SP-BSP Alliance

Saharanpur: Bhim Army chief Chandrashekhar Azad after being released from Saharanpur Jail, in Saharanpur, Friday, Sept 14, 2018. Azad was arrested from Himachal Pradesh's Dalhousie in June last year in connection with the May 5 caste violence in which one person was killed and 16 others were injured at Shabbirpur village in Saharanpur. (PTI Photo) (PTI9_14_2018_000122B)

भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर ने कहा, वाराणसी से मोदी के ख़िलाफ़ नहीं लड़ूंगा चुनाव

बसपा सुप्रीमो मायावती ने चंद्रशेखर को भाजपा का एजेंट बताया था. भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर ने कहा कि भाजपा को हराने के लिए दलित वोट संगठित रहना चाहिए और उनका संगठन सपा-बसपा गठबंधन का समर्थन करेगा.

Mayawati_PTI

उत्तर प्रदेश में बसपा द्वारा बांटे गए टिकट जातीय समीकरण साधने की ओर इशारा करते हैं

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में ब्राह्मणों व क्षत्रियों को टिकट देने से पहरेज करने वाली बसपा ने पूर्वी उत्तर प्रदेश में दिल खोलकर ब्राह्मणों को टिकट दिया है. पार्टी के एक वरिष्ठ नेता कहते हैं कि जातीय समीकरणों को देखते हुए पार्टी प्रमुख मायावती ने ख़ुद ऐसा करने का निर्देश दिया था.

Azam Khan Interview

भाजपा को सिर्फ़ इतनी सीटें मिलेंगी कि उनका अस्तित्व बचा रहे: आज़म ख़ान

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और रामपुर लोकसभा सीट से सपा-बसपा गठबंधन के प्रत्याशी आज़म ख़ान से आरफ़ा ख़ानम शेरवानी की बातचीत.

Varanasi: Prime Minister Narendra Modi and Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath during a public meeting, in Varanasi, Tuesday, September 18, 2018. (PTI Photo)(PTI9_18_2018_000033B)

क्या पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भाजपा की हालत ठीक नहीं है?

उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनाव के पहले चरण में आठ सीटों पर चुनाव होने हैं, इनमें से सात सीटों पर भाजपा का क़ब्ज़ा है. इन सीटों को बचाकर रखना उसके लिए चुनौतीपूर्ण नज़र आ रहा है, क्योंकि सपा-बसपा गठबंधन और कांग्रेस प्रत्याशियों की वजह से मुक़ाबला त्रिकोणीय हो गया है.

Bengaluru: Samajwadi Party leader Akhilesh Yadav with Bahujan Samaj Party leader Mayawati wave at the crowd during the swearing-in ceremony of JD(S)-Congress coalition government, in Bengaluru, on Wednesday. (PTI Photo/Shailendra Bhojak) (PTI5_23_2018_000199B)

मुज़फ़्फ़रनगर दंगा: चुनावों की भेंट चढ़ती नैतिकता

मुज़फ़्फ़रनगर दंगों पर राजनीतिक रोटियां सबने सेंक लीं पर दंगा पीड़ितों को न्याय नहीं मिला. जो लोग तब सरकार चला रहे थे वे कहते हैं कि दंगे नहीं रोक सकते थे. तो अब सवाल यह है कि इस बार उन्हें क्यों चुना जाए?

Jabalpur: A shopkeeper poses with political parties' campaign materials ahead of Lok Sabha elections 2019, in Jabalpur, Wednesday, March 13, 2019. (PTI Photo) (PTI3_13_2019_000028B)

लोकसभा चुनाव का पलड़ा अभी किसी एक तरफ नहीं झुका है

राष्ट्रवाद और सैन्य बलों को चुनाव प्रचार में घसीटकर उनका राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश मतदाताओं को आकर्षित करने की गारंटी नहीं है और इसका उलटा असर भी हो सकता है. चुनाव की तैयारी कर रहीं पार्टियों की रणनीति देखते हुए यह साफ़ हो रहा है कि कोई भी अपनी निर्णायक जीत को लेकर आश्वस्त नहीं है.

Gandhinagar: Congress General Secretary Priyanka Gandhi Vadra addresses a public meeting ahead of Lok Sabha elections, in Gandhinagar, Tuesday, March 12, 2019. (PTI Photo) (PTI3_12_2019_000096B)

पूर्वी उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के लिए क्या संभावनाएं हैं?

