चीन: कोरोना वायरस से 106 लोगों की मौत, डब्ल्यूएचओ ने कहा घातक वायरस के आकलन में गलती हुई

विदेश मंत्रालय ने कहा कि चीन से भारतीयों को निकालने के लिए तैयारियां शुरू हो गई हैं. हांगकांग में कोरोना वायरस के चलते सार्वजनिक मनोरंजन स्थलों को बंद करने का फैसला. श्रीलंका ने चीनी नागरिकों को आगमन पर वीज़ा देने की अपनी नीति पर रोक लगाई. अमेरिका ने अपने नागरिकों से चीन जाने के लिए पुनर्विचार करने का आग्रह किया.

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Passengers pass a banner about the Wuhan coronavirus at a thermal screening point in the international arrival terminal of Kuala Lumpur International Airport in Malaysia on Tuesday. Photo: Reuters

विदेश मंत्रालय ने कहा कि चीन से भारतीयों को निकालने के लिए तैयारियां शुरू हो गई हैं. हांगकांग में कोरोना वायरस के चलते सार्वजनिक मनोरंजन स्थलों को बंद करने का फैसला. श्रीलंका ने चीनी नागरिकों को आगमन पर वीज़ा देने की अपनी नीति पर रोक लगाई. अमेरिका ने अपने नागरिकों से चीन जाने के लिए पुनर्विचार करने का आग्रह किया.

Wuhan: In this photo released by China's Xinhua News Agency, Chinese Premier Li Keqiang, center, speaks with medical workers at Wuhan Jinyintan Hospital in Wuhan in central China's Hubei province, Monday, Jan. 27, 2020. China on Monday expanded its sweeping efforts to contain a deadly virus, extending the Lunar New Year holiday to keep the public at home and avoid spreading infection.AP/PTI Photo(AP1_27_2020_000246B)
चीन के प्रधानमंत्री ली केकिआंग ने सोमवार को वुहान शहर के जिनयिनतान अस्पताल का दौरा कर मेडिकल स्टाफ से बातचीत की. यह तस्वीर चीन की समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने जारी की. (फोटो: एपी/पीटीआई)

बीजिंग/हांगकांग/नई दिल्ली/वॉशिंगटन: चीन में कोरोना वायरस से 24 और लोगों की मौत हो गई और इसी के साथ इससे मरने वालों की संख्या बढ़कर 106 हो गई है जबकि इससे संबंधित निमोनिया के अब तक 4,515 पुष्ट मामले सामने आए हैं.

स्वास्थ्य अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी.

तिब्बत को छोड़कर चीन के सभी प्रांतों से कोरोना वायरस के मामले सामने आए हैं. स्वास्थ्य अधिकारियों के लिए इसे फैलने से रोकना एक बड़ी चुनौती बन गई है.

चीन के अलावा थाइलैंड में सात मामले, जापान में तीन, दक्षिण कोरिया में तीन, अमेरिका में तीन, वियतनाम में दो, सिंगापुर में चार, मलेशिया में तीन, नेपाल में एक, फ्रांस में तीन, ऑस्ट्रेलिया में चार और श्रीलंका में कोरोना वायरस का एक मामला सामने आया है.

जर्मनी और कनाडा में भी कोरोना वायरस के पहले मामले की पुष्टि हुई.

चीन में कोरोना वायरस के कारण अब तक 106 लोगों की जान जा चुकी है और अब तक करीब 1,300 नए मामलों की पुष्टि हुई है.

इस संक्रमण के केंद्र मध्य हुबेई प्रांत के स्वास्थ्य आयोग ने कहा कि विषाणु संक्रमण के कारण और 24 लोगों की मौत हो गई है. उन्होंने बताया कि और 1,291 लोग इस संक्रमण से ग्रसित पाए गए हैं जिसके साथ ही देश भर में कोरोना वायरस संक्रमण के पुष्ट मामलों की संख्या 4,000 से अधिक हो गई है.

