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जम्मू कश्मीर के नेता ‘हाउस गेस्ट’ की तरह रह रहे हैं, ‘हाउस अरेस्ट’ में नहीं: जितेंद्र सिंह

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हिरासत में लिए गए जम्मू कश्मीर के नेताओं को हॉलीवुड फिल्मों की सीडी और जिम की सुविधाएं दी गई हैं. वे उन सुविधाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो उनके घर पर भी नहीं मिलतीं.

Jitendra singh Credit PTI

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह (फोटो: पीटीआई)

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने रविवार को दावा किया कि अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद कश्मीर में हिरासत में लिए गए नेता ‘हाउस अरेस्ट’ (नजरबंदी) में नहीं बल्कि ‘हाउस गेस्ट’ (मेहमानों) की तरह रह रहे हैं और ऐसी सुविधाओं का उपभोग कर रहे हैं जो उनके घर पर भी उपलब्ध नहीं हैं.

इंडिया टुडे के अनुसार एक कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘नेताओं को वीआईपी बंगलों में रखा गया है. हमने उन्हें हॉलीवुड फिल्मों की सीडी दी हैं. उन्हें जिम की सुविधा भी उपलब्ध है. वे हाउस अरेस्ट में नहीं हैं, वे हाउस गेस्ट हैं.’

उन्होंने यह बात भी दोहराई कि इन नेताओं को 18 महीनों की अवधि से ज्यादा हिरासत में नहीं रखा जायेगा. सिंह ने यह बयान आखिरी डोगरा शासक हरि सिंह की सालगिरह की पूर्व संध्या पर जम्मू में हुए एक कार्यक्रम में दिए.

हालांकि हरि सिंह के पोते और वरिष्ठ भाजपा नेता अजातशत्रु सिंह इस समारोह में मौजूद नहीं थे. जितेंद्र सिंह के अलावा आयोजन में केंद्रीय राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर, भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्याम जाजू और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष रविंद्र रैना मौजूद थे.

जितेंद्र सिंह ने बिना किसी का नाम लिए यह दावा भी किया कि अपने स्वार्थ के चलते कुछ लोगों के द्वारा अनुच्छेद 370 को हटाने को धर्म से जोड़ने का दुष्प्रचार किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि राज्य के मुस्लिम इस दुष्प्रचार से प्रभावित न हों कि वे राज्य में उनकी बहुसंख्यक स्थिति खो देंगे.

उन्होंने दावा किया, ’31 अक्टूबर को जम्मू कश्मीर के केंद्रशासित प्रदेश बनने के बाद कश्मीर की आम जनता इसे हटाने के फायदे देखेगी.’

यह भी दावा किया कि राज्य में कोई कर्फ्यू नहीं लगा है. उन्होंने कहा, ‘सीआरपीसी की धारा 144 के तहत कुछ दर्जन भर थाना क्षेत्रों में कुछ प्रतिबंध लगाए गये हैं, जिससे कोई भी कोई परेशानी न खड़ी करे.’

सिंह ने यह बताया कि भाजपा प्रवक्ताओं को मीडिया से यह बताने को कहा गया है कि कश्मीर में हिरासत में लिए गए मुख्यधारा के नेताओं को 18 महीनों से पहले रिहा कर दिया जाएगा.

उन्होंने कश्मीरी नेताओं को हिरासत में लिए जाने की तुलना आपातकाल के दौरान हिरासत में लिए गए लालकृष्ण आडवाणी, अटल बिहारी वाजपेयी और अरुण जेटली से की.