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आर्थिक रूप से पिछड़े सामान्य वर्ग के लोगों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रस्ताव

इस फैसले को लागू करने के लिए संविधान के अनुच्छेद 15 और 16 में संशोधन के लिए एक विधेयक संसद में पेश किया जाएगा.

Gurugram: Prime Minister Narendra Modi gestures as he addresses a public meeting during 'Jan Vikas' rally, at Sultanpur village, in Gurugram, Monday, Nov.19, 2018. (PTI Photo/Kamal Kishore)(PTI11_19_2018_000091B)

नरेंद्र मोदी. (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: केंद्र की मोदी सरकार ने सोमवार को ‘आर्थिक रूप से पिछड़ी’ सामान्य वर्ग के लोगों के लिए सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत आरक्षण को मंजूरी दे दी.

इंडियन एक्सप्रेस के सूत्रों ने बताया कि 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले, सरकार ने सामान्य वर्ग के उन लोगों के लिए नौकरियों में आरक्षण की घोषणा की है जिनकी प्रति वर्ष 8 लाख रुपये से कम की कमाई की है.

इस फैसले को लागू करने के लिए संविधान के अनुच्छेद 15 और 16 में संशोधन के लिए एक विधेयक संसद में पेश किया जाएगा.

मालूम हो कि सुप्रीम कोर्ट ने सरकारी नौकरियों में जाति आधारित आरक्षण के लिए 50% की सीमा तय कर रखी है.

एनडीटीवी के मुताबिक सवर्णों को सरकारी नौकरी और उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश के लिए 10 फीसदी आरक्षण मिलेगा, यह आरक्षण 50 फीसदी की सीमा से अलग होगा. संविधान संशोधन विधेयक मंगलवार को सदन में पेश किया जा सकता है. 

कांग्रेस नेता हरीश रावत ने सरकार के इस फैसले पर कहा, ‘बहुत देर कर दी मेहराबन आते आते. वो भी ऐसे समय पर जब चुनाव नजदीक हैं. वो चाहे जो भी करें, चाहे जो जुमला दे, इस सरकार को कुछ भी नहीं बचा सकता.’

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