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हरियाणा: पंचायत ने कहा, जिनके घरों में कश्मीरी रहेंगे उन्हें गद्दार समझा जाएगा

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमें कथित तौर पर अंबाला ज़िले की एक ग्राम पंचायत ने पुलवामा आतंकवादी हमले को लेकर ग्रामीणों से कहा है कि वे किराए पर रह रहे कश्मीरी छात्रों से 24 घंटे के अंदर अपना मकान खाली करवाए.

अंबाला (फोटो: गूगल मैप)

अंबाला (फोटो: गूगल मैप)

अंबाला: हरियाणा में अंबाला जिले की एक ग्राम पंचायत ने पुलवामा आतंकवादी हमले को लेकर ग्रामीणों से कहा है कि वे किराये पर रह रहे कश्मीरी छात्रों से 24 घंटे के अंदर अपना मकान खाली करवाए. सोशल मीडिया पर इस संबंध में एक वीडियो वायरल हो रहा है.

इस वीडियो के सामने आने के बाद पांच-छह विद्यार्थियों को एमएम मुलाना विश्वविद्यालय (एमएमयू) में स्थानांतरित किया गया है.

इस वीडियो में मुलाना के ग्राम सरपंच नरेश राणा चौहान को यह कहते हुए सुना जा सकता है, ‘ग्रामीणों से कश्मीरी विद्यार्थियों से मकान खाली करवाने को कहा गया है. यदि ऐसा नहीं किया जाता है तो जिनके मकान में ऐसे विद्यार्थी रह रहें होंगे, उन्हें गद्दार समझा जाएगा.’

ग्राम प्रधान का आरोप है कि कुछ कश्मीरी विद्यार्थी संदिग्ध गतिविधियों में शामिल हैं.

विश्वविद्यालय के एक न्यासी विशाल गर्ग ने बताया कि कुछ कश्मीरी विद्यार्थियों ने उनसे छात्रावास में रहने का अनुरोध किया था, उन्हें वहां ठहरा दिया गया है.

इंडियन एक्सप्रेस की ख़बर के अनुसार, शनिवार दोपहर सरपंच चौहान के साथ पुलिस टीम ने छात्रों के साथ मुलाकात की. सरपंच ने कहा, ‘आप हमारे भाई हो. हमारी मंशा गलत नहीं है. हम केवल गलत गतिविधियों में लिप्त लोगों के बारे में बात कर रहे थे. आप जहां भी रहेंगे, सुरक्षित रहेंगे. मैं केवल अपना पहचान पत्र दिए बिना किराए पर रहने वालों के बारे में बात कर रहा था.

इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए, चौहान ने दावा किया कि सब कुछ सामान्य है. रैली के तुरंत बाद, किरायेदार के रूप में रहने वाली महिलाओं सहित लगभग 110 कश्मीरी छात्रों को उनके मकान मालिकों ने कमरा खाली करने के लिए कहा. सूत्रों ने कहा कि कुछ छात्रों के साथ भी मारपीट की गई.

शनिवार देर शाम तक, लगभग 50 सशस्त्र पुलिसकर्मी विश्वविद्यालय के हॉस्टल के बाहर पहरा दे रहे थे, जबकि स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई थी. कश्मीरी छात्रों ने एक्सप्रेस को बताया कि जब से पुलवामा हमला हुआ है, तब से वे बाहर निकलने से डरते थे. वहीं, उनमें से लगभग 20 लोग बाहर पंजाब के राजपुरा में अपने दोस्तों के घर रहने के लिए चले गए.

विश्वविद्यालय के अधिकारी टिप्पणी के लिए उपलब्ध नहीं थे. अंबाला के एसपी आस्था मोदी ने कहा कि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए क्षेत्र में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है. उन्होंने कहा, ‘वहां स्थिति सामान्य है. हां, कल कुछ गलत टिप्पणी की गई थी लेकिन हमने छात्रों के साथ बैठक की है और सब कुछ नियंत्रण में है.’

हालांकि, शनिवार शाम को एमएमयू हॉस्टल में शिफ्ट हुई एक महिला छात्रा ने कहा, ‘हमें सीधे किसी से भी घर छोड़ने के लिए नहीं कहा गया था, लेकिन वीडियो वायरल होने और रैलियां निकालने के बाद, हमने जल्द से जल्द कैंपस पहुंचने का फैसला किया था. हम डर के मारे रात को सो नहीं पाए हैं.’

गौरतलब है कि पुलवामा में आतंकवादी हमले के बाद देहरादून शहर में हिंदुत्ववादी समूहों ने कथित तौर पर कश्मीरियों को देशद्रोही कहा और मांग की कि सभी कश्मीरी छात्र 24 घंटे के भीतर शहर छोड़ दें.

शनिवार की दोपहर, गुस्साई भीड़ द्वारा हॉस्टल को घेरने के बाद घाटी के 20 छात्राओं ने खुद को कमरे में बंद कर लिया. उनमें से एक 24 वर्षीय छात्रा, जो डॉल्फिन इंस्टीट्यूट में एमएससी जीव विज्ञान पढ़ रही हैं और कश्मीर की रहने वाली हैं, ने बताया, ‘हम 20 लड़कियां हैं और हमने अपने हॉस्टल के कमरों में खुद को बंद कर लिया है. सैकड़ों लोगों ने हमारे हॉस्टल को घेर लिया है. उनमें से कई के पास लाठियां और पत्थर हैं. हमने लाइट बंद कर दी है.’

देहरादून पुलिस ने कश्मीरी छात्रों के खिलाफ हिंसा की किसी भी घटना से इनकार किया. लेकिन पुलिस के सामने छात्रों की पिटाई का वीडियो शनिवार से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)