हुबेई प्रांत के स्वास्थ्य आयोग ने मंगलवार को कहा कि सोमवार तक नए किस्म के निमोनिया (कोरोना वायरस) के हुबई प्रांत में कुल 4,515 मामलों की पुष्टि हो चुकी है. 2,567 मरीज अस्पताल में भर्ती हैं, इनमें से 563 की हालत गंभीर है और 127 की हालत नाजुक बनी हुई है.

सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक सोमवार को बुखार से पीड़ित 31,934 मरीज अस्पतालों में आए हैं.

कोरोना वायरस के कारण सोमवार को बीजिंग और शंघाई में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई. बीजिंग में जिस 50 वर्षीय व्यक्ति की मौत हुई है उसके संक्रमित होने के बारे में 22 जनवरी को पता चला था. वह आठ से 15 जनवरी के बीच वुहान शहर में था.

बीजिंग में सोमवार तक आठ नए मामले सामने आए जिसके साथ यहां संक्रमित कुल मामलों की संख्या 80 पर पहुंच गई.

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने सोमवार को यह स्वीकार किया कि चीन में इस घातक विषाणु के वैश्विक जोखिम का आकलन करने में उससे गलती हुई. उसने कहा कि जोखिम ‘मध्यम’ श्रेणी में नहीं बल्कि उच्च श्रेणी में है.

जिनेवा आधारित संयुक्त राष्ट्र की इस संस्थान ने कहा है कि चीन में उच्च स्तर का खतरा है. क्षेत्रीय स्तर पर भी और वैश्विक स्तर पर भी खतरा उच्च स्तर का है.

कोरोना वायरस विषाणुओं का एक बड़ा समूह है जो सामान्य जुकाम से लेकर श्वांस तंत्र की गंभीर समस्या तक पैदा कर सकता है. चीन में जिस वायरस से संक्रमित होकर लोगों की जान जा रही है, वह इससे अलग किस्म का है और इसे पहले कभी नहीं देखा गया.  विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने इस वायरस को ‘2019-एनकोव’ नाम दिया है. कोरोना वायरस से संक्रमित होने पर व्यक्ति में बुखार, जुकाम, सांस लेने में तकलीफ, हांफना जैसे लक्षण नजर आते हैं.

इस विषाणु का पता सबसे पहले चीन के हुबेई प्रांत की राजधानी वुहान शहर में चला था, जहां इस महामारी के केंद्र के तौर पर एक सीफूड और पशुओं के बाजार की पहचान हुई थी.

कोरोना वायरस की आनुवंशिक समानताएं सार्स (सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम) से हैं. सार्स के कारण चीन और हांगकांग में वर्ष 2002-2003 में करीब 650 लोगों की मौत हो गई थी.

हांगकांग में सार्वजनिक मनोरंजन स्थलों को बंद करने का फैसला

हांगकांग ने मंगलवार को कहा कि वह खेलकूद केंद्रों समेत सार्वजनिक स्थलों को बंद कर रहा है ताकि सार्स जैसे वायरस को फैलने से रोका जा सके. अधिकारियों ने कहा कि बुधवार से सभी मनोरंजन स्थल भीड़भाड़ से बचने के लिए अस्थायी तौर पर बंद रहेंगे.

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मलेशिया के कुआलालंपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर चीन के वुहान शहर में कोराना वायरस के संक्रमण के संबंध में लगा बैनर. (फोटो: रॉयटर्स)

इस वित्तीय केंद्र में कोरोना वायरस को सार्वजनिक आपदा घोषित किया गया है और संक्रमण फैलने के जोखिम को कम करने के लिए कई उपायों की घोषणा की गई है. हांगकांग में इस संक्रमण से ग्रसित आठ लोगों का पता चला है. इनमें से छह लोग उस उच्च गति वाली रेल लाइन से यहां आए थे जो चीन मुख्य भूमि से इस क्षेत्र को जोड़ती है.

शहर के सांस्कृतिक सेवा विभाग ने कहा कि खेलकूद केंद्र, मैदान, स्वीमिंग पूल, बीच, पिकनिक स्थल और सांस्कृतिक केंद्र एवं संग्रहालय बंद रहेंगे. यहां होने वाले कार्यक्रम भी आगामी नोटिस तक रद्द रहेंगे. अधिकारियों ने सभी स्कूलों में चीनी नववर्ष का अवकाश फरवरी मध्य तक बढ़ाने की घोषणा की है. सरकारी कर्मचारियों को घर से काम करने के निर्देश दिए गए हैं.

