राजनीति

लोकसभा चुनाव में 33 फीसदी सीटों पर महिला प्रत्याशियों को उतारेगा बीजद

ओडिशा के मुख्यमंत्री और बीजद अध्यक्ष नवीन पटनायक की घोषणा को विपक्षी दल कांग्रेस और भाजपा ने महिला मतदाताओं को लुभाने की योजना क़रार दिया.

Chennai: Odisha Chief Minister Naveen Patnaik addresses during the 'Odisha Investors' meet, in Chennai, Wednesday, Sept. 26, 2018. (PTI Photo/R Senthil Kumar)(PTI9_26_2018_000060B)

नवीन पटनायक (फोटोः पीटीआई)

भुवनेश्वरः ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव में बीजू जनता दल (बीजद) 33 फीसदी सीटों पर महिलाओं को मैदान में उतारेगा.

बीजू जनता दल के अध्यक्ष नवीन पटनायक ने बीते रविवार को राज्य के केंद्रपाड़ा में एक सम्मेलन के दौरान इसकी घोषणा करते हुए कहा कि यह ऐतिहासिक कदम देश में महिला सशक्तिकरण की अगुवाई करेगा.

पटनायक ने कहा, ‘केंद्रपाड़ा की ज़मीन बीजू बाबू (बीजू पटनायक) की ज़मीन है. 1990 में बीजू बाबू ने देश को रास्ता दिखाया था उन्होंने तीन स्तरीय पंचायती राज संस्थानों में महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण को लागू किया था. 2012 में बीजद सरकार ने इसे बढ़ाकर 50 फीसदी कर दिया था.’

उन्होंने कहा, ‘अगर भारत को दुनिया की अगुवाई करनी है, अमेरिका और चीन जैसे देशों के साथ प्रतिस्पर्धा करनी है और एक उन्नत देश बनना है तो महिला सशक्तिकरण ही इसका एकमात्र जवाब होगा.’

मालूम हो कि पटनायक की इस घोषणा का मतलब यह है कि बीजद राज्य में लोकसभा की 21 सीटों में से कम से कम सात पर महिलाओं को टिकट देगा. इस समय ओडिशा से लोकसभा में तीन महिला सांसद हैं.

हालांकि, नवीन पटनायक ने विधानसभा चुनाव के लिए इस तरह की कोई घोषणा नहीं की. ओडिशा की 147 सदस्यीय विधानसभा में इस समय 12 महिला विधायक हैं. ओडिशा में लोकसभा चुनाव के लिए चार चरण में होने वाले मतदान के दिन ही विधानसभा सीटों के लिए भी मतदान होगा. इसके तहत राज्य में 11, 18, 23 और 29 अप्रैल को लोकसभा सीटों के साथ ही विधानसभा सीटों के लिये भी मतदान होगा.

बीजद ने 2014 के लोकसभा चुनाव में 21 में से 20 सीटों पर जीत हासिल की थी.

राज्य विधानसभाओं और संसद में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण देने की मांग को लेकर पिछले साल नवंबर में ओडिशा विधानसभा में सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया गया था.

हालांकि, पटनायक की घोषणा को विपक्षी पार्टी कांग्रेस और भाजपा ने महिला मतदाताओं को लुभाने की चुनाव पूर्व योजना क़रार दिया.

केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि महिलाओं के लिए सीटों के आरक्षण का स्वागत है लेकिन चुनाव से पहले बीजद की घोषणा कुछ और नहीं बल्कि महिला मतदाताओं का वोट पाने की एक नौटंकी है.

कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि राज्य विधानसभा और संसद में महिलाओं को अगर 33 प्रतिशत आरक्षण दिया जाता है तो उनकी पार्टी को समस्या नहीं है लेकिन बीजद वोट पाने के लिए अंतिम प्रयास के तौर पर इसका उपयोग कर रहा है क्योंकि उसकी लोकप्रियता कम हो गई है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)