गाय और गोमांस पर गहमा-गहमी जारी है

ममता बनर्जी का आरोप है कि मोदी सरकार पशु बिक्री प्रतिबंध संबंधी अधिसूचना के दायरे से भैंस को हटाने जा रही है ताकि भाजपा के क़रीबी मांस व्यापारियों को फायदा पहुंचाया जा सके.

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ममता बनर्जी का आरोप है कि मोदी सरकार पशु बिक्री प्रतिबंध संबंधी अधिसूचना के दायरे से भैंस को हटाने जा रही है ताकि भाजपा के क़रीबी मांस व्यापारियों को फायदा पहुंचाया जा सके.

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गुरुवार को तारकेश्वर में एक जनसभा के दौरान ममता बनर्जी. (फोटो: पीटीआई)

गोमांस खाने और पशुओं की खरीद-फरोख्त पर प्रतिबंध को लेकर राजनीतिक माहौल शांत होता नहीं दिख रहा है. केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली गुरुवार को मामले को शांत कराने की गरज से सफाई देते दिखे तो आरएसएस के वरिष्ठ नेता इंद्रेश कुमार ने गोमांस खाने को नसीहत दी तो मेघालय में गोमांस का समर्थन करने वाले नेता ने पार्टी से इस्तीफ़ा दे दिया है.

दूसरी ओर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा को आड़े हाथों लिया. प्रतिबंध की मुखरता से खिलाफत कर रही पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विवाद को नया मोड़ देते हुए दावा किया कि केंद्र अधिसूचना के दायरे से भैंस को बाहर करने की योजना बना रहा है ताकि भाजपा के करीबी कुछ लोगों को फायदा पहुंचाया जा सके जो मांस व्यवसाय से जुड़े हुए हैं.

गुरुवार को वित्त मंत्री अरुण जेटली ने यह कहकर मामले को शांत कराने का प्रयास किया कि केंद्र की नई अधिसूचना से पशुओं के वध पर राज्य के कानून में हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा.

केरल और तमिलनाडु सहित देश के कई हिस्से में पिछले कुछ दिनों से चल रहे प्रदर्शन के बाद जेटली ने नई दिल्ली में कहा कि पशुओं को काटने के लिए पशु बाजारों में खरीद-फरोख्त पर प्रतिबंध का राज्य के कानूनों से कोई लेना-देना नहीं है.

उन्होंने कहा कि पशु बाजार किसानों के लिए हैं न कि व्यापारियों के लिए. यह महज अधिसूचना का प्रभाव है. जेटली ने कहा, हर राज्य का (पशुओं को काटने के बारे में) अपना कानून है या कानून नहीं है. संविधान के अनुच्छेद 48 (नीति निदेशक तत्व) में कहा गया है कि पशुओं की कुछ श्रेणियों की रक्षा की जानी चाहिए.

संविधान के अनुच्छेद 48 में गोवध पर प्रतिबंध राज्य के नीति निदेशक तत्व में बाध्यकारी अनुच्छेद नहीं हैं.

भाजपा के क़रीबी मांस व्यापारी हैं

पशु बिक्री पर प्रतिबंध संबंधी क़ानून का मुखर विरोध कर रहीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने दावा किया कि केंद्र अधिसूचना के दायरे से भैंस को बाहर करने की योजना बना रही है ताकि भाजपा के करीबी कुछ लोगों को फायदा पहुंचाया जा सके जो मांस व्यवसाय से जुड़े हुए हैं.

पश्चिम बंगाल के तारकेश्वर में एक जनसभा में उन्होंने कहा, भाजपा के करीबी कुछ लोग भैंस मांस के व्यापार से जुड़े हुए हैं और इसलिए केंद्र भैंसों को काटने की अनुमति देने की योजना बना रहा है.

गोरक्षा के नाम पर हो रही गतिविधियों की निंदा करते हुए उन्होंने कहा, भाजपा को महज 29 फीसदी वोट मिले लेकिन वे हर किसी को भयभीत करने का प्रयास कर रहे हैं. कौन क्या खाएगा, इसका निर्णय करने वाले वे कौन होते हैं? कोई क्या पहनेगा, इसका निर्णय करने वाले वे कौन हैं? यह निजी पसंद का मामला है.

गोमांस पार्टी मानवता के ख़िलाफ़

प्रतिबंध से खफा लोगों को शांत कराने के जेटली के प्रयास से अलग रुख अपनाते हुए आरएसएस के एक शीर्ष नेता ने गोमांस दावत की निंदा की और इन्हें मानवता के खिलाफ बताया और सुझाव दिया कि उन्हें अपना रास्ता बदल लेना चाहिए.

आरएसएस के वरिष्ठ नेता इंद्रेश कुमार ने जयपुर में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, जो लोग गोमांस पार्टी का आयोजन कर रहे हैं वे 121 करोड़ की आबादी में कुछ ही लोग हैं. वे देश के दृष्टिकोण का प्रतिनिधित्व नहीं करते. उनका कृत्य मानवता के खिलाफ है और उन्हें अपना रास्ता बदल लेना चाहिए.

कुमार ने कहा, गाय का दूध उसके मांस से ज्यादा पौष्टिक है. दूध दवा है जबकि मांस बीमारियों को न्यौता देता है. लोगों को इसे समझना चाहिए और गोमांस नहीं खाना चाहिए.