श्रीलंका ने चीनी नागरिकों को आगमन पर वीजा देने की अपनी नीति पर रोक लगाई

कोलंबो: स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा देश के पहले कोरोना वायरस संक्रमण का पता लगाने के एक दिन बाद श्रीलंका ने चीनी यात्रियों के लिए आगमन पर वीजा देने की अपनी नीति पर मंगलवार को फिलहाल के लिए रोक लगा दी.

देश के स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रमुख महामारी विशेषज्ञ सुदत सुरावीरा ने सोमवार को कहा कि 40 साल की एक चीनी महिला वायरस से संक्रमित पाई गई. उन्होंने बताया, ‘हवाई अड्डे से बाहर निकलते समय महिला की वायरस संक्रमण की जांच की गई थी. उन्हें संक्रामक रोगों के अस्पताल में भर्ती कराया गया है.’

चीन से करीब 65 श्रीलंकाई छात्र सोमवार तक लौटे हैं. पिछले तीन दिनों में कुल 204 छात्रों को वहां से निकाल कर लाया गया है.

चीन से भारतीयों को निकालने के लिए तैयारियां शुरू: विदेश मंत्रालय

नई दिल्ली:  चीन के हुबेई प्रांत में कोरोना वायरस के प्रकोप से पैदा हुए हालात के चलते भारतीय नागरिकों को वहां से निकालने के लिए भारत ने तैयारियां शुरू कर दी है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास इस मुद्दे पर चीन की सरकार, अधिकारियों और नागरिकों के संपर्क में है.

उन्होंने एक ट्वीट में कहा, ‘हमने चीन के हुबेई प्रांत में कोरोना वायरस के प्रकोप से पैदा हुए हालात से प्रभावित भारतीय नागरिकों को वहां से निकालने के लिए तैयारियां शुरू कर दी है.’

उन्होंने कहा, ‘हमारा बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास विभिन्न पहलुओं पर काम कर रहा है और वह चीन की सरकार, अधिकारियों और हमारे नागरिकों के संपर्क में है. हम ताजा जानकारी साझा करते रहेंगे.’

वुहान में 250 से 300 भारतीय छात्रों के फंसे होने की सूचना है ऐसे में उनको लेकर चिंता पैदा हो गई है. वुहान शहर में ही कोराना वायरस के सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं.

इस बीच प्रदेश के केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने केरल के लिए अपनी चिंता सामने रखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा और कहा है कि वुहान में स्थिति बिगड़ गयी है और राज्य को वुहान के विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले केरल के विद्यार्थियों के रिश्तेदारों से सूचना मिली है कि वहां स्थिति गंभीर है.

चीन से लौटे दिल्ली लौटे तीन लोग अस्पताल में भर्ती

चीन से लौटे तीन लोगों को कोरोना वायरस के संक्रमण की आशंका में नई दिल्ली के आरएमएल अस्पताल के ‘आइसोलेशन वार्ड’ में निगरानी में रखा गया है.

अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी.

आरएमएल अस्पताल में चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मीनाक्षी भारद्वाज ने बताया कि तीनों व्यक्तियों की आयु 24 वर्ष से 48 वर्ष के बीच है. उन्हें सोमवार को अस्पताल में भर्ती करवाया गया था और उनके नमूनों को परीक्षण के लिए पुणे स्थित आईसीएमआर-एनआईवी प्रयोगशाला में भेजा गया है.

Chennai: Hospital staff is seen outside the Special Isolation Ward set up to provide treatment to any suspected case of the coronavirus (CoV) at the Rajiv Gandhi Government General Hospital, in Chennai, Tuesday, Jan. 28, 2020. (PTI Photo)(PTI1_28_2020_000138B)
चेन्नई के राजीव गांधी जनरल अस्पताल के स्पेशल आइसोलेशन वार्ड के बाहर खड़ा एक कर्मचारी. (फोटो: पीटीआई)

इनमें से दो व्यक्ति दिल्ली के निवासी हैं और एक राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से है. तीनों मरीजों को सर्दी, जुकाम और बुखार जैसी श्वसन संबंधी समस्या थी और वह जांच करवाने गए थे. ये मरीज चीन के शंघाई, बीजिंग और गुआंगजो से आए थे.

