कोरोना वायरस: हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन के दुष्प्रभावों पर अमेरिकी प्रशासन ने दी चेतावनी

अमेरिका के खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने कहा कि हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन और क्लोरोक्वीन दवाओं का इस्तेमाल केवल अस्पतालों या क्लिनिकल परीक्षणों में किया जाना चाहिए.

/
हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन दवा. (फोटो: रॉयटर्स)

अमेरिका के खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने कहा कि हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन और क्लोरोक्वीन दवाओं का इस्तेमाल केवल अस्पतालों या क्लिनिकल परीक्षणों में किया जाना चाहिए.

हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन दवा. (फोटो: रॉयटर्स)
हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन दवा. (फोटो: रॉयटर्स)

वॉशिंगटन: अमेरिका के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने मलेरिया के उपचार में काम आने वाली दवाई हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन के दुष्प्रभावों के बारे में चेतावनी दी है.

गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि कोविड-19 के उपचार में यह दवा लाभदायक है.

इस दवा के दुष्प्रभावों में हृदयगति से जुड़ी गंभीर एवं जानलेवा समस्या हो सकती है.

एफडीए ने दवा सुरक्षा संवाद में कहा कि कोरोना वायरस के मरीजों के इलाज के लिए इस दवा के आपात स्थिति में इस्तेमाल की इजाजत दी गई है.

एफडीए ने कहा कि हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन और क्लोरोक्वीन जैसे दवाओं का इस्तेमाल केवल अस्पतालों या क्लिनिकल परीक्षणों में किया जाना चाहिए क्योंकि इनके गंभीर दुष्प्रभाव हो सकते हैं.

उसने कहा कि दवा संबंधी इन जोखिमों का उल्लेख पहले से किया गया है हालांकि स्वास्थ्य कर्मी करीब से देखें और मरीजों पर निगरानी रखें तो इसकी गंभीरता को कम किया जा सकता है.

एफडीए के आयुक्त स्टीफन एम हान ने कहा, ‘हम जानते हैं कि स्वास्थ्य देखभाल कर्मी अपने मरीजों के लिए हरसंभव विकल्प देख रहे हैं और हम भरोसा दिलाना चाहते हैं कि हम उन्हें उचित जानकारी दे रहे हैं ताकि वे सही फैसले ले सकें.’

उन्होंने कहा, ‘कोविड-19 के उपचार में ये दवाएं कितनी सुरक्षित और प्रभावी हैं, यह पता लगाने के लिए नैदानिक परीक्षण चल रहे हैं लेकिन इन दवाओं के जो दुष्प्रभाव हैं उन्हें भी ध्यान में रखा जाना आवश्यक है.’

कई रिपोर्ट में संकेत मिले हैं कि मलेरिया के इलाज में काम आने वाली दवा कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज को बीमारी के शुरुआती चरण में फायदा पहुंचाती है लेकिन हृदयरोग से पीड़ित लोगों के लिए यह घातक है.

बता दें कि इससे पहले भी एक रिपोर्ट आई थी कि अमेरिका में कोविड-19 मरीजों के इलाज के लिए हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन के उपयोग से कोई फायदा नहीं हो रहा है.

मालूम हो कि अप्रैल के शुरुआत में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा मलेरिया रोधी हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन दवा न देने पर भारत को कड़े परिणाम भुगतने की चेतावनी देने के कुछ घंटों बाद ही भारत ने कुछ देशों को उचित मात्रा में पैरासिटामोल और मलेरिया रोधी दवा हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन के निर्यात को अस्थायी तौर पर मंजूरी दे दी थी.

इसके बाद 11 अप्रैल को भारत की ओर अमेरिका को हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन की 35.82 लाख टैबलेट निर्यात किया गया था.

72 चिकित्सकीय परीक्षण जारी, 211 परीक्षण योजना चरण में: एफडीए

ट्रंप प्रशासन के एक शीर्ष स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा है कि घातक कोरोना वायरस का उपचार खोजने के लिए 72 चिकित्सकीय परीक्षण किए जा रहे हैं और 211 परीक्षण योजना के चरण में हैं.

‘खाद्य एवं औषधि प्रशासन’ (एफडीए) के आयुक्त स्टीफन एम. हान ने शुक्रवार को व्हाइट हाउस में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि कोरोना वायरस की दवा और टीका खोजने का काम चालू है और एफटीआई ने टीके संबंधी परीक्षणों के लिए दो कंपनियों को अधिकृत किया है.

हान ने कहा, ‘हम कोविड-19 का उपचार खोजने के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं… हमारे पास कोविड-19 का कोई स्वीकृत उपचार नहीं है, लेकिन हम अकादमिक, वाणिज्यिक और निजी क्षेत्र के साथ मिलकर उपचार खोजने की कोशिश कर रहे हैं.’

उन्होंने कहा, ‘एफडीआई के निरीक्षण में अमेरिका में 72 चिकित्सकीय परीक्षण चल रहे हैं और 211 अभी योजना के चरण में हैं, यानी और परीक्षण किए जाने की संभावना है.’

हान ने कहा कि एफडीआई ने विनिर्माताओं से कहा है कि अमेरिका में एंटी-बॉडी परीक्षण का प्रचार करने के लिए उन्हें अपने परीक्षणों की मंजूरी लेनी होगी.

उन्होंने बताया कि अमेरिका ने चार विनिर्माताओं को इसके लिए अधिकृत किया है और कई अन्य को अधिकृत किए जाने पर विचार किया जा रहा है.

एफडीए ने घर पर जांच करने में उपयुक्त किट को मंजूरी दी

कोरोना वायरस से निपटने में एक प्रमुख कदम के तहत अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने घर पर कोविड-19 की जांच करने में सक्षम पहले किट को मंजूरी दे दी है, जिससे कोरोना वायरस की जांच हर घर तक पहुंचने की उम्मीद है.

अमेरिकी कंपनी ‘लैब कॉर्प’ ने ऐसे पहले घरेलू टेस्ट किट को विकसित किया है. अमेरिका में इस जांच की कीमत 119 डॉलर रखी गयी है. इस कंपनी का पूरे देश में चिकित्सा प्रयोगशालाओं का एक नेटवर्क है.

एफडीए के आयुक्त स्टीफन एम. हैन ने व्हाइट हाउस में एक समाचार सम्मेलन में संवाददाताओं से कहा, ‘यह एक ऐसी जांच है जहां डॉक्टर की देखरेख में कुछ खास परिस्थितियों में मरीज को टेस्ट किट भेजा जा सकता है और रोगी स्वयं इसमें अपना नमूना दे सकता है और फिर उसे वापस भेज सकता है और उस के बाद उसकी रिपोर्ट प्राप्त कर सकता है. यह सब एक लाइसेंसधारी चिकित्सक के मार्गदर्शन में होगा.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)