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(फोटो साभार: फेस ऑफ नेशन वेबसाइट)

गुजरात: राजद्रोह मामले में गिरफ़्तार पत्रकार के ख़िलाफ़ आरोप सिद्ध नहीं, ज़मानत मिली

बीते 11 मई को एक गुजराती समाचार पोर्टल के संपादक को मुख्यमंत्री विजय रूपाणी को पद से हटाए जाने की अटकलों पर प्रकाशित एक ख़बर के लिए राजद्रोह के आरोप में मामला दर्ज करते हुए हिरासत में लिया गया था. स्थानीय अदालत ने कहा है कि पुलिस द्वारा दिए गए दस्तावेज पढ़ने पर ऐसा कोई गंभीर अपराध नहीं दिखता.

योगी आदित्यनाथ. (फोटो साभार: फेसबुक/MYogiAdityanath)

उत्तर प्रदेशः योगी आदित्यनाथ के ख़िलाफ़ आपत्तिजनक टिप्पणी के आरोप में राजद्रोह का मामला दर्ज

इस संबंध में इलाहाबाद पुलिस ने मामला दर्ज किया है. एफआईआर में कहा गया है कि आरोपी युवक ने अपनी फेसबुक पोस्ट के जरिये देश में शांति बाधित करने और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का अपमान करने की कोशिश की है.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

क्वारंटीन सेंटर की बदहाली दिखाने पर उत्तर प्रदेश में पत्रकार के खिलाफ एफआईआर दर्ज

मामला उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले का है. एक न्यूज़ पोर्टल के पत्रकार रविंद्र सक्सेना को सरकारी काम में बाधा डालने, आपदा प्रबंधन और हरिजन एक्ट आदि के तहत आरोपी बनाया गया है.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

मीडिया संगठनों ने प्रेस की स्वतंत्रता कम करने को लेकर अधिकारियों की आलोचना की

मीडिया संगठनों ने एक गुजराती समाचार पोर्टल के संपादक के ख़िलाफ़ राजद्रोह का मामला दर्ज करने, हिमाचल प्रदेश में छह पत्रकारों के ख़िलाफ़ 14 एफआईआर दर्ज करने और इंडियन एक्सप्रेस के पत्रकार को पूछताछ के लिए बुलाने की निंदा की है.

(प्रतीकात्मक फोटो: द वायर)

गुजराती पोर्टल के संपादक के ख़िलाफ़ कार्रवाई और पत्रकार को दिल्ली पुलिस के नोटिस की निंदा

एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने कहा कि राज्य और केंद्र सरकारों को स्वतंत्र मीडिया को धमकाने के लिए कानून का दुरुपयोग करने से बचना चाहिए. प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने भी इंडियन एक्सप्रेस के पत्रकार को दिल्ली पुलिस द्वारा नोटिस जारी करने की कार्रवाई की निंदा की है.

(फोटो साभार: फेस ऑफ नेशन वेबसाइट)

गुजराती समाचार पोर्टल के संपादक पर राजद्रोह के आरोप में मुकदमा दर्ज

पुलिस के अनुसार, फेस ऑफ नेशन के संपादक धवल पटेल ने कथित तौर पर 7 मई को एक समाचार लिखा, जिसका शीर्षक था, ‘मनसुख मंडाविया को हाई कमांड ने बुलाया, गुजरात में नेतृत्व परिवर्तन की संभावना’. मंडाविया केंद्रीय मंत्री और गुजरात से राज्यसभा सांसद हैं.

दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग अध्यक्ष जफरुल इस्लाम खान. (फोटो: फेसबुक)

दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग अध्यक्ष के ख़िलाफ़ राजद्रोह का मामला दर्ज

दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष जफरुल इस्लाम खान पर भड़काऊ सोशल मीडिया पोस्ट करने का आरोप है. उन्होंने अपनी इन सोशल मीडिया पोस्ट पर विवाद बढ़ने पर सार्वजनिक तौर पर माफी मांग ली थी.

