले में सीबीआई जांच कराई जाए. अगर वह दोषी पाया जाता है तो उसे कठोर सजा दी जाए.’

मालूम हो कि मंदसौर में 26 जून को छुट्टी के बाद स्कूल के बाहर से तीसरी कक्षा में पढ़ने वाली सात वर्षीय बच्ची का अपहरण करके उसके साथ बलात्कार करने को बाद उसे जान से मारने की कोशिश में झाड़ियों में फेंक दिया गया था.

अब तक बच्ची की कई अलग-अलग सर्जरी की जा चुकी हैं. उसे जीवन देने के लिए उसकी आंतें तक बाहर निकालनी पड़ी हैं. दस डॉक्टरों का दल लगातार उसकी हालत पर निगरानी बनाए हुए है.

पुलिस ने इस मामले में दोनों आरोपियों इरफान और आसिफ को गिरफ्तार कर लिया है. मंदसौर में लोग इस घटना के खिलाफ लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं और आरोपियों के लिए फांसी की सजा की मांग कर रहे हैं.

वहीं, यह भी ज्ञात हो कि शुक्रवार को हाई कोर्ट की इंदौर बेंच में पीड़िता के इलाज के संबंध में एक जनहित याचिका दायर करते हुए मांग की गई थी कि बच्ची का इलाज नई दिल्ली स्थित एम्स में सरकारी खर्च पर कराया जाए.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)

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