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शीला दीक्षित के बेटे ने दिल्ली कांग्रेस प्रभारी पीसी चाको को उनकी मौत का ज़िम्मेदार ठहराया

इस संबंध में पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के बेटे संदीप दीक्षित ने दिल्ली कांग्रेस के प्रभारी पीसी चाको को पत्र लिखा था. शीला दीक्षित के क़रीबी नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चाको पर पत्र लीक करने का आरोप लगाया और उन्हें प्रभारी पद से हटाने की मांग की.

New Delhi: Senior Congress leader and Delhi former chief minister Sheila Dikshit during a press conference, in New Delhi, on Friday, June 15, 2018. (PTI Photo/Ravi Choudhary)(PTI6_15_2018_000098B)

शीला दीक्षित (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: दिल्ली कांग्रेस प्रभारी पीसी चाको को एक चिट्ठी लिखकर कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने उन्हें अपनी मां और पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित की मौत को जिम्मेदार ठहराया है. हालांकि, यह पत्र फिलहाल सामने नहीं आया है.

खबरों के मुताबिक, संदीप ने इस पत्र में लिखा है कि उनकी मां (शीला दीक्षित) की मौत के जिम्मेदार वही (चाको) हैं क्योंकि चाको के मानसिक उत्पीड़न से उनकी मां का निधन हुआ. पत्र में संदीप ने कथित तौर पर यह भी कहा है कि अब चाको इसके लिए माफी मांगें या फिर कानूनी कार्रवाई के लिए तैयार रहें.

वहीं, संदीप दीक्षित के इस पत्र पर कभी शीला दीक्षित के करीबी रहे दिल्ली कांग्रेस के नेताओं मंगत राम सिंघल, किरण वालिया, रमाकांत गोस्वामी और जितेंद्र कोचर ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर संवाददाताओं से बातचीत में चाको पर पत्र लीक करने का आरोप लगाया और उन्हें प्रभारी पद से हटाने की मांग की.

इन नेताओं ने यह भी कहा कि बतौर प्रभारी चाको की भूमिका की जांच के लिए एक समिति बनाई जाए. इन्होंने चाको पर भ्रष्टाचार करने, शीला दीक्षित को मानसिक प्रताड़ना देने सहित अन्य आरोप लगाए.

इन नेताओं ने कहा कि शीला दीक्षित ने जिंदा रहते हुए चाको की शिकायत और अपना दर्द बयां करने वाला एक पत्र सोनिया गांधी को भेजा था, जिसे जरूरत पड़ने पर सार्वजनिक किया जाएगा.

हालांकि, दीक्षित द्वारा पार्टी के चाको को लिखे गए ‘व्यक्तिगत पत्र’ से जुड़े मामले को पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कांग्रेस की अनुशासनात्मक समिति के पास भेज दिया है.

हालांकि चाको का कहना है कि उन्होंने यह पत्र लीक नहीं किया बल्कि सोनिया गांधी के पास भेजा था. सूत्रों का कहना है कि सोनिया ने इस मामले को अनुशासनात्मक समिति के पास भेजा है.

संदीप दीक्षित ने कहा, ‘यह एक व्यक्तिगत पत्र है. इसका राष्ट्रीय कांग्रेस से कोई लेना-देना नहीं है. मेरा दिल्ली की कांग्रेस से कोई लेना-देना नहीं, मैं दिल्ली की राजनीति से 5 साल से बाहर हूं. दिल्ली में कहीं आता-जाता नहीं हूं. चाको को लिखा लेटर व्यक्तिगत है. अगर वह उसे लीक करते हैं तो यह उनपर है. यह गलत है.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)