उत्तर प्रदेश: ज़मानत पर छूटे बलात्कार के आरोपियों ने पीड़िता को जलाया, हालत गंभीर

मामला उत्तर प्रदेश के उन्नाव का है. सामूहिक बलात्कार के आरोपियों ने ज़मानत पर जेल से रिहा होने के बाद दोस्तों के साथ मिलकर पीड़िता पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी. इस मामले में सभी पांचों आरोपियों को गिरफ़्तार कर लिया गया है.

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मामला उत्तर प्रदेश के उन्नाव का है. सामूहिक बलात्कार के आरोपियों ने ज़मानत पर जेल से रिहा होने के बाद दोस्तों के साथ मिलकर पीड़िता पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी. इस मामले में सभी पांचों आरोपियों को गिरफ़्तार कर लिया गया है.

Unnao

लखनऊः उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में सामूहिक बलात्कार पीड़िता को कथित तौर पर पांच लोगों ने गुरुवार तड़के जिंदा जलाकर मारने की कोशिश की. पुलिस ने पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना उन्नाव जिले के बिहार थानाक्षेत्र के सिंदुपुर गांव की है.

पीड़िता को इलाज के लिए लखनऊ के एक अस्पताल में भर्ती किया गया है. डॉक्टरों का कहना है कि पीड़िता 90 फीसदी तक जल गई है और उसकी हालात बहुत गंभीर है.

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घटना के वक्‍त पीड़िता अपने मुकदमे की सुनवाई के लिए रायबरेली जाने के लिए ट्रेन पकड़ने बैसवारा स्‍टेशन जा रही थी तभी गौरा मोड़ बिहार मौरांवा मार्ग पर आरोपियों ने इस घटना को अंजाम दिया.

उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना है.

बीघापुर के क्षेत्राधिकारी गौरव त्रिपाठी ने बताया कि पीड़िता के बयान के आधार पर पांचों अभियुक्तों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है.

इस साल मार्च में दर्ज एफआईआर में पीड़िता ने बयान दिया था कि पांच लोगों ने 2018 में कई बार उसका बलात्कार किया. इनमें से दो को बाद में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था.

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इन दोनों लोगों को बाद में रिहा कर दिया गया. ये दोनों अभी जमानत पर बाहर है.

उन्नाव के एसपी विक्रांत वीर ने कहा, ‘इस सुबह हमें बताया गया कि कुछ लोगों ने एक महिला को जिंदा जलाने की कोशिश की. महिला ने तीन लोगों के नाम बताए, जिन्हें बाद में गिरफ्तार किया गया.

पुलिस अधिकारी का कहना है, ‘फिलहाल महिला को बेहतर इलाज के लिए लखनऊ अस्पताल रेफर किया गया है. अभी तक, हमने पांच में से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. बाकी लोगों को पकड़ने के लिए चार टीमों का गठन किया गया है.’

लखनऊ जोन के एडीजी सत्यनारायण जबैत ने बाद में लखनऊ अस्पताल पहुंचकर पीड़िता से मुलाकात की.

पीड़िता ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि एक शख्स शादी का झांसा देकर उसे अपने साथ रायबरेली ले गया और वहां उसके साथ बलात्कार किया. इसके बाद जब पीड़िता ने उस पर शादी करने का दबाव बनाया तो आरोपी उसे खेतों में ले गया और अपने दोस्तों के साथ मिलकर बंदूक की नोंक पर उसके साथ बलात्कार किया.

नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, पीड़िता ने बयान दिया है कि गुरुवार तड़के चार बजे वह रायबरेली जाने के लिए ट्रेन पकड़ने बैसवारा बिहार रेलवे स्टेशन जा रही थी.

गौरा मोड़ पर गांव के हरिशंकर त्रिवेदी, किशोर, शुभम, शिवम और उमेश ने उसे घेर लिया और सिर पर डंडे से और गले पर चाकू से वार किया और इसके बाद आरोपियों ने पेट्रोल डालकर आग लगा दी.

बता दें कि इस मामले की जांच रायबरेली पुलिस ने की थी.

सब डिविजनल मजिस्ट्रेट को दिए गए बयान में पीड़िता ने बताया कि वह गुरुवार तड़के चार बजे रायबरेली जाने के लिए बैसवारा स्टेशन जा रही थी कि तभी गौर गांव के मोड़ के पास पहले से मौजूद हरिशंकर त्रिवेदी, रामकिशोर त्रिवेदी, उमेश वाजपेई के साथ बलात्कार  के आरोपी शिवम और शुभम त्रिवेदी ने कथित तौर पर लाठी और डंडों से उसे पीटने के बाद चाकू से कई वार किए. इसके बाद पेट्रोल डालकर आग लगा दी.

इस घटना पर कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी ने ट्वीट कर कहा, ‘कल देश के गृह मंत्री और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने साफ-साफ झूठ बोला कि यूपी की कानून व्यवस्था अच्छी हो चुकी है. हर रोज ऐसी घटनाओं को देखकर मन में रोष होता है. भाजपा नेताओं को भी अब फर्जी प्रचार से बाहर निकलना चाहिए.’