राजनीति

कांग्रेस को ‘मुस्लिमों की पार्टी’ बताने के लिए मोदी को संसद में माफी मांगनी चाहिए: कांग्रेस

कांग्रेस प्रवक्ता आनंद शर्मा ने कहा, ‘प्रधानमंत्री ने अपने पद की गरिमा को लगातार ठेस पहुंचाई है. उन्होंने जो कहा उसका हम कड़ा विरोध करते हैं. यह उनकी बीमार मानसिकता को दिखाता है.’

ANANDSHARMA

आनंद शर्मा. (फाइल फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: कांग्रेस ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कांग्रेस को मुस्लिमों की पार्टी बताने के लिए माफी मांगनी चाहिए और कहा कि इस टिप्पणी से उनकी ‘बीमार मानसिकता’ झलकती है.

कांग्रेस ने प्रधानमंत्री को ‘झूठ बेचने वाला’ बताया और उन्हें चुनौती दी कि वह विपक्षी दल के खिलाफ अपने आरोपों पर संसद में 18 जुलाई को शुरू होने वाले मानसून सत्र के दौरान चर्चा करें.

मोदी ने आजमगढ़ में अपने भाषण के दौरान कांग्रेस पर तीन तलाक पर उसके रुख को लेकर जोरदार हमला बोला था और सवाल किया था कि क्या वह केवल मुस्लिम पुरुषों की पार्टी है.

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा ने कहा, ‘प्रधानमंत्री ने अपने पद की गरिमा को लगातार ठेस पहुंचायी है. उन्होंने जो कहा उसका हम कड़ा विरोध करते हैं. यह उनकी बीमार मानसिकता को दिखाता है.’

शर्मा ने कहा, ‘उनकी ओर से समाज को बांटने का एक प्रयास किया गया है…उनकी मुख्य प्रतिद्वंद्वी पार्टी कांग्रेस ने राष्ट्रीय आंदोलन का नेतृत्व किया और स्वतंत्रता के लिए संघर्ष किया…उसे मुस्लिमों की पार्टी कहना प्रधानमंत्री को शोभा नहीं देता. उन्हें अपने बयान के लिए माफी मांगनी चाहिए.’

उन्होंने कहा, ‘उनकी बीमार मानसिकता एक राष्ट्रीय चिंता का विषय है. प्रधानमंत्री ने ऐसा बयान दिया है, जो ऐतिहासिक तथ्यों के हिसाब से गलत है.’

उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रधानमंत्री से अपील करती है कि वह ‘झूठे बयान’ देने से बचें. कांग्रेस नेता ने कहा कि नरेंद्र मोदी सिर्फ भाजपा के प्रधानमंत्री नहीं हैं बल्कि पूरे भारत के प्रधानमंत्री हैं.

उन्होंने कहा कि मोदी को ‘इतिहास की कम जानकारी है और वह अपना इतिहास लिखते हैं.’

उन्होंने कहा कि कांग्रेस तीन तलाक के खिलाफ थी और उनकी पार्टी संसदीय प्रणाली के नियमों का पालन चाहती थी. उन्होंने आरोप लगाया, ‘इस सरकार ने बार बार संसद को बाईपास करने का प्रयास किया है. वे चाहते हैं कि विधेयक संसद की जांच पड़ताल के बिना ही पारित हो जाएं.’

उन्होंने कहा कि कई विधेयक अलग-अलग समितियों को यह सुनिश्चित करने के लिए भेजे जाते हैं कि कानून बनाते समय कोई त्रुटि नहीं हो. उन्होंने सवाल किया कि ऐसी प्रक्रिया कानून बनाने में बाधक कैसे मानी जा सकती है.

प्रधानमंत्री मोदी ने तीन तलाक के मुद्दे को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा था कि विपक्ष महिलाओं, विशेष तौर पर मुस्लिम महिलाओं का जीवन सुरक्षित करने के सरकार के प्रयासों को बाधित कर रहा है.

