भारत

उत्तर प्रदेश: लखनऊ में हिंदुत्ववादी संगठन के नेता की हत्या

लखनऊ पुलिस ने बताया कि ऐसा लगता है कि किसी परिचित ने आपसी रंजिश के तहत  इस वारदात को अंजाम दिया है.

Lucknow: In this undated photo is seen Hindu Samaj Party founder Kamlesh Tewari, who was killed at his office in Lucknow, Friday, Oct. 18, 2019. (PTI Photo)(PTI10_18_2019_000125)

कमलेश तिवारी. (फोटो: पीटीआई)

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी में शुक्रवार को हिंदू समाज पार्टी नामक संगठन के नेता कमलेश तिवारी की उनके ही घर में दिनदहाड़े हत्या कर दी गई.

पुलिस ने बताया कि हमलावरों ने तिवारी पर चाकू से वार किए और गोली भी मारी. गंभीर रूप से जख्मी तिवारी को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि दीपावली का उपहार देने की बात कर दो लोग कमलेश से मिलने आए थे. इनमें से एक ने भगवा रंग का स्कार्फ पहन रखा था. दोनों उनके घर के अंदर गए और कथित तौर पर पहले उनका गला काट दिया और भागने से पहले कई गोलियां भी मारीं.

पुलिस के अनुसार, हमलावर राजधानी के नाका थाना क्षेत्र के खुर्शेदबाग में तिवारी के आवास पर बने कार्यालय में गए और वारदात को अंजाम देने के बाद फरार हो गए.

इस बीच प्रदेश के पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने बताया कि हत्यारे करीब 30 मिनट से अधिक समय तिवारी के साथ रहे थे. ऐसा लगता है कि किसी परिचित ने इसे अंजाम दिया है.

सिंह ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज से अहम सुराग हासिल हुए हैं और पुलिस मामले का जल्द ही खुलासा करेगी. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी ने बताया कि हत्यारों की धरपकड़ के लिए पुलिस क 10 टीमें लगाई गई हैं.

उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि आपसी रंजिश के तहत वारदात को अंजाम दिया गया है. मौके पर एक असलहा बरामद हुआ है. इस बीच तिवारी की हत्या से आक्रोशित स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन किया. एहतियातन क्षेत्र की दुकानें बंद करा दी गई हैं.

Lucknow: People gather near the office-cum-residence of Hindu Samaj Party founder Kamlesh Tewari afterhe was allegedly stabbed to death by some unidentified miscreants, in Lucknow, Friday, Oct. 18, 2019. (PTI Photo/Nand Kumar) (PTI10_18_2019_000127B)

कमलेश तिवारी की हत्या के बाद लखनऊ स्थित उनके घर के बाहर जुटी भीड़. (फोटो: पीटीआई)

मालूम हो कि कमलेश तिवारी पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के एक मामले में दोषी पाए गए थे.

एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, कमलेश तिवारी ने दो साल पहले हिंदू समाज पार्टी की स्थापना की थी. साल 2015 में कथित तौर पर उन्होंने पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी थी, जिस पर काफी विवाद और विरोध प्रदर्शन भी हुए थे.

इस मामले में उन्हें गिरफ्तार भी किया गया था और उनके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत मुकदमा भी चला था. हाल ही में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ रासुका के तहत की जा रही कार्रवाई खत्म कर दी थी.

रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश में इस महीने यह ऐसा चौथा मामला है.

बीते 12 अक्टूबर को सहारनपुर जिले में 47 वर्षीय भाजपा पार्षद धरा सिंह की अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी.

इस घटना से कुछ दिन पहले बीते नौ अक्टूबर को बस्ती जिले में एक अन्य भाजपा नेता और एपीएन पीजी कॉलेज छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष कबीर तिवारी की हत्या कर दी गई थी. जिस पर छात्रों ने काफी विरोध प्रदर्शन किया था और सरकारी वाहनों में आग लगा दी थी.

कबीर हत्या मामले में भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिला मंत्री अभिजीत सिंह समेत दो लोगों पर पुलिस ने 25-25 हजार के इनाम का ऐलान किया है.

बीते आठ अक्टूबर को भाजपा नेता चौधरी यशपाल सिंह की सहारनपुर जिले के देवबंद में गोली मारकर बाइक सवार हमलावरों ने हत्या कर दी थी. यशपाल भाजपा किसान मोर्चा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष थे. वह अपने मिराजपुर गांव के प्रधान चौधरी शिव कुमार के बड़े भाई थे.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)