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गाज़ीपुर में प्रधानमंत्री की रैली के बाद प्रदर्शनकारियों के पथराव में एक कॉन्स्टेबल की मौत

पुलिस ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम के कारण राष्ट्रीय निषाद पार्टी के कार्यकर्ता प्रदर्शन कर रहे थे. कार्यक्रम के बाद कार्यकर्ताओं ने कई जगहों पर जाम लगा दिया और रैली से लौट रहे वाहनों पर पथराव करने लगे. पथराव में घायल होने से कॉन्स्टेबल की मौत हो गई.

गाज़ीपुर में प्रदर्शन करते लोग. (फोटो साभार: एएनआई)

गाज़ीपुर में प्रदर्शन करते लोग. (फोटो साभार: एएनआई)

लखनऊ: गाज़ीपुर ज़िले में प्रधानमंत्री की रैली के बाद लौट रहे वाहनों पर शनिवार को एक स्थानीय पार्टी के कार्यकर्ताओं ने पथराव कर दिया. इस पथराव में एक पुलिस कॉन्स्टेबल की मौत हो गई.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृत सिपाही के परिजनों को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता, एक परिजन को नौकरी तथा पेंशन दिए जाने के निर्देश दिए हैं.

गाज़ीपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक यशवीर सिंह ने टेलीफोन पर बताया कि प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के कारण राष्ट्रीय निषाद पार्टी के कार्यकर्ता शहर में जगह-जगह प्रदर्शन कर रहे थे जिनको पुलिस प्रशासन ने रोक रखा था. कार्यक्रम समाप्त होने के बाद जब प्रधानमंत्री शहर से चले गए तब पार्टी के कार्यकर्ताओं ने शहर में कई जगहों पर जाम लगा दिया और रैली से लौट रहे वाहनों पर पथराव करने लगे.

प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को देखते हुए निषाद पार्टी के कार्यकर्ता ज़्यादा आरक्षण देने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे.

उन्होंने बताया कि इस जाम को खुलवाने में ज़िले के थाना करीमुद्दीनपुर में पदस्थ कॉन्स्टेबल सुरेश वत्स (48) भी लगे हुए थे. पथराव में एक पत्थर सुरेश के सिर में भी लग गया और वह बुरी तरह से जख्मी हो गए. उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका.

एसएसपी के मुताबिक इस दौरान करीब 15 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है और वीडियोग्राफी की मदद से अन्य प्रदर्शनकारियों की पहचान की जा रही है. शहीद सिपाही सुरेश प्रतापगढ़ के रानीगंज के रहने वाले थे.

उधर लखनऊ में अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी ने एक बयान जारी कर कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सिपाही सुरेश के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है. उनकी पत्नी को चालीस लाख रुपये तथा उनके माता-पिता के लिये दस लाख रुपये की सहायता देने के निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री ने परिवार के एक सदस्य को नौकरी तथा परिवार को पेंशन दिए जाने के भी निर्देश दिए है.

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने गाज़ीपुर के जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को दोषियों को गिरफ्तार कर उनके ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए हैं.
गौरतलब है कि शनिवार दोपहर गाज़ीपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कार्यक्रम था.

ग़ाज़ीपुर सीओ सिटी एमपी पाठक ने बताया कि 32 नामज़द और 60 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. कुछ लोगों को गिरफ़्तार भी किया गया है.

मृतक सुरेश वत्स के बेटे वीपी सिंह ने कहा है, ‘पुलिस अपने लोगों की ही रक्षा नहीं कर पा रही है. उनसे हम क्या उम्मीद रख सकते हैं? अब हम मुआवज़ा लेकर क्या करेंगे. इससे पहले इसी तरह की घटना बुलंदशहर और प्रतापगढ़ में हो चुकी है.’

मालूम हो कि गत तीन दिसंबर को बुलंदशहर के स्याना इलाके के चिंगरावठी क्षेत्र में कथित गोकशी के को लेकर उग्र भीड़ की हिंसा में थाना कोतवाली में तैनात इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह तथा सुमित नामक एक अन्य युवक की मृत्यु हो गई थी.

पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह दादरी में हुए अख़लाक़ हत्या मामले में 28 सितंबर 2015 से नौ नवंबर 2015 तक जांच अधिकारी थे.

इस मामले में 27 नामज़द लोगों तथा 50-60 अज्ञात लोगों के ख़िलाफ़ मुक़दमा दर्ज किया गया है.बुलंदशहर हिंसा मामले और इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की हत्या मामले में मुख्य आरोपी बजरंग दल के नेता योगेश राज को बनाया गया है. फिलहाल वह फरार चल रहा है. मामले का एक अन्य वांछित शिखर अग्रवाल भी फ़रार है.

कांग्रेस ने कहा कि योगी के जंगलराज में न तो लोग सुरक्षित हैं और न पुलिस

नई दिल्ली: कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में भीड़ के पथराव के दौरान पुलिस के एक कॉन्स्टेबल की मौत को लेकर शनिवार को प्रदेश सरकार पर हमला बोला और आरोप लगाया कि योगी आदित्यनाथ के ‘जंगल राज’ में न लोग सुरक्षित हैं और न ही पुलिस.

घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, ‘आदित्यनाथ के महा जंगलराज में न लोग सुरक्षित हैं न ही पुलिस.’ उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘भाजपा के राज में लोकतंत्र भीड़तंत्र के बराबर है.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)