पूर्वी उत्तर प्रदेश में अस्मिता की राजनीति सबसे अधिक तीखी है. पटेल, कुर्मी, राजभर, चौहान, निषाद, कुर्मी-कुशवाहा आदि जातियों की अपनी पार्टियां बन चुकी हैं और उनकी अपनी जातियों पर पकड़ बेहद मज़बूत है. कांग्रेस को इन सबके बीच अपने लिए कम से कम 20 फीसदी से अधिक वोटों को जुगाड़ करना होगा तभी वह यूपी में सम्मानजनक स्थान पा सकती है.

अखिलेश यादव, मुलायम सिंह यादव और मायावती. (फोटो: पीटीआई)

बसपा के साथ कम सीटों पर समझौता करना चुनाव से पहले ही सपा की हार जैसा है

2019 के लोकसभा चुनाव में सपा अपनी स्थापना के बाद से सबसे कम सीटों पर लड़ेगी. एक तरह से वह बिना लड़े करीब 60 प्रतिशत सीटें हार गई है. सपा का बसपा से कम सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए तैयार हो जाना हैरान करता है.

द वायर डॉयलॉग्स में अखिलेश यादव (फोटो: द वायर)

उत्तर प्रदेश में हुए गठबंधन का कांग्रेस भी हिस्सा है: अखिलेश यादव

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ‘द वायर हिंदी’ के दो साल पूरे होने पर नई दिल्ली में हुए ‘द वायर डॉयलॉग्स’ कार्यक्रम में लोकसभा चुनाव की रणनीति और बसपा के साथ किए गए गठबंधन पर अपने विचार रखे.

New Delhi: Congress President Rahul Gandhi gestures as he addresses the media at party office, in New Delhi, on Saturday. (PTI Photo/ Manvender Vashist)(PTI5_19_2018_000134B)

प्रियंका कर्मठ हैं, ज्योतिरादित्य डायनामिक हैं और भाजपा वाले घबराए हुए हैं: राहुल गांधी

प्रियंका गांधी को कांग्रेस महासचिव बनाए जाने पर भाजपा ने कहा कि कांग्रेस ने स्वीकार कर लिया कि राहुल गांधी पार्टी को नेतृत्व देने में असफल रहे.

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2019 में भाजपा को हराने के लिए हम मायावती जी के साथ मज़बूत गठबंधन करेंगे: अखिलेश यादव

साक्षात्कार: उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव से द वायर के संस्थापक संपादक सिद्धार्थ वरदराजन की ख़ास बातचीत.

Lucknow: BSP supremo Mayawati addresses a press conference at her residence in Lucknow on Saturday. PTI Photo by Nand Kumar  (PTI3_24_2018_000088B)

‘मुंह में राम बगल में छुरी’ वाली कहावत चरितार्थ कर रही है भाजपा और मोदी सरकार: मायावती

बसपा प्रमुख ने कहा, ‘राज्यसभा चुनाव परिणाम के बावजूद सपा-बसपा के बीच जारी तालमेल से भाजपा के लोग बहुत बुरी तरह परेशान हैं. मैं उन्हें बताना चाहती हूं कि हमारी यह नजदीकी, अपने स्वार्थ के लिए नहीं है. यह जनहित में है.’

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मेरी हत्या कराने के फ़िराक़ में है योगी सरकार: मायावती

बसपा सुप्रीमो ने कहा कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव अभी राजनीति में थोड़े कम तजुर्बेकार हैं, अगर मैं उनकी जगह पर होती तो अपने उम्मीदवार के बजाए उनके उम्मीदवार को जिताने की कोशिश करती.

उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष राज बब्बर. (फोटो साभार: यूपी कांग्रेस/ट्विटर)

गोरखपुर-फूलपुर उपचुनाव: किसी भी दल के साथ गठबंधन नहीं करेगी कांग्रेस

बहुजन समाज पार्टी ने दोनों सीटों पर होने वाले उपचुनाव में समाजवादी पार्टी के प्रत्याशियों को समर्थन देने को कहा है. दोनों सीटों पर 11 मार्च को चुनाव होने हैं.

New Delhi: BSP supremo Mayawati interacts with the media at Parliament house on the first day of the monsoon session in New Delhi on Tuesday. PTI Photo by Kamal Singh   (PTI7_21_2015_000064B)

बसपा ने किसी भी दल से नहीं किया गठबंधन: मायावती

बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि गोरखपुर और फूलपुर उपचुनाव में पार्टी ने कोई प्रत्याशी नहीं उतारा है लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि पार्टी के लोग अपना वोट नहीं डालेंगे. वे अपने मताधिकार का ‘सही’ इस्तेमाल करेंगे.