सोमवार तक चीन से 155 विमानों से भारत आने वाले कुल 33,552 यात्रियों की जांच की गई है. 14 जनवरी को प्राप्त डेटा के मुताबिक पुणे की राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान (एनआईवी) प्रयोगशाला को कुल 17 नमूने मिले जिनमें से 14 की जांच हो चुकी है और उनमें कोरोना वायरस का संक्रमण नहीं पाया गया है.

केरल, कोलकाता और महाराष्ट्र समेत कई स्थानों पर लोगों को चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है.

नेपाल में कोरोना वायरस के एक मामले की पुष्टि होने के साथ ही केंद्र ने उसकी सीमा से लगने वाले इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी है.

प्रधानमंत्री कार्यालय ने शनिवार को चीन में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए वैश्विक चिंताओं के बीच किसी भी तरह के हालात से निपटने के लिए तैयारियों की समीक्षा की.

एनसीडीसी के 24×7 कॉल सेंटर (+91-11-23978046) को विदेश मंत्रालय द्वारा दी गई नामों की सूची की निगरानी करने के लिए शुरू किया गया है. यह कॉल सेंटर जरूरतमंदों को जिला एवं राज्य निगरानी अधिकारियों की जानकारी उपलब्ध करवाएगा.

नई दिल्ली, कोलकाता, मुंबई, चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद तथा कोच्चि के हवाईअड्डों पर थर्मल जांच की जा रही है.

स्वास्थ्य मंत्रालय ने 1 जनवरी, 2020 से लेकर अब तक चीन की यात्रा करने वाले यात्रियों से बुखार, सर्दी-खांसी, सांस लेने में तकलीफ आदि की समस्या होने पर खुद नजदीकी अस्पताल पहुंचने की अपील की है और उनका इलाज कर रहे डॉक्टर को भी इसकी जानकारी देने को कहा.

नेपाल में कोरोना वायरस का एक सत्यापित मामला सामने आने के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि पश्चिम बंगाल के पानीटंकी में और उत्तराखंड के पिथौरागढ़ के झूलाघाट तथा जौलजिबी में नेपाल से सटे क्षेत्रों में स्वास्थ्य टीमें तैनात की गई हैं.

तमिलनाडु में कोरोना वायरस से प्रभावित चीन से लौटे आठ लोगों में घातक वायरस के लक्षण नहीं दिखे हैं लेकिन उन्हें अगले 28 दिनों तक आम लोगों के साथ नहीं मिलने-जुलने की सलाह दी गई है. यह जानकारी मंगलवार को अधिकारियों ने दी.

मध्य प्रदेश के उज्जैन शहर में कोरोना वायरस संक्रमण के दो संदिग्ध मरीज मिलने के बाद राज्य के लोक स्वास्थ्य मंत्री तुलसीराम सिलावट ने मंगलवार को अपने विभाग के अमले को सतर्क रहने के निर्देश दिए. इन मरीजों में चीन से पखवाड़े भर पहले भारत लौटा मेडिकल विद्यार्थी और उसकी उज्जैन में रहने वाली मां शामिल हैं.

चीन से हाल में वापस लौटे मोहाली के 28 वर्षीय एक व्यक्ति में कोरोना वायरस के संक्रमण जैसे लक्षण नजर आने के बाद, उसे चंडीगढ़ स्थित पीजीआईएमईआर के अलग वार्ड में भर्ती करवाया गया है. पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ क्षेत्र में यह कोरोना वायरस का पहला संदिग्ध मामला है.

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीते सोमवार को अपने सरकारी आवास पर कोरोना वायरस को लेकर स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग की समीक्षा बैठक की. उन्होंने प्रत्येक जिला अस्पताल एवं मेडिकल कॉलेज में दस बिस्तरों का अलग वार्ड बनाने के निर्देश दिए.