भारत के विभिन्न शहरों में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ लगातार प्रदर्शन चल रहा है. (फोटो: पीटीआई)

सीएए प्रदर्शन: आज़मगढ़ कोर्ट ने राजद्रोह के आरोपी 19 लोगों की ज़मानत याचिका ख़ारिज की

उत्तर प्रदेश के आज़मगढ़ ज़िले के बिलरियागंज से बीते पांच फरवरी को नागरिकता संशोधन क़ानून के ख़िलाफ़ प्रदर्शन के चलते इन लोगों को गिरफ़्तार किया गया था. इन पर देश विरोधी नारा लगाने और हिंसा करने का आरोप है.

सामाजिक कार्यकर्ता अखिल गोगोई. (फोटो: पीटीआई)

90 दिन में आरोपपत्र नहीं दाखिल होने पर अखिल गोगोई को मिली जमानत, लेकिन नहीं होगी रिहाई

असम में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान पिछले साल दिसंबर में गिरफ्तार किए गए सामाजिक कार्यकर्ता अखिल गोगोई को तीन अन्य लंबित मामलों के कारण जेल से रिहा नहीं किया जाएगा.

योगी आदित्यनाथ (फोटोः पीटीआई)

उत्तर प्रदेशः योगी आदित्यनाथ को आतंकी कहने पर वकील के ख़िलाफ़ राजद्रोह का मामला दर्ज

राजद्रोह के मामले में आरोपी बनाए गए कानपुर की जिला अदालत के वकील अब्दुल हन्नान को गिरफ्तार कर लिया गया है.

स्वतंत्रता सेनानी एचएस दोरोस्वामी (फोटो साभारः विकिपीडिया)

102 वर्षीय दोरेस्वामी को देना पड़ रहा स्वतंत्रता सेनानी होने का प्रमाण, भाजपा ने उठाया था सवाल

कर्नाटक के बीजापुर से भाजपा विधायक बीपी यत्नाल ने स्वंतत्रता सेनानी एचएस दोरेस्वामी को फर्जी स्वतंत्रता सेनानी बताते हुए उनसे स्वतंत्रता आंदोलन में शामिल होने के सबूत मांगे थे.

शाहीन स्कूल में बच्चों से पूछताछ करती पुलिस. (फोटो: वीडियो ग्रैब)

कर्नाटक स्कूल मामला: अदालत ने कहा सीएए विरोधी नाटक राजद्रोह नहीं, सभी आरोपियों को ज़मानत

बीदर की ज़िला अदालत ने स्कूल प्रबंधन के पांच लोगों को अग्रिम ज़मानत देते हुए कहा कि यह स्कूली बच्चों द्वारा किया गया नाटक समाज में किसी भी तरह की हिंसा या असामंजस्य पैदा नहीं करता और प्रथमदृष्टया राजद्रोह का मामला नहीं बनता.

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पाकिस्तान ज़िंदाबाद और भारत ज़िंदाबाद क्या साथ नहीं हो सकता?

वीडियोः बेंगलुरु में हुई असदुद्दीन ओवैसी की एक रैली में ‘अमूल्य’ नाम की लड़की ने पाकिस्तान ज़िंदाबाद के नारे लगाए, उसे अब राजद्रोह के आरोप में 14 दिन की न्यायिक हिरासत में ले लिया गया हैं. इस पर अपूर्वानंद का नज़रिया.

बेंगलुरू में रैली के दौरान मंच से कथित तौर पर पाकिस्तान समर्थित नारेबाजी करती अमूल्या (फोटोः एएनआई)

कर्नाटकः ओवैसी की रैली में महिला ने पाकिस्तान जिंदाबाद का नारा लगाया, राजद्रोह का मामला दर्ज

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने इस घटना की निंदा की है. उन्होंने कहा कि न तो मेरा और न ही मेरी पार्टी का इस महिला से कोई संबंध है. जब तक हम जिंदा हैं, हम भारत जिंदाबाद कहते रहेंगे.

केएलई इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (फोटो साभारः वेबसाइट)

कर्नाटकः पाकिस्तान समर्थित नारे लगाने के आरोप में तीन कश्मीरी छात्र गिरफ़्तार

एक निजी इंजीनियरिंग कॉलेज में पढ़ रहे कश्मीर के तीन छात्रों पर पुलिस ने राजद्रोह और सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है.