केंद्र सरकार के साथ मिलकर दिल्ली को आगे ले जाना चाहता हूं: अरविंद केजरीवाल

दिल्ली के रामलीला मैदान में हुए समारोह में अरविंद केजरीवाल ने लगातार तीसरी बार दिल्ली के मुख्यमंत्री पद की ज़िम्मेदारी संभाली. उनके साथ कैबिनेट के छह मंत्रियों ने भी शपथ ली है.

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दिल्ली के रामलीला मैदान में हुए समारोह में अरविंद केजरीवाल ने लगातार तीसरी बार दिल्ली के मुख्यमंत्री पद की ज़िम्मेदारी संभाली. उनके साथ कैबिनेट के छह मंत्रियों ने भी शपथ ली है.

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शपथ लेते अरविंद केजरीवाल और कैबिनेट के अन्य मंत्री (फोटो साभारः ट्विटर/आम आदमी पार्टी)

नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने रविवार को रामलीला मैदान में लगातार तीसरी बार दिल्ली के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली.

दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित कार्यक्रम में उपराज्यपाल अनिल बैजल ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई.

अरविंद केजरीवाल के साथ ही उनके मंत्रिमंडल के छह मंत्रियों ने भी पद की शपथ ली.

उपराज्यपाल बैजल ने  सबसे पहले 12 बजकर 15 मिनट पर केजरीवाल को पद और गोपनीयता की शपथ दिलायी. इसके बाद सिसोदिया सहित अन्य मंत्रियों ने एक-एक कर शपथ ग्रहण की.

पिछली सरकार में उपमुख्यमंत्री रहे मनीष सिसोदिया और अन्य मंत्रियों गोपाल राय, सत्येंद्र जैन, कैलाश गहलोत, इमरान हुसैन और राजेंद्र पाल गौतम ने भी केजरीवाल के साथ नवगठित सरकार के मंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की.

केजरीवाल ने अपनी पिछली सरकार की कैबिनेट को बरकरार रखा है.

केजरीवाल ने मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण करने के बाद जनता को संबोधित करते हुए कहा, ‘यह मेरी जीत नहीं, आप लोगों की जीत है, यह हर दिल्ली वाले की जीत है. यह हर मां, हर बहन, हर युवा, हर विद्यार्थी की जीत है, यह दिल्ली के हर परिवार की जीत है. अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पिछले पांच सालों में हमारी यही कोशिश रही है कि किस तरह हर दिल्ली वाले की ज़िन्दगी में खुशहाली, कुछ राहत ला सकें. पिछले पांच सालों में हमारी यही कोशिश रही है कि किस तरह दिल्ली के हर शख्स का तेजी से विकास हो और आने वाले पांच सालों में भी हमारी यही कोशिश रहेगी.’

उन्होंने कहा, ‘आपने किसी को भी वोट दिया हो, लेकिन मैं सभी का मुख्यमंत्री हूं. आम आदमी पार्टी को वोट देने वालों का भी, भाजपा को वोट देने वालों का भी, कांग्रेस को वोट देने वालों का भी. चुनाव प्रचार के दौरान हमारे खिलाफ बोलने वाले विरोधियों को आज हमने माफ कर दिया है.’

केजरीवाल ने कहा, ‘पांच साल मैंने किसी के साथ सौतेला व्यवहार नहीं किया. किसी भी काम के लिए मेरे पास आ जाना. देश में नई राजनीति की शुरुआत हुई है. नई राजनीति का डंका पूरे देश में बज चुका है. मैं सभी के साथ मिलकर काम करना चाहता हूं. दिल्ली को कोई केजरीवाल, कोई नेता नहीं चलाता. दिल्ली को दिल्ली के टीचर, डॉक्टर, ऑटो, रिक्शेवाले, छात्र, बस ड्राइवर, रेहड़ी वाले, व्यापारी चलाते हैं. मुझे खुशी है कि हमारे साल ये लोग चीफ गेस्ट के तौर पर आए हैं. कुछ लोग कह रहे हैं कि केजरीवाल सब मुफ्त कर रहा है. नायाब चीजों की कोई कीमत नहीं होती है. मां का प्यार बच्चे के लिए फ्री होता है. श्रवण कुमार की सेवा फ्री होती है.’

केजरीवाल ने प्रधानमंत्री मोदी का जिक्र करते हुए कहा, ‘मैं केंद्र सरकार के साथ मिलकर दिल्ली को आगे ले जाना चाहता हूं. दिल्ली को दुनिया का नंबर एक शहर बनाना चाहता हूं. हमने प्रधानमंत्री मोदी को शपथ ग्रहण के लिए न्योता भेजा था, लेकिन वाराणसी में उनका कार्यक्रम था. इसलिए वह नहीं आ पाए. ऐसे में मैं प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय मंत्रियों से चाहता हूं कि दिल्ली को आगे ले जाने के लिए हमें आशीर्वाद दें.’

मालूम हो कि रामलीला मैदान में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में आम आदमी पार्टी के हजारों समर्थक सुबह दस बजे से ही पहुंच गये थे. रामलीला मैदान में भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे.

इससे पहले बुधवार को अरविंद केजरीवाल को विधायक दल का नेता चुना गया था.

बता दें कि आठ फरवरी को हुए दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने 70 में से 62 सीटें जीतक सत्ता में वापसी की है. वहीं, भाजपा आठ सीटें जीत पाईं जबकि इस बार भी कांग्रेस पार्टी का खाता नहीं खुल पाया.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)