दिल्ली दंगा: प्रभावित इलाकों में पहुंचे सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज, हेल्प डेस्क की मांग की

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस कुरियन जोसेफ, जस्टिस विक्रमजीत सेन और जस्टिस एके पटनायक ने लीगल सर्विस अथॉरिटी और लॉ के छात्रों से गुजारिश की है कि वे पीड़ितों की मदद करें.

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(फोटोः रॉयटर्स/दानिश सिद्दीकी)

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस कुरियन जोसेफ, जस्टिस विक्रमजीत सेन और जस्टिस एके पटनायक ने लीगल सर्विस अथॉरिटी और लॉ के छात्रों से गुजारिश की है कि वे पीड़ितों की मदद करें.

A man reacts as he falls during a clash between people supporting a new citizenship law and those opposing the law in New Delhi, India, February 24, 2020. Picture taken February 24, 2020. REUTERS/Danish Siddiqui
(फोटो: रॉयटर्स)

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस कुरियन जोसेफ, जस्टिस विक्रमजीत सेन और जस्टिस एके पटनायक ने बीते गुरुवार को दिल्ली के दंगा प्रभावित इलाकों का दौरा किया और स्थिति का जायजा लिया.

जस्टिस कुरियन जोसेफ ने लाइव लॉ को बताया कि इन जगहों पर स्थिति बहुत ही चिंताजनक है.

उन्होंने कहा, ‘हम वहां पर स्थिति का जायजा लेने गए थे, न कि ये जानने के लिए कि कौन दोषी हैं. हमने ऐसे लोगों को देखा जिनके घर जले हैं, जिनके कीमती सामान का नुकसान हुआ है. राहत शिविरों की स्थिति बहुत दयनीय है. वहां पर लोग अपने घरों को लौटने से डर रहे हैं.’

जस्टिस जोसेफ ने लीगल सर्विस अथॉरिटी से गुजारिश की कि इन जगहों पर वकीलों को इकट्ठा कर एक हेल्प डेस्क शुरु किया जाए ताकि दंगा प्रभावित लोगों को मदद मिल सके.

कई महत्वपूर्ण फैसले के जाने जाने वाले जस्टिस कुरियन जोसेफ ने दिल्ली के लॉ यूनिवर्सिटियों के वाइस चांसलरों से भी गुजारिश की कि वे अपने छात्रों को इन क्षेत्रों में वॉलिन्टियरिंग के लिए भेजें ताकि वे संवैधानिक मूल्यों, राज्यों के कर्तव्य इत्यादि के बारे में ज्यादा जान सकें.

उन्होंने कहा, ‘उन्हें ये समझने की जरूरत है कि भारत धर्म, जाति या भाषा के लिए नहीं हैं बल्कि वसुधैव कुटुम्मबकम के लिए है.’

मालूम हो पिछले महीने 24 फरवरी से लेकर 26 फरवरी तक दिल्ली के उत्तर पूर्वी इलकों में भयावह दंगा हुआ जिसके चलते अब तक 53 लोगों की मौत हो गई है और कई सौ लोग घायल हैं.