चिन्मयानंद मामले को दिल्ली ट्रांसफर करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका, कहा- पीड़िता खतरे में

मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे के सामने मामले का उल्लेख करते हुए याचिकाकर्ता ने कहा, 'आरोपी ताकतवर व्यक्ति है. पीड़िता का जीवन खतरे में है.'

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Shahjahanpur: Former Union minister Swami Chinmayanand, accused of rape by a law student, is seen outside a government hospital after a medical examination following his arrest by a special team of Uttar Pradesh police, in Shahjahanpur, Friday, Sept. 20, 2019. (PTI Photo) (PTI9_20_2019_000010B)
Shahjahanpur: Former Union minister Swami Chinmayanand, accused of rape by a law student, is seen outside a government hospital after a medical examination following his arrest by a special team of Uttar Pradesh police, in Shahjahanpur, Friday, Sept. 20, 2019. (PTI Photo) (PTI9_20_2019_000010B)

मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे के सामने मामले का उल्लेख करते हुए याचिकाकर्ता ने कहा, ‘आरोपी ताकतवर व्यक्ति है. पीड़िता का जीवन खतरे में है.’

Shahjahanpur: Former Union minister Swami Chinmayanand, accused of rape by a law student, is seen outside a government hospital after a medical examination following his arrest by a special team of Uttar Pradesh police, in Shahjahanpur, Friday, Sept. 20, 2019. (PTI Photo) (PTI9_20_2019_000010B)
भाजपा नेता चिन्मयानंद. (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: भाजपा नेता चिन्मयानंद के खिलाफ बलात्कार मामले की चल रही जांच को उत्तर प्रदेश से दिल्ली ट्रांसफर करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है. कोर्ट दो मार्च को मामले की सुनवाई के लिए तैयार हो गया है.

वरिष्ठ वकील कॉलिन गोन्साल्विस ने मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे के सामने सुनवाई के लिए मामले का उल्लेख किया, जिसके बाद कोर्ट ने सुनवाई के लिए दो मार्च की तारीख निर्धारित की.

गोन्साल्विस ने कहा, ‘आरोपी ताकतवर व्यक्ति है. पीड़िता का जीवन खतरे में है.’ इस पर सीजेआई बोबडे ने कहा कि अगर उनको खतरा महसूस हो रहा है तो वे पुलिस सुरक्षा की मांग कर सकती हैं.

गौरतलब है कि शाहजहांपुर स्थित स्वामी शुकदेवानंद विधि महाविद्यालय में पढ़ने वाली एलएलएम की छात्रा ने पिछले साल 23 अगस्त को सोशल मीडिया पर एक वीडियो अपलोड कर चिन्मयानंद पर शारीरिक शोषण तथा कई लड़कियों की जिंदगी बर्बाद करने के आरोप लगाने के साथ ही उसे तथा उसके परिवार को जान का खतरा बताया था.

इस मामले में चिन्मयानंद को पिछले साल 20 सितंबर को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था. इसके बाद एसआईटी ने दावा किया था कि स्वामी चिन्मयानंद ने खुद पर लगे लगभग सभी आरोप स्वीकार कर लिए हैं.

हालांकि इस महीने के शुरुआत में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने चिन्मयानंद को जमानत दे दी. इसे लेकर काफी आलोचना हो रही है. पीड़िता पर भी उलटे आरोप लगाए गए हैं.

पांच करोड़ रुपये की फिरौती मांगने के मामले में पीड़िता की जमानत याचिका न्यायमूर्ति एसडी सिंह ने चार दिसंबर, 2019 को मंजूर की थी. एसआईटी ने चिन्मयानंद की शिकायत पर विधि छात्रा और उसके तीन मित्रों के खिलाफ फिरौती मांगने का मामला दर्ज किया था.