शर्मा ने कहा, ‘मोदी कब से महिलाओं के रक्षक बन गए…राज्य (उत्तर प्रदेश) जहां वह बोल रहे थे वहां प्रतिदिन में बलात्कार हो रहे हैं…’

तीन तलाक विधेयक निचले सदन में पारित हो चुका है लेकिन राज्यसभा में लंबित है क्योंकि विपक्ष को उस पर आपत्तियां हैं. शर्मा ने आरोप लगाया, गत चार वर्षों का ब्योरा देने की बजाय ‘प्रधानमंत्री असत्य, अर्धसत्य और झूठ का सहारा ले रहे हैं.’

उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस को अपनी साख, विचारधारा या विश्वसनीयता और देश के प्रति प्रतिबद्धता के बारे में नरेंद्र मोदी और भाजपा से किसी प्रमाणपत्र की जरूरत नहीं है.’

शर्मा ने कहा कि वह प्रधानमंत्री की मजबूरी समझ सकते हैं क्योंकि वह एक ऐसी विचारधारा से आते हैं जिसका पालन करने वालों ने महात्मा गांधी का भी विरोध किया था.

कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वालों के उत्थान के बारे में झूठा आंकड़ा दिया.

शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री का यह दावा ‘हंसी योग्य’ है कि गत दो वर्षों में पांच करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से ऊपर उठाया गया. उन्होंने कहा कि वास्तव में तथ्य यह है कि नोटबंदी और जीएसटी लागू होने से करोड़ों लोग गरीबी रेखा के नीचे चले गए हैं.

कांग्रेस नेता ने दावा किया कि 2004 से 2014 के बीच 14 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से ऊपर किया गया था.

अपनी टिप्पणी पर चुप क्यों हैं राहुल गांधी: भाजपा

कांग्रेस को मुस्लिमों की पार्टी कहने संबंधी राहुल गांधी की कथित टिप्पणी को लेकर उनकी चुप्पी पर सवाल उठाते हुए भाजपा ने कहा कि विपक्षी पार्टी में मुस्लिम महिलाओं के लिए कोई जगह नहीं है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बीमार मानसिकता वाला होने का आरोप लगाए जाने को लेकर भी भाजपा ने पलटवार किया. दरअसल, इससे पहले प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर आरोप लगाया था कि वह सिर्फ मुस्लिम पुरूषों के साथ खड़ी है. भाजपा के वरिष्ठ नेता रवि शंकर प्रसाद ने कहा, ‘कांग्रेस नेता द्वारा प्रधानमंत्री के खिलाफ शर्मनाक आरोप लगाना उनकी हताशा को दर्शाता है.’

उन्होंने कहा कि राहुल ने ‘तीन तलाक’ पर सरकार की पहल को अब तक अपनी पार्टी का समर्थन नहीं दिया है, जबकि उच्चतम न्यायालय ने इस प्रथा पर पाबंदी लगा दी.

एक उर्दू अखबार में कांग्रेस को मुस्लिम की पार्टी बताने संबंधी कथित टिप्पणी के लिये राहुल को आड़े हाथ लेते हुए प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष अब अल्पसंख्यक समुदाय की सरपरस्ती कर रहे हैं.

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जब चुनावों के लिए गुजरात गए थे, तब वह जनेऊधारी बन गए थे. उन्होंने कर्नाटक में भी ऐसा ही किया था. अब चुनाव हो गए तो उन्होंने मुसलमानों की सरपरस्ती शुरू कर दी है.

प्रसाद ने कहा, ‘मुद्दा यह है कि राहुल गांधी क्यों संदिग्ध चुप्पी साधे हुए हैं. वह बोल क्यों नहीं रहे हैं.’ उन्होंने कहा कि राहुल ने हिलेरी क्लिंटन की मेजबानी के लिए एक दोपहर भोज के दौरान तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की मौजूदगी में कहा था कि भगवा आतंकवाद और उग्रवाद, लश्कर ए तैयबा से कहीं अधिक खतरनाक है.

 (समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)