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दाराब फ़ारूक़ी

जम्मू कश्मीर के कठुआ में आठ साल की मासूम आसिफ़ा के साथ बलात्कार हुआ जिसके बाद उसकी हत्या कर दी गई थी. वहीं उत्तर प्रदेश के उन्नाव में भाजपा के विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर एक नाबालिग ने सामूहिक बलात्कार का आरोप लगाया है. (फोटो साभार: ट्विटर/एएनआई)

इन दो लड़कियों को इंसाफ़ नहीं मिला तो ये देश शर्मिंदगी से कभी उबर नहीं पाएगा

हिंदू-मुसलमान, ऊंची जाति, नीची जाति, नॉर्थ इंडियन, साउथ इंडियन, काले-गोरे, हरे, पीले, लाल, गुलाबी, भगवा, कत्थई. सब बन लिए. अब जरा भारतीय बनकर भारत को बचा लो.

भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा. (फाइल साभार: ट्विटर)

टीवी पर संबित को देखा तो बचपन का वो ‘मूर्ख मौलाना’ याद आ गया

बचपन में होली खेलने के लिए मस्जिद से पानी लेने गया तो मौलाना ने ग़ैर-मुस्लिम होने का सर्टिफिकेट दे दिया. गुरुवार को टीवी पर संबित को सुना तो बचपन की यादें ताज़ा हो गईं.

An Indian Border Security Force (BSF) soldier opens a gate at the border with Pakistan in Suchetgarh, southwest of Jammu, January 12, 2010. An Indian soldier was killed on Monday in cross-border firing in Kashmir, the latest in a spurt of violence in the disputed region that has raised tensions with Pakistan, officials said. REUTERS/Mukesh Gupta (INDIAN-ADMINISTERED KASHMIR - Tags: CIVIL UNREST MILITARY POLITICS) - RTR28S2X

भारतीय होने का मतलब ही सेकुलर होना है, ऐसा देश का संविधान कहता है

आजकल सेकुलर (कुछ के लिए सिकुलर) शब्द आतंकवादी, देशद्रोही, पाकिस्तानी एजेंट, टुकड़े-टुकड़े गैंग जैसे कई शब्दों का पर्याय बन गया है.

इलस्ट्रेशन: एलिजा बख़्त

कम से कम हमारे हिंदुस्तान में तो ऐसा कुछ नहीं होता…

अफ़राज़ुल हत्याकांड: ये तीन लोगों की कहानी है. भगवान, अल्लाह, गॉड, इलाही जिसको भी आप मानते हो, वो कहता है, साउंड, कैमरा, एक्शन और एक सीन शुरू होता है.

An Insignificant Man (1)

‘ऐन इनसिग्निफिकेंट मैन’ फिल्म नहीं, वक़्त के लम्हे में जमा सफ़र है

इस फिल्म के दो नायक हैं, अरविंद केजरीवाल और योगेंद्र यादव. दोनों एक-दूसरे से उतने ही अलग हैं जैसे कि भाप और बर्फ.

Modi Militry Twitter

गुजरात चुनाव सिर पर है और विकास अवकाश पर है

मेरे किसान भाइयों! तुम्हें तो अब ख़ुदकुशी भी करने की ज़रूरत नहीं है. सरकार आजकल तुम्हें ख़ुद गोली मार देती है. चलो इस बहाने ज़हर का ख़र्चा भी ख़त्म हुआ.

Jay Amit Shah3

गरीबी के पीछे टेक्निकल रीज़न हो या न हो पर कुछ की अमीरी के पीछे टेक्निकल रीज़न ज़रूर है

आपके हाथ की लकीरों में ही भारत की क़िस्मत की लकीर है. और जिस दिन भारत की क़िस्मत चमक गई, उस दिन हम सब भारतीयों की क़िस्मत एक साथ चमक जाएगी.

Mumbai: A view of the Elphinstone railway stations foot over bridge where a stampede took place, in Mumbai on Friday. PTI Photo by Shashank Parade (PTI9 29 2017 000133B)

सवा सौ करोड़ लोगों में 10-20 करोड़ की अगर ‘अमौत’ हो भी गई तो क्या ​फ़र्क़ पड़ता है?

भारत में हादसों का क्लास सिस्टम है. सैकड़ों बच्चे ऑक्सीजन की कमी से मर जाते हैं, सैकड़ों ट्रेन के डिब्बे पलटने से मर जाते हैं, बाढ़ में हज़ारों का मरना तो आम बात ही है.

Gauri Lankesh Facebook

वो कौन लोग हैं जो एक निहत्थी महिला की हत्या का जश्न मना रहे हैं?

हमने बचपन से सुना था कि किसी की मौत के बारे में बुरा मत बोलो क्योंकि मरा आदमी अपनी सफाई नहीं दे सकता. पर ये लोग तो जैसे मरने का इंतज़ार कर रहे थे. ये कहां पले-बढ़े हैं, ये कहां से आते हैं?