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एक दिन में तीन फिल्मों की 120 करोड़ की कमाई अर्थव्यवस्था की मजबूती का संकेत: रविशंकर प्रसाद

देश की अर्थव्यवस्था को लेकर अपने बयान की आलोचना होने पर केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि मुझे दुख है कि मेरे बयान के एक हिस्से को संदर्भों से काटकर दिखाया गया. एक संवेदनशील व्यक्ति होने के नाते मैं अपना बयान वापस लेता हूं.

Guwahati: Union IT Minister Ravi Shanker Prasad addresses the programme 'Digital Northeast: Vision Northeast 2022' in Guwahati on Saturday, Aug 11, 2018. (PTI Photo) (PTI8_11_2018_000173B)

केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद (फोटो: पीटीआई)

मुंबई: केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने शनिवार को बॉलीवुड फिल्मों की सफलता का उदाहरण देते हुए अर्थव्यवस्था में सुस्ती की बात को खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि दो अक्टूबर को तीन फिल्मों ने 120 करोड़ रुपये की कमाई की. यह अर्थव्यवस्था में मजबूती का संकेत देती है.

केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी और विधि मंत्री ने बेरोजगारी पर राष्‍ट्रीय नमूना सर्वेक्षण कार्यालय (एनएसएसओ) की रिपोर्ट को भी गलत बताया. इसमें कहा गया था कि साल 2017 में बेरोजगारी की दर पिछले 45 साल में सबसे ज्यादा रही.

उल्लेखनीय है कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने भी कुछ दिन पहले कहा कि भारत और ब्राजील में आर्थिक सुस्ती इस साल कुछ ज्यादा साफ दिखती है.

प्रसाद ने आरोप लगाया है कि कुछ लोग योजनाबद्ध तरीके से सरकार के खिलाफ लोगों को बेरोजगारी की स्थिति के बारे में गुमराह कर रहे हैं.

प्रसाद ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, ‘दो अक्टूबर को राष्ट्रीय अवकाश के दिन तीन हिंदी फिल्मों ने 120 करोड़ रुपये की कमाई है. यदि अर्थव्यवस्था मजबूत नहीं होती तो केवल तीन फिल्में एक दिन में 120 करोड़ रुपये का कारोबार कैसे करतीं?’

केंद्रीय मंत्री भाजपा के चुनाव प्रचार के लिये मुंबई पहुंचे थे. महाराष्ट्र में 21 अक्टूबर को विधान सभा के लिये मतदान होना है.

एनएसएसओ की रिपोर्ट पर प्रसाद ने कहा, ‘मैं आपको 10 मापदंड बता सकता हूं जहां अर्थव्यस्था अच्छा प्रदर्शन कर रही है लेकिन एनएसएसओ की रिपोर्ट में इनमें से किसी को नहीं दिखाया गया है. इसलिए मैं इस रिपोर्ट को गलत कहता हूं.’

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की प्रबंध निदेशक क्रिस्टलिना जिर्जीवा ने हाल में कहा कि दुनिया की 90 प्रतिशत अर्थव्यवस्था सुस्ती के दौर से गुजर रही है. भारत और ब्राजील जैसे देशों पर इसका असर साफ नजर आ रहा है.

जिर्जीवा के बयान के बारे में पूछे जाने पर केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘भारत को लेकर मुद्राकोष का अनुमान अभी अधूरा है. यह नहीं भूलना चाहिए कि जब मनमोहन सिंह सत्ता में थे तो भारत 11वें पायदान पर था; आज हम पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यस्था हैं. हमने फ्रांस को भी पछाड़ दिया है.’

प्रसाद ने अर्थव्यवस्था में गिरावट की धारणा को दूर करने का प्रयास करते हुए कहा, ‘इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण, सूचना एवं प्रौद्योगिकी क्षेत्र, मुद्रा लोन और वाणिज्यिक सेवा क्षेत्र बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं. हमने कभी नहीं कहा था कि हम सबको सरकारी नौकरी देंगे.’

उन्होंने कहा, ‘कुछ लोग सरकार के खिलाफ मोर्चा बनाकर बेरोजगारी के मुद्दे पर लोगों को गुमराह करने का काम कर रहे हैं.’

प्रसाद की अर्थव्यवस्था के लेकर टिप्पणियां ऐसे समय आई हैं जब विश्व प्रतिस्पर्धा सूचकांक रिपोर्ट में भारत का स्थान दस पायदान नीचे आ गया. दूसरी तरफ औद्योगिक सूचकांक अगस्त माह में 1.1 प्रतिशत नीचे आ गया जो कि पिछले सात साल के दौरान सबसे कमजोर प्रदर्शन रहा है.

प्रतिस्पर्धा सूचकांक के बारे में अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये वरिष्ठ भाजपा नेता ने कहा, ‘आप नवोन्मेष, स्टार्ट अप और बाजार आकार मापदंडों को देखिये, हम सबमें सुधार ला रहे हैं. यह सच है कि कुछ अन्य मापदंडों में हम नीचे आये हैं.’

हालांकि, अपने बयान पर विवाद बढ़ता देख रविशंकर प्रसाद ने रविवार को कहा कि उनके बयान के एक हिस्से को गलत तरीके से दिखाया जा रहा है और वे अपना बयान को वापस लेते हैं.

एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए प्रसाद ने कहा, ‘मैंने शनिवार को मुंबई में तीन फ़िल्मों की एक दिन में 120 करोड़ कमाई की बात कही थी, जो कि अब तक की सबसे बड़ी कमाई है. यह तथ्यात्मक रूप से सही है. मुंबई फ़िल्मों की राजधानी है और मैंने वहीं ये बात कही थी. हमें अपनी फ़िल्म इंडस्ट्री पर बहुत गर्व है जिससे लाखों लोगों को रोज़गार मिला हुआ है. टैक्स कलेक्शन में भी इस इंडस्ट्री का बड़ा योगदान है.’

प्रसाद ने लिखा है, ‘मैंने अर्थव्यवस्था को मज़बूती देने के लिए सरकार की ओर से उठाए जा रहे कदमों की बात भी कही थी. नरेंद्र मोदी की सरकार हमेशा आम लोगों की फिक्र करती है. मीडिया से बातचीत का पूरा वीडियो मेरे सोशल मीडिया पर मौजूद है. मुझे दुख है कि मेरे बयान के एक हिस्से को संदर्भों से काटकर दिखाया गया. एक संवेदनशील व्यक्ति होने के नाते मैं अपना बयान वापस लेता हूं.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)