Online Gundagardi

Shehla Rashid

आॅनलाइन गुंडागर्दी: ट्रोल्स को सत्ता का संरक्षण प्राप्त है

ट्रोलिंग पर विशेष सीरीज़: जेएनयू छात्रसंघ की पूर्व उपाध्यक्ष शहला राशिद बता रही हैं कि सोशल मीडिया पर अब ट्रोलिंग नहीं हो रही है बल्कि गालियां और रेप की धमकी दी जा रही हैं जो कि आपराधिक कृत्य है.

Vinod Dua Episode 84

आॅनलाइन गुंडागर्दी: ट्रोल्स वो बंदर हैं जिनके हाथ सोशल मीडिया का उस्तरा लग गया है

ट्रोलिंग पर विशेष सीरीज़: वरिष्ठ पत्रकार विनोद दुआ बता रहे हैं कि ट्रोल्स को गंभीरता से लिए जाने की ज़रूरत नहीं है.

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आॅनलाइन गुंडागर्दी: मोदी अकेले ऐसे वैश्विक नेता हैं जो ट्रोल्स को फॉलो करते हैं

स्वतंत्र पत्रकार स्वाति चतुर्वेदी बता रही हैं कि एक लोकतंत्र में अगर सरकार नागरिकों पर हमला कर रही है तो हम किस लोकतंत्र में रह रहे हैं?

Shehla Rashid

आॅनलाइन गुंडागर्दी: ‘ट्विटर पर मोदी के ख़िलाफ़ लिखेंगे तो रेप की हज़ारों धमकियां मिल जाएंगीं’

ट्रोलिंग पर विशेष सीरीज़: जेएनयू छात्रसंघ की पूर्व उपाध्यक्ष शहला राशिद से अमित सिंह की बातचीत.

रवीश कुमार. (फोटो: द वायर)

प्रधानमंत्री जी! क्या मेरी जान को ख़तरा है: रवीश कुमार

पीएम को लिखे पत्र में रवीश ने कहा, ‘दुख की बात है कि अभद्र भाषा और धमकी देने वाले कुछ लोगों को आप ट्विटर पर फॉलो करते हैं. मुझे पूरी उम्मीद है कि धमकाने, गाली देने और घोर सांप्रदायिक बातें करने को आप फॉलो करने की योग्यता नहीं मानते होंगे.’

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जानिए क्या है ‘विनोद दुआ’ की सोनिया गांधी को गुलाल लगाती तस्वीर का सच

वरिष्ठ पत्रकार विनोद दुआ होली के मौके पर सोनिया गांधी को गुलाल लगाती उस तस्वीर की पूरी कहानी बता रहे हैं.

swati

आॅनलाइन गुंडागर्दी: ‘ट्रोल्स के अच्छे दिन आ गए हैं’

ट्रोलिंग पर विशेष सीरीज़: वरिष्ठ पत्रकार और ‘आई एम अ ट्रोल: इनसाइड द सीक्रेट डिजिटल आर्मी ऑफ द बीजेपी’ किताब की लेखिका स्वाति चतुर्वेदी से कृष्णकांत की बातचीत.

Ajit Anjum Mrinal Pande

मृणाल पांडे के बचाव में ‘गधा विमर्श’ क्यों?

वैशाखनंदन शब्द की उत्पति पर दर्जनों पोस्ट लिखकर ‘गधा विमर्श’ का ऐसा माहौल बना दिया गया है गोया जो वैशाखनंदन न समझ पाए वो भी उन्हीं के उत्तराधिकारी हैं.

मृणाल पांडे. (फोटो साभार: फेसबुक/आॅक्सफोर्ड बुक स्टोर)

मर्यादा की मारी चिंता और अफ़सोस का कर्मकांड

मृणाल पांडे में बाकी जो भी दुर्गुण हों, वे असभ्य और अशालीन होने के लिए नहीं जानी जातीं. वे किसी रूप में वामपंथी भी नहीं हैं. उन पर बीजेपी विरोधी होने का भी वैसा इल्ज़ाम नहीं रहा है, जैसा दूसरों पर है.

मेहुल चौकसी (फोटो साभार: डीएनए) और नरेंद्र मोदी (फोटो: रायटर्स)

जब देश का प्रधानमंत्री ही गाली-गलौज करने वालों को फॉलो करेगा तो उन पर लगाम कौन लगाएगा

आॅनलाइन गुंडागर्दी: ट्रोलिंग पर द वायर हिंदी की विशेष सीरीज़ की पहली कड़ी में वरिष्ठ पत्रकार विद्या सुब्रमण्यम अपना अनुभव साझा कर रही हैं.

Vidya

आॅनलाइन गुंडागर्दी: ‘संघ पर लेख लिखने के बाद मुझे सैकड़ों धमकी भरे फोन आए’

ट्रोलिंग पर विशेष सीरीज़: पहली कड़ी में वरिष्ठ पत्रकार विद्या सुब्रमण्यम बता रही हैं कि कैसे साल 2013 में आरएसएस पर उनके एक लेख की वजह से उन्हें प्रताड़ना झेलनी पड़ी थी.