राजनीति

मुख्यमंत्री शिवराज चौहान की बस पर पथराव: गवाह का दावा- पुलिस ने झूठी गवाही देने का दबाव बनाया

मध्य प्रदेश के सीधी में जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की बस पर हुआ था पथराव. पुलिस द्वारा गवाह बनाए गए संदीप चतुर्वेदी का कहना है, ‘मैंने जब पुलिस को बताया कि मैं आरोपियों को नहीं जानता तो पुलिसवालों ने मुझे पीटा और जबरदस्ती बयान लिया.’

Sidhi: A view of the damaged bus of Madhya Pradesh Chief Minister Shivraj Singh Chouhan after he was attacked on board during his 'Jan Ashirwad Yatra', in Sidhi on Sunday, Sept 2, 2018. (PTI Photo) (PTI9_3_2018_000075B)

जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान मध्य प्रदेश सीधी में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की क्षतिग्रस्त बस. (फोटो: पीटीआई)

भोपाल: मध्य प्रदेश के सीधी ज़िले में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान पत्थर फेंकने के मामले में आरोपियों के ख़िलाफ़ पुलिस को गवाही देने वाले 23 वर्षीय युवक ने दावा किया कि पुलिस के दबाव में आकर उसे जबरदस्ती झूठी गवाही देनी पड़ी जबकि न तो उसके सामने यह घटना हुई और न ही वह इस मामले में गिरफ़्तार किए गए लोगों को जानता है.

मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और चुरहट विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के विधायक अजय सिंह ने बीते शनिवार को भोपाल स्थित अपने निवास पर गवाह युवक संदीप चतुर्वेदी को संवाददाताओं के सामने पेश किया.

संदीप ने अपने कथन के शपथ पत्र और प्रदेश के पुलिस महानिदेशक को इस संबंध में लिखे पत्र की प्रति संवाददाताओं को देते हुए कहा, ‘मैंने उक्त घटना नहीं देखी थी. रात को लगभग 1:30 बजे मुझे पुलिस उपनिरीक्षक दीपक बघेला ने पेट्रोल पम्प, जहां मैं काम करता हूं, से उठाया और कमर्जी थाना ले जाकर यह बयान देने के लिए कहा कि कुछ लोगों के नाम जो वे (पुलिस) बता रहे हैं, लेकर मैं पुलिस को यह बयान दूं कि उन लोगों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के रथ पर पत्थर फेंके थे, जिससे रथ का शीशा टूट गया.’

संदीप ने आगे कहा, ‘मैंने जब उन्हें (पुलिस) को बताया कि इस तरह की घटना मैंने नहीं देखी और जिन लोगों के नाम आप लेने को कह रहे हैं, मैं उन्हें जानता भी नहीं हूं. परंतु बघेला और अन्य पुलिसवालों ने मुझे थाने में पीटा और मुझसे जबरदस्ती बयान लिया.’

उन्होंने इस मामले में जान का ख़तरा होने की आशंका भी जताई. संदीप सीधी ज़िले के हिनौती गांव के रहने वाले हैं. और स्थानीय भाजपा मंडल अध्यक्ष मनोज सिंह के पेट्रोल पंप पर काम करते हैं.

टाइम्स आॅफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार संदीप ने दावा किया, ‘मुझे उन लोगों के नाम याद करने कहा गया था. साथ ही मीडिया के सामने इन लोगों का नाम यह कहते हुए लेने को कहा गया था कि इन्हीं लोगों ने मुख्यमंत्री की बस पर पत्थर फेंके हैं.’

संदीप का कहना है कि वह सीधी से तकरीबन 600 किलोमीटर भागकर आया है. पुलिस उसे ढूंढ रही है.

संदीप की भोपाल में पत्रवार वार्ता और सीधी पुलिस द्वारा जबरदस्ती बयान लिए जाने के संबंध में पूछे जाने पर सीधी ज़िले के पुलिस अधीक्षक तरुण नायक ने कहा, ‘यह मामला जांच में है इसलिए मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं करूंगा.’

मालूम हो कि मुख्यमंत्री चौहान के जन आशीर्वाद यात्रा के रथ पर प्रदेश के सीधी ज़िले के चुरहट इलाके के ग्राम पटपरा में 2 सितंबर की रात पथराव किए जाने के मामले में पुलिस ने नौ कांग्रेसियों को गिरफ्तार किया. पत्थर फेंकने की इस घटना में यात्रा वाहन के चालक के बाजू का शीशा टूट गया था. हालांकि इसमें किसी को कोई चोट नहीं आई.

नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह का कहना है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की बस पर हमला करने के मामले में कांग्रेस नेता राम विलास पटेल और पंकज सिंह समेत नौ लोगों के ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज कराई गई है.

पत्थर फेंकने के मामले में अन्य आरोपी गौरव सिंह चौहान, रोशन सिंह, शिवेंद्र सिंह, सौरव सिंह, चरण सिंह, संजय सिंह और सौरव द्विवेदी हैं.

टाइम्स आॅफ इंडिया के मुताबिक उन्होंने मामले की न्यायिक जांच की मांग की है. उन्होंने कहा, ‘भाजपा सरकार कांग्रेस की छवि और मेरे राजनीतिक करिअर को बदनाम करने की कोशिश कर रही है. और अगर मुख्यमंत्री आमने सामने की लड़ाई चाहते हैं तो वह चुरहट से विधानसभा चुनाव लड़ें.’

मामूल हो कि सीधी ज़िले में कथित पर कांग्रेसियों द्वारा बस पर पत्थर फेंकने के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा था कि कांग्रेस मेरे ख़ून की प्यासी हो गई है. उन्होंने कहा था, ‘मध्य प्रदेश की राजनीति में यह कभी नहीं हुआ. विचारों का संघर्ष चलता था, अलग-अलग पार्टियां अपने कार्यक्रम करती थीं, लेकिन कभी यह नहीं हुआ.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)

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