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उत्तर प्रदेश: सोनभद्र में ज़मीन विवाद में तीन महिलाओं समेत नौ की गोली मारकर हत्या

सोनभद्र पुलिस ने बताया कि घटना घोरावल के उभा गांव की है. ग्राम प्रधान ने दो साल पहले 90 बीघा ज़मीन ख़रीदी थी. वह अपने कुछ सहयोगियों के साथ जमीन पर कब्जा करने गया था. इसका गांव वालों ने विरोध किया. इस पर प्रधान और उसके लोगों ने गांववालों पर अंधाधुंध गोलियां बरसानी शुरू कर दीं. घटना में 19 लोग घायल हो गए हैं.

उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में जमीन विवाद को लेकर हुई गोलीबारी के बाद इलाके में तैनात पुलिस. (फोटो साभार: एएनआई)

उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में जमीन विवाद को लेकर हुई गोलीबारी में घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है. (फोटो साभार: एएनआई)

सोनभद्र: उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के घोरावल इलाके के उधा गांव में बुधवार को जमीन विवाद में तीन महिलाओं समेत नौ लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई. इस संघर्ष में 19 लोग घायल हो गए.

जिलाधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल ने बताया, ‘गोली चलने से नौ लोगों की मौत हो गई तथा 19 अन्य घायल हो गए.’

पुलिस ने बताया कि सपाही गांव प्रधान यज्ञ दत्त और उनके समर्थकों ने जमीन विवाद में दूसरे पक्ष पर अंधाधुंध गोलियां बरसा दी. मामले की जांच की जा रही है. घायलों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया है, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है.

लखनऊ में सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोनभद्र के अधिकाारियों को घायलों को तत्काल इलाज की बेहतर सुविधाएं देने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने पुलिस महानिदेशक को स्वयं इस मामले पर नजर रखने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं.

एनडीटीवी के अनुसार, एक अन्य पुलिस ने कहा, ‘यह घटना सुदूर घोरावल के उभा गांव की है. प्रधान ने दो साल पहले 90 बीघा (36 एकड़) जमीन खरीदी थी. आज वह अपने कुछ सहयोगियों के साथ जमीन पर कब्जा करने गया था. इसका गांव वालों ने विरोध किया था. परिणामस्वरूप, प्रधान के लोगों ने फायरिंग कर दी जिसमें तीन महिलाओं सहित नौ गांव वालों की मौत हो गई.’

सोनभद्र के पुलिस प्रमुख सलमान ताज पाटिल ने कहा, ‘प्रधान एक ट्रैक्टर में बहुत सारे लोगों को लेकर आया था और खेत में जुताई करने लगा. गांव वालों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया. इस पर, प्रधान और उसके लोगों ने गांववालों पर अंधाधुंध गोलियां बरसानी शुरू कर दीं.’

उत्तर प्रदेश में कानून एवं व्यवस्था के प्रभारी पुलिस अधिकारी पीवी रामाशास्त्री ने कहा, ‘जमीन के इस टुकड़े के लिए इससे पहले भी ग्राम प्रधान और गांववालों में विवाद हो चुका था. उस समय पुलिस के दखल से मामला शांत हुआ था.’

उन्होंने कहा, ‘ग्राम प्रधान का आरोप है कि गांववालों ने अवैध तरीके से उसकी जमीन पर कब्जा कर लिया है. पुलिस ने दोनों पक्षों से पीछे हटने को कहा था और जिला प्रशासन ने जमीन को अपने कब्जे में लेने का फैसला किया था, जिसकी प्रक्रिया शुरू की जा चुकी थी.’