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तालिबान के साथ अफगानिस्तान शांति वार्ता का अंत हो गया: डोनाल्ड ट्रंप

तालिबान ने अफगानिस्तान में अमेरिकी बलों के ख़िलाफ़ लड़ाई जारी रखने की मंगलवार को प्रतिबद्धता जताते हुए कहा कि बातचीत बंद करने के लिए अमेरिका को अफसोस होगा.

Greenville: President Donald Trump arrives to speak at a campaign rally at Williams Arena in Greenville, N.C., Wednesday, July 17, 2019. AP/PTI(AP7_18_2019_000002B)

डोनाल्ड ट्रंप. (फोटो: एपी/पीटीआई)

वॉशिंगटन/काबुल: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि तालिबान के साथ लंबे समय से चल रही अफगानिस्तान शांति वार्ता का अंत हो गया है. साथ ही उन्होंने कहा कि अमेरिका ने पिछले चार दिनों में तालिबान पर जितने कठोर प्रहार किए हैं उतने पिछले 10 वर्षों में नहीं किए गए.

ट्रंप ने ह्वाइट हाउस में सोमवार को संवाददाताओं से कहा, ‘उसका (तालिबान के साथ वार्ता) अंत हो चुका है. जहां तक मेरा सवाल है, वह समाप्त हो चुकी है.’

मालूम हो कि ट्रंप ने शनिवार को यह कहकर दुनिया को सकते में डाल दिया था कि उन्होंने तालिबान और अफगानिस्तान के नेताओं के साथ ‘कैम्प डेविड’ में होने वाली गोपनीय बैठक रद्द कर दी है.

यह बैठक 18 साल से छिड़े युद्ध को खत्म कर शांति स्थापित करने के उद्देश्य से होने वाली थी.

अमेरिका ने यह कदम काबुल में पिछले सप्ताह हुए हमले की जिम्मेदारी तालिबान द्वारा लेने के बाद उठाया है. इस हमले में 12 लोग मारे गए थे, जिनमें एक अमेरिकी सैनिक भी शामिल था.

वार्ता रद्द करने के फैसले के बारे में पूछे जाने पर ट्रंप ने कहा, ‘उन्होंने (तालिबान) सोचा कि बातचीत में खुद को बेहतर स्थिति पर रखने के लिए उन्हें लोगों को मारना होगा… वह मेरे साथ ऐसा नहीं कर सकते.’

ट्रंप ने कहा, ‘जहां तक मेरी बात है तो मेरे लिए वे समाप्त हो चुके हैं. हमने पिछले चार दिनों में तालिबान पर जितने कठोर प्रहार किए हैं उतने पिछले 10 वर्षों में नहीं किए.’

अफगानिस्तान में 14 हजार अमेरिकी सैनिकों के अब भी तैनात होने के सवाल पर उन्होंने कहा, ‘तालिबान ने गलती कर दी. हम निकलना (अफगानिस्तान से) चाहते थे, लेकिन अब हम उचित समय पर ही जाएंगे.’

तालिबान ने अफगानिस्तान में अमेरिकी बलों के खिलाफ लड़ाई जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई

तालिबान ने अफगानिस्तान में अमेरिकी बलों के खिलाफ लड़ाई जारी रखने की मंगलवार को प्रतिबद्धता जताते हुए कहा कि वार्ता बंद करने पर अमेरिका को अफसोस होगा.

तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद ने समाचार एजेंसी एएफपी से कहा, ‘हमारे पास अफगानिस्तान में कब्जे को खत्म करने के दो तरीके थे, एक जिहाद और लड़ाई थी, दूसरा बातचीत था.’

मुजाहिद ने कहा, ‘अगर ट्रंप बातचीत बंद करना चाहते हैं तो हम अपना पहला तरीका अपनाएंगे और वे शीघ्र इस पर अफसोस करेंगे.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)