पश्चिम बंगाल में चीन की एक महिला को कोरोना वायरस की आशंका के चलते पृथक वार्ड में रखा गया है. अधिकारियों ने बताया कि महिला को बेलेघटा आईडी अस्पताल के पृथक वार्ड में ले जाया गया.

हाल के दिनों में चीन से करीब 436 लोग केरल लौटे हैं और स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि नए कोरोना वायरस (एनसीओवी) के चपेट में आने की आशंका के मद्देनजर उन्हें निगरानी में रखा गया है.

राजस्थान की राजधानी जयपुर में कोरोना वायरस का संदिग्ध मामला सामने आने के एक दिन बाद चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने चीन से आने वाले यात्रियों को स्क्रीनिंग के लिए आगे आने की अपील करते हुए सोमवार को हेल्पलाइन नंबर जारी किए.

प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश के चार जिलों में 18 व्यक्ति चीन की यात्रा कर वापस लौटे हैं. चारों जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को इन सभी को 28 दिनों तक निगरानी में रखने के निर्देश दिए गए हैं.

Hyderabad: Hospital staff is seen outside the Special Isolation Ward set up to provide treatment to any suspected case of the coronavirus (CoV), in Hyderabad, Monday, Jan. 27, 2020. (PTI Photo)(PTI1_27_2020_000180B)
कोराना वायरस के संदिग्ध मामलों की जांच के लिए हैदराबाद के एक अस्पताल में बना आइसोलश वार्ड. (फोटो: पीटीआई)

चीन से मुंबई स्थित अंतररराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 18 जनवरी से पहुंचे 3,756 यात्रियों का कोरोना वायरस की आशंका को लेकर चिकित्सा जांच की गयी है लेकिन मुंबई में अब तक इस घातक बीमारी के किसी भी मामले की पुष्टि नहीं हुई है.

बिहार में सारण जिला की एक निवासी को कोरोना वायरस की आशंका में सोमवार को पटना मेडिकल कालेज अस्पताल (पीएमसीएच) में भर्ती कराया गया. हैदराबाद में तीन लोगों को चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है जिन्होंने चीन की यात्रा की थी. हालांकि उनमें इस वायरस के लक्षण नहीं हैं.

चीन से करीब दस दिन पहले लौटे कर्नाटक के बेंगलुरु के दो बाशिंदो को यहां एक अस्पताल में चिकित्सीय निगरानी में रखा गया है. गोवा सरकार ने कोरोना वायरस के संभावित मामलों पर नजर रखने के लिए एक विशेष कार्यबल का गठन करने का फैसला किया है.

अमेरिका का अपने नागरिकों से चीन जाने के लिए पुनर्विचार करने का आग्रह

चीन में फैले कोरोना वायरस के घातक प्रकोप के बीच अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने अपने नागरिकों से वहां की यात्रा करने की किसी भी योजना पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है.

विदेश मंत्रालय ने अपने नागरिकों को हुबेई प्रांत की यात्रा न करने की सख्त हिदायत दी है, जहां वुहान शहर स्थित है. इस शहर में कोरोना वायरस से संक्रमण के सर्वाधिक मामले सामने आए हैं.

विदेश मंत्रालय ने सोमवार को जारी एक यात्रा परामर्श में कहा, ‘चीन के वुहान में कोरोना वायरस के मामले सामने आने की वजह से चीन की यात्रा पर पुनर्विचार करें. कुछ क्षेत्रों में जोखिम बढ़ गया है.’

विदेश विभाग ने कहा, ‘चीन जाने से पहले पुनर्विचार करें. नए कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण सांस लेने में समस्या हो रही है. यह दिक्कत चीन के हुबेई प्रांत के वुहान शहर से शुरू हुई. वायरस का संक्रमण दिसंबर 2019 की शुरुआत में फैलना शुरू हुआ और अब तक जारी है. चीनी स्वास्थ्य अधिकारियों ने देश भर में हजारों मामले सामने आने की सूचना दी है.’

वुहान प्रांत के लिए स्तर चार का परामर्श जारी किया गया है और चीन में अन्य जगहों के लिए यह स्तर दो से तीन तक है.

 (समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)