मेघालय में भाजपा नेता का इस्तीफ़ा

मेघालय में भी गाय और गोमांस को लेकर राजनीतिक उठा पटक जारी है. भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार के तीन वर्ष पूरा होने पर अपने गृह नगर में गोमांस पार्टी करने की घोषणा की थी.

ऐसा माना जा रहा है कि गारो हिल्स भाजपा के जिलाध्यक्ष बर्नार्ड रिम्पू मारक से समझा जाता है कि इस्तीफा देने के लिए कहा गया है. बहरहाल पिछले वर्ष पार्टी में शामिल होने वाले मारक ने दावा किया कि गोमांस पर भाजपा के रुख के विरोध में उन्होंने इस्तीफा दिया है.

मारक ने बताया, गारो के लोगों के हित में आज मैंने इस्तीफा दे दिया जो गोमांस पर पार्टी के रुख के विरोध में मैंने किया है.

उन्होंने कहा, मैं ईसाई हूं इसलिए मैंने इस्तीफा दिया है. पार्टी ने जो कदम उठाए हैं और गारो हिल्स में खासकर जो कदम उठाए गए हैं वे लोगों के हित के खिलाफ हैं.

मारक ने फेसबुक पोस्ट में बुधवार को कहा था कि मोदी सरकार के तीन वर्ष पूरा होने पर गारो हिल्स में भाजपा गोमांस पार्टी का आयोजन करेगी.

मारक के पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा प्रवक्ता नलिन कोहली ने संवाददाताओं से कहा था कि पार्टी या तो उन्हें बर्खास्त कर देगी या उनसे इस्तीफा देने के लिए कहेगी.

कांग्रेसी सड़क पर उतरे 

कांग्रेस ने भी गारो हिल्स में गोमांस विरोध रैली का आयोजन किया जिसका नेतृत्व खेल और युवा मामलों की मंत्री जेनिथ संगमा ने किया.

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रतिबंध अल्पसंख्यकों और खासकर मुस्लिमों तथा ईसाइयों को निशाना बनाने का प्रयास है. उन्होंने कहा कि इससे गारो हिल्स में शांतिपूर्वक रहने वाले बहुसंख्यकों और अल्पसंख्यकों के बीच सांप्रदायिक तनाव बढ़ेगा.

कांग्रेस भवन पर आयोजित रैली में तीन हज़ार से ज्यादा लोगों ने शिरकत की और मोदी विरोधी नारे लगाते हुए कहा कि केंद्र किसी भी कीमत पर गारो हिल्स में पशुओं के व्यापार पर प्रतिबंध नहीं लगा सकेगा.

नकवी की निंदा, वाम का प्रदर्शन

अल्पसंख्यक मामलों के केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने हैदराबाद में कहा कि कुछ लोग दूसरों को गोमांस दावत आयोजित करने और गायों को काटने के लिए उकसा रहे हैं.
उन्होंने कहा, हमें लगता है कि कुछ लोग दूसरों को गोमांस पार्टी करने और गायों को काटने के लिए भड़का रहे हैं… निश्चित तौर पर यह आपराधिक कृत्य है और यह देश में शांति और सौहार्द्र को ख़त्म करने का षड्यंत्र है.

नकवी ने कहा, कई राज्यों ने गोवध को प्रतिबंधित कर रखा है लेकिन कुछ राज्यों ने इसे प्रतिबंधित नहीं किया है. यह भावनात्मक मुद्दा है और यह लोगों के धर्म से भी जुड़ा हुआ है.

इस बीच भाकपा ने केंद्र की अविवेकपूर्ण अधिसूचना को वापस लेने के लिए देश के विभिन्न हिस्से में हफ्ते भर तक चलने वाला प्रदर्शन आयोजित करने का फैसला किया है.

पार्टी सचिव एस. सुधाकर रेड्डी ने नयी दिल्ली में बयान जारी कर कहा कि प्रदर्शन तीन जून से दस जून के बीच किया जाएगा.

केरल हाउस में घुसे गोरक्षक

दक्षिण भारतीय राज्य में हाल में आयोजित बीफ उत्सव का विरोध करने के लिए एक गोरक्षक समूह के कुछ सदस्य कथित तौर पर नई दिल्ली स्थित केरल हाउस में जबरन घुस गए.

पशु बाजारों में वध के लिए मवेशियों के क्रय-विक्रय पर रोक के केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ केरल के विभिन्न हिस्सों में बीफ फेस्ट आयोजित किए गए हैं.

राज्य में कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ताओं ने एक बछड़े को सार्वजनिक तौर पर काट दिया था. राज्य में मुख्य तौर पर बीफ खाने वालों की संख्या काफी अधिक है.

पुलिस ने बताया कि खुद को भारतीय गोरक्षक क्रांति का सदस्य बताने वाले 12-14 लोग केरल हाउस में घुस गए और उन्होंने गाय का दूध बांटना शुरू कर दिया. वे कथित तौर पर कह रहे थे कि उन्हें अनुमति की आवश्यकता नहीं है क्योंकि वे धर्म के अनुसार काम कर रहे हैं.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)

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