पूर्वोत्तर

Guwahati: Activists of All Assam Students Union (AASU) along with members of different organizations during the 2nd day of their 'Satyagraha' protest demanding withdrawal of the Citizenship Amendment Act 2019 (CAA), in Guwahati, Tuesday, Dec. 17, 2019. (PTI Photo)  (PTI12_17_2019_000065B)

नागरिकता क़ानून: असम में मोबाइल इंटरनेट बहाल, लखनऊ समेत यूपी के 14 ज़िलों में प्रतिबंध लगा

नए नागरिकता कानून के खिलाफ लखनऊ में गुरुवार को हिंसा भड़क उठी थी जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई तथा 16 पुलिसकर्मियों समेत कई लोग घायल हो गए थे.

Bengaluru: Assamese students slogans during a protest against the Citizenship Amendment Bill (CAB) in Bengaluru, Saturday, Dec. 14, 2019. (PTI Photo/Shailendra Bhojak) (PTI12_14_2019_000037B)

नागरिकता क़ानून: गुवाहाटी हाईकोर्ट ने असम सरकार से मोबाइल इंटरनेट सेवा बहाल करने को कहा

नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में असम के विभिन्न ज़िलों में हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद वहां मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई थीं. प्रदर्शनों के दौरान पांच लोगों की मौत हो गई थी.

गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी. (फोटो साभार: ट्विटर/@BJP4Gujarat)

गुजरात निश्चित रूप से नागरिकता कानून और एनआरसी लागू करेगा: मुख्यमंत्री विजय रूपाणी

गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने दावा किया कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल नागरिकता संशोधन कानून और प्रस्तावित एनआरसी के खिलाफ कुछ राज्यों में हो रहे प्रदर्शनों के लिए जिम्मेदार हैं.

Jamia Protest PTI

जामिया और एएमयू में पुलिस कार्रवाई के खिलाफ हार्वर्ड और ऑक्सफोर्ड में प्रदर्शन

विदेशी विश्वविद्यालयों के छात्रों ने भारत सरकार को लिखे एक पत्र में कहा, ये घटना किसी भी लोकतांत्रिक समाज की अंतरात्मा को झकझोर देता है.

New Delhi: RJD MP Pappu Yadav aka Rajesh Ranjan speaks in the Lok Sabha during the Monsoon session of Parliament, in New Delhi on Thursday, July 19, 2018. (LSTV Grab via PTI) (PTI7_19_2018_000033B)

नागरिकता कानून: पप्पू यादव का दावा, प्रदर्शन में शामिल होने से रोकने के लिए किया गया नजरबंद

बिहार की जन अधिकार पार्टी के अध्यक्ष राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव के घर में नजरबंद किए जाने के दावे पर पटना पुलिस ने कहा कि उन्हें घर के भीतर नजरबंद नहीं किया गया बल्कि यह शांति बहाली और सुरक्षा के दृष्टिकोण से एहतियात के तौर पर उठाया गया एक कदम है.

(फोटो: पीटीआई)

नागरिकता संशोधन कानून पर रोक लगाने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, केंद्र को नोटिस जारी

मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे, जस्टिस बीआर गवई और सूर्य कांत की पीठ ने केंद्र से कहा कि वे इस संबंध में दायर सभी याचिकाओं पर जनवरी के दूसरे हफ्ते तक जवाब दायर करें.

Dibrugarh: The charred post-office at Chabua that was allegedly vandalised during an Anti-Citizenship Amendment Act protest, in Dibrugarh district of Assam, Tuesday, Dec. 17, 2019. (PTI Photo)   (PTI12_17_2019_000077B)

नागरिकता क़ानून: असम में प्रदर्शन जारी, गुवाहाटी से कर्फ्यू हटा, इंटरनेट पर अब भी प्रतिबंध

असम में नागरिकता संशोधन क़ानून के खिलाफ बीते 11 दिसंबर से प्रदर्शन जारी है. इस दौरान हिंसा में अब तक पांच लोगों की मौत हो चुकी है. डिब्रूगढ़ और मेघालय की राजधानी शिलॉन्ग में मंगलवार को कर्फ्यू में ढील दी गई.

