Jharkhand Vikas Morcha

(फोटो: रॉयटर्स)

झारखंड: क्या लोकसभा चुनाव में भाजपा को मिली क़ामयाबी से विपक्ष सबक ले पाएगा?

झारखंड में महागठबंधन और जन विरोध के बावजूद भाजपा बड़ी जीत हासिल करने में कामयाब रही. राज्य गठन के बाद हुए लोकसभा चुनावों के वोट शेयर का आकलन किया जाए, तो यह स्पष्ट होता है कि झारखंड लंबे समय से इस परिणाम की ओर बढ़ रहा था. अब सवाल ये है कि क्या वे लोकसभा चुनाव में मिली हार के अनुभव से सीखते हुए चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार हैं.

Jamshedpur: Chief Minister of Jharkhand Raghubar Das addresses the gathering during reopening ceremony of Chapri Rakha Mines at Jadugora area near Jamshedpur, Saturday, Feb 2, 2019. (PTI Photo) (PTI2_2_2019_000196B)

झारखंड: एनडीए ने 12 सीटों पर जीत दर्ज की, शिबू सोरेन, बाबूलाल, सुबोधकांत जैसे दिग्गज हारे

चुनाव आयोग से मिली जानकारी के मुताबिक, राज्य की 14 सीटों में से भाजपा 11, आजसू एक, कांग्रेस एक और झारखंड मुक्ति मोर्चा एक सीट जीती है.

31st March 2019: From (Left to Right) Rashtriya Janta Dal (RJD) State President,Gautam Sagar Rana,Congress State President,Ajoy Kumar, Jharkhand Vikas Morcha (JVM) Chief,Babulal Marandi,Jharkhand Mukti Morcha (JMM) Working President,Hemant Soren,and Congress MLA-Alamgir Alam,during Mahagathbandhan meeting for manifesto and joint campaigning  (Lok Sabha Election-2019),in Ranchi on Sunday, March 31,2019.Photo by Mukesh Kumar Bhatt

Mukesh Kumar Bhatt
c/o-Lakshman Rai
Kailashpuri,Manitola
Pathar Road,Hinoo,
Doranda,Ranchi 
Jharkhand-834002
Phone No-
09304878585

झारखंड में महागठबंधन ने किसी अल्पसंख्यक को टिकट क्यों नहीं दिया?

झारखंड की सभी 14 लोकसभा सीटों के लिए महागठबंधन में शामिल कांग्रेस, झारखंड मुक्ति मोर्चा, झारखंड विकास मोर्चा और राजद ने किसी भी अल्पसंख्यक चेहरे को चुनाव मैदान में नहीं उतारा है.

Ranchi: Jharkhand Chief Minister Raghubar Das speaks during Jan-Sawand 'Sidhi Baat' Programme at Soochna Bhavan in Ranchi, on Tuesday. PTI Photo(PTI4_24_2018_000055B)

क्या भाजपा ने झारखंड में जेवीएम के छह विधायकों को दल बदलने के लिए दिए थे 11 करोड़ रुपये?

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया है कि उनकी पार्टी के छह विधायकों को भाजपा में शामिल होने के लिए 11 करोड़ रुपये दिए गए थे. वहीं भाजपा ने आरोपों को निराधार बताते हुए मरांडी के ख़िलाफ़ मानहानि का केस करने की चेतावनी दी.