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गृह मंत्रालय का निर्देश, ईमेल के ज़रिये गोपनीय सूचनाओं को साझा न करें कर्मचारी

गृह मंत्रालय ने अपने कर्मचारियों को अनुमति के बिना मोबाइल फोन और कंप्यूटर सहित आधिकारिक उपकरणों पर सोशल मीडिया इस्तेमाल करते हुए सावधानी बरतने को कहा है.

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह (फोटो: twitter/@AmitShah)

गृह मंत्री अमित शाह (फोटो: twitter/@AmitShah)

नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पहली बार सरकारी कर्मचारियों के लिए ऑफिस में सोशल मीडिया और इंटरनेट इस्तेमाल करने की नीति बनाई है. मंत्रालय ने अपने कर्मचारियों को अनुमति के बिना मोबाइल फोन और कंप्यूटर सहित आधिकारिक उपकरणों पर सोशल मीडिया इस्तेमाल करने में सावधानी बरतने को कहा है.

इकोनॉमिक टाइम्स की खबर के मुताबिक, गृह मंत्रालय ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे इंटरनेट से जुड़े कम्प्यूटरों पर गोपनीय काम न करें.

अखबार द्वारा देखे गए 24 पेज के गृह मंत्रालय के नोट के मुताबिक, ‘कर्मचारियों, कॉन्ट्रैक्चुअल स्टाफ, सलाहकारों, साझेदारों, थर्ड पार्टी समेत सभी कर्मचारी जो सूचना प्रणाली, सुविधाओं, संचार नेटवर्क एवं सूचना का प्रबंधन और संचालन संभालते हैं, किसी भी आधिकारिक सूचना को सोशल मीडिया और सोशल नेटवर्किंग साइट पर सार्वजनिक नहीं करेंगे.’

मंत्रालय का साइबर और सूचना सुरक्षा प्रभाग साइबर अपराध, राष्ट्रीय सूचना सुरक्षा नीति और दिशानिर्देश (एनआईएसपीजी) और एनआईएसपीजी के कार्यान्वयन को संभालता है. एक अधिकारी ने बताया कि ये आदेश सुरक्षा उल्लंघन को रोकने और डेटा की संवेदनशीलता सुनिश्चित करने के लिए लाया गया है.

अधिकारी ने बताया कि सरकारी वेबसाइट्स को हैक करने और सूचनाओं को चुराने के लिए विदेशी संगठनों की तरफ से हर दिन कम से कम 30 बार प्रयास किए जाते हैं.

मंत्रालय के नोट के मुताबिक, ‘सरकार की कोई भी गोपनीय सूचना प्राइवेट क्लाउड सर्विसेस जैसे कि गूगल ड्राइव, ड्रॉपबॉक्स, आईक्लाउड इत्यादि जगहों पर स्टोर कर के नहीं रखा जा सकता है और अगर कोई ऐसा करता है तो सूचना लीक होने की स्थिति में उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.’

अधिकारी ने बताया कि चूंकि भारी संख्या में कर्मचारी स्मार्टफोन इस्तेमाल करते हैं और अनजाने में वायरस वाली वेबसाइट के संपर्क में आ जाते हैं.

पेनड्राइव जैसे यूएसबी डिवाइसेस इस्तेमाल करने के संबंध में गृह मंत्रालय ने कहा कि गोपनीय दस्तावेजों को डिवाइस में कॉपी करने से पहले उसे एन्क्रिप्ट (Encrypt) किया जाना चाहिए. इसके अलावा बिना इजाजत के ऑफिस के बाहर यूएसबी डिवाइस ले जाने पर भी पाबंदी लगा दी गई है.

मंत्रालय ने गोपनीय दस्तावेजों को ईमेल के जरिये साझा करने पर रोक लगा दी और कहा कि पब्लिक वाई-फाई से आधिकारिक ई-मेल का इस्तेमाल न किया जाए.