Dibrugarh: Members of All Assam Students Union along with local people stage a 'Gana Satyagrah protest against Citizenship Amendment Act (CAA), in Dibrugarh, Monday, Dec. 16, 2019. (PTI Photo)    (PTI12_16_2019_000146B)

नागरिकता क़ानून: असम में मंगलवार तक इंटरनेट बंद, अब तक पांच लोगों की मौत

बीते 11 दिसंबर से नागरिकता संशोधन विधेयक पारित होने के बाद से असम के विभिन्न इलाकों में प्रदर्शन जारी हैं. आसू नेता समेत 100 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया. बाद में रिहा किए गए. गुवाहाटी और डिब्रूगढ़ में कर्फ्यू में थोड़ी राहत.

(फोटो: पीटीआई)

एएमयू में पुलिस के साथ संघर्ष में 60 छात्र जख्मी, विश्वविद्यालय 5 जनवरी तक बंद

नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ देश के विभिन्न हिस्सों में जारी प्रदर्शनों के बीच अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में रविवार देर रात छात्र और पुलिसकर्मी आमने-सामने आ गए और पथराव तथा लाठीचार्ज में कम से कम 60 छात्र जख्मी हो गए. जिले में एहतियात के तौर पर इंटरनेट सेवाएं सोमवार रात 12 बजे तक के लिए बंद कर दी गई हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ असम गण परिषद के अध्यक्ष प्रफुल्ल कुमार महन्ता. (फोटो: पीटीआई)

असम में भाजपा की सहयोगी पार्टी नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएगी

हालांकि असम में भाजपा की सहयोगी पार्टी असम गण परिषद ने संसद में नागरिकता संशोधन विधेयक का समर्थन किया था.

Deoghar: Prime Minister Narendra Modi addresses an election rally for the last phase of Lok Sabha polls, in Deoghar, Wednesday, May 15, 2019. (PTI Photo)

नागरिकता क़ानून प्रदर्शन पर बोले मोदी, जो आग लगा रहे हैं उनके कपड़ों से ही पता चल जाता है ये कौन हैं

झारखंड के दुमका में हुई एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए नरेंद्र मोदी ने कहा कि झामुमो और कांग्रेस के पास राज्य के विकास का कोई न रोडमैप है, न इरादा. उनको एक ही बात पता है कि भाजपा का विरोध करो, मोदी को गाली दो. भाजपा का विरोध करते-करते इन लोगों को देश का विरोध करने की आदत हो गई है.

Guwahati: Activists from the Veer Lachit Sena, Assam   shout slogans as they protest against   Citizenship Amendment Bill, in Guwahati, Saturday, Dec. 7, 2019. (PTI Photo) (PTI12_7_2019_000081B)

अब असम कांग्रेस भी नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ याचिका दायर करेगी

इस कानून के खिलाफ असम में प्रदर्शन आरंभ होने के बाद पहली बार पार्टी की राज्य इकाई की तरफ से याचिका दायर किए जाने की घोषणा की गई है. इससे पहले कांग्रेस के कुछ नेताओं ने अपने स्तर से याचिक दायर की है.

Tens of thousands of protesters against the CAB descended on the streets of Assam, clashing with police and plunging the state into chaos of a magnitude unseen since the violent six-year movement by students that ended with the signing of the Assam accord. (Photo: PTI)

असम: नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन में अब तक तीन की मौत, 27 घायल

सरकार द्वारा संचालित गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल ने ये आंकड़ा दिया है, जहां पर घायलों को इलाज के लिए जाया गया था.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

चैनलों को ‘राष्ट्रविरोधी’ सामग्री के प्रसारण संबंधी दिया परामर्श वापस ले सरकार: एडिटर्स गिल्ड

एडिटर्स गिल्ड का कहना है कि देश में हो रही घटनाओं की ज़िम्मेदार कवरेज के लिए मीडिया की प्रतिबद्धता पर इस तरह के परामर्श से सवाल नहीं उठाया जाना चाहिए. सूचना व प्रसारण मंत्रालय ने सभी निजी टीवी चैनलों से कहा था कि वे ऐसी सामग्री दिखाने से परहेज करें जो ‘राष्ट्र विरोधी रवैये’ को बढ़ावा दे सकती है.

Protests-in-Arunachal-Pradesh-the-arunachal-times

अरुणाचल प्रदेश: सीएबी के विरोध में छात्रों ने किया परीक्षा का बहिष्कार, सड़कों पर उतरे

प्रदर्शनकारी छात्रों ने राज्यपाल बीडी मिश्रा को एक ज्ञापन सौंपा और कहा, यह कानून इस क्षेत्र को धर्म के आधार पर बांट देगा और मूल लोगों का अस्तित्व संकट में डाल देगा.