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अलवर लिंचिंग: मेव पंचायत में उठी मांग, भाजपा विधायक ज्ञानदेव आहूजा हों गिरफ़्तार

गोतस्करी के संदेह में अकबर ख़ान के साथ एक भीड़ द्वारा मारपीट मामले में मेव पंचायत ने दावा किया कि विधायक आहूजा ने घटना के बाद भड़काऊ बयान दिए और आरोपियों का समर्थन किया इसलिए उन्हें षडयंत्र रचने के आरोप में गिरफ़्तार किया जाना चाहिए.

(फोटो: राजस्थान विधानसभा वेबसाइट)

(फोटो: राजस्थान विधानसभा वेबसाइट)

जयपुर: राजस्थान में अलवर जिले के रामगढ़ थाना क्षेत्र में गत दिनों गो-तस्करी के संदेह में अकबर उर्फ रकबर खान के साथ एक भीड़ द्वारा मारपीट मामले में मेव समाज ने भाजपा विधायक ज्ञानदेव आहूजा पर मारपीट के षडयंत्र में शामिल होने का आरोप लगाते हुए उनकी गिरफ्तारी की मांग की है.

अलवर के मेव पंचायत नेता शेर मोहम्मद ने कहा कि राजस्थान सीमा से सटे हरियाणा के नूंह जिले में पीड़ित के गांव में आयोजित समाज की महापंचायत में यह मांग उठाई गई है. उन्होंने दावा किया कि विधायक आहूजा ने मॉब लिंचिंग की घटना के बाद भड़काऊ बयान दिए और आरोपियों का समर्थन किया इसलिए उन्हें षडयंत्र रचने के आरोप में गिरफ्तार किया जाना चाहिए. हमने पुलिस से घटनास्थल पर मारपीट के समय मौजूद और पुलिस को सूचना देने वाले नवल किशोर शर्मा को मुख्य आरोपी बनाने की मांग की है.

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, समारोह का आयोजन रकबर इंसाफ कमेटी ने किया था, जिसमें पांच गांवों के 40 लोग शामिल थे और हरियाणा, राजस्थान व दिल्ली से सैकड़ों लोगों ने भाग लिया था. इस दौरान ऑल इंडिया मेवाती समाज के अध्यक्ष रमजान चौधरी ने मांग की है कि अकबर खान के बच्चों का खर्चा सरकार को उठाना चाहिए.

महापंचायत में अन्य मांगों में पीड़ित के परिजनों को 50 लाख रुपये का मुआवजा, पीड़ित की पत्नी को सरकारी नौकरी और मामले की जांच एसआईटी द्वारा कराये जाने की मांग की गई है.पंचायत ने यह भी मांग कि अकबर खान के परिवार को जांच के नाम पर पुलिस द्वारा परेशान नहीं किया जाना चाहिए. चौधरी ने कहा कि अगर छह अगस्त तक पंचायत की मांगों को सरकार नहीं मानती तो अलवर में इससे बड़ी पंचायत का आयोजन किया जाएगा.

हरियाणा में रविवार को हुई महापंचायत में किसान नेता योगेंद्र यादव सहित अन्य लोग भी शामिल हुए.

वहीं, दूसरी ओर विधायक आहूजा ने रविवार को अलवर के लालवंडी गांव का दौरा किया. इसी गांव में गत 20-21 जुलाई की रात कुछ लोगों द्वारा अकबर खान के साथ मारपीट को अंजाम दिया गया था.

उन्होंने कहा कि घटना के सिलसिले में गिरफ्तार तीन आरोपियों को रिहा किया जाये क्योंकि पीडित की मौत पुलिस की लापरवाही की वजह से हुई थी.

आहूजा ने कहा, ‘मैंने गांव का दौरा किया और मंदिर में लोगों के साथ एक बैठक की है. पीड़ित की मौत पुलिस की लापरवाही की वजह से हुई थी और गिरफ्तार तीन आरोपियों को अब रिहा कर देना चाहिए. मैंने गांव वालों से कहा है कि मैं गिरफ्तार किए गए लोगों के परिजनों की कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए मदद करूंगा.’

भाजपा विधायक अलवर के रामगढ़ विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते है, जहां यह घटना घटित हुई थी. जब उनसे मेव पंचायत द्वारा उनकी गिरफ्तारी की मांग के बारे में पूछा गया तो विधायक ने कहा कि उन्हें इसकी परवाह नहीं है.

आहूजा ने कहा कि अकबर और असलम गोतस्कर थे. असलम को भी अब गोतस्करी में गिरफ्तार किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा वह पिछले दो माह से अलवर से बाहर थे.

गौरतलब है कि हरियाणा के नूंह जिले के 28 वर्षीय अकबर उर्फ रकबर और उनके दोस्त असलम गत 20-21 जुलाई की रात को अलवर के रामगढ़ क्षेत्र से दो गायें लेकर जब लालवंडी गांव के जंगल से होकर गुजर रहे थे, उसी दौरान कुछ लोगों के समूह ने गोतस्करी के संदेह में उनके साथ मारपीट की. असलम बचकर भाग निकला था.

पुलिस ने मारपीट में घायल हुए अकबर को लगभग दो से ढाई घंटें की देरी से अस्पताल पहुंचाया जहां उसे 21 जुलाई की अल सुबह मृत लाया गया घोषित कर दिया गया. इस मामले में रामगढ़ थाने के सहायक उप निरीक्षक मोहन सिंह को निलंबित कर दिया गया और तीन पुलिसकर्मियों को पुलिस लाईन भेज दिया गया.

गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने भी गत 24 जुलाई को घटना स्थल का दौरा कर मामले की न्यायिक जांच के आदेश दिए थे.

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)