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लॉकडाउन: तकरीबन दो महीने बाद आज से कुछ यात्री ट्रेनें शुरू

रेलवे ने एक बयान में कहा है कि एक मई से अब तक 542 श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाई गई हैं और लॉकडाउन के कारण देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे 6.48 लाख प्रवासियों को उनके घर पहुंचाया है.

श्रमिक विशेष ट्रेन (फोटो:पीटीआई)

श्रमिक विशेष ट्रेन (फोटो:पीटीआई)

नई दिल्ली/मुंबई: कोरोना वायरस के मद्देनजर लॉकडाउन की वजह से तकरीबन दो महीने से निलंबित यात्री ट्रेनों की शुरुआत भारतीय रेलवे की ओर मंगलवार को की जा रही है. यात्रा से पहले सभी यात्रियों के लिए आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करना अनिवार्य कर दिया गया है.

रेल मंत्रालय ने एक ट्वीट कर कहा है, ‘भारतीय रेल कुछ यात्री ट्रेन सेवाओं की शुरुआत करने जा रही है. इन ट्रेनों में यात्रा प्रारंभ करने से पूर्व यात्रियों द्वारा आरोग्य सेतु ऐप को अपने मोबाइल फोन पर डाउनलोड करना अनिवार्य है.’

भारतीय रेलवे ने मंगलवार को बताया कि विशेष ट्रेनों के लिए अभी तक 80 हजार से अधिक यात्रियों ने 16.15 करोड़ रुपये की 45,000 से अधिक टिकटें बुक की हैं.

दिल्ली से छत्तीसगढ़ के बिलासपुर के लिए पहली ट्रेन रवाना होने से कुछ घंटे पहले रेलवे ने यह जानकारी दी.

इन विशेष ट्रनों की बुकिंग सोमवार शाम छह बजे शुरू हुई थी.

रेलवे ने बताया कि अभी तक अगले सात दिन के लिए 16.15 करोड़ रुपये की 45,533 (पीएनआर) बुकिंग की गई है. इन टिकटों पर करीब 82,317 लोग यात्रा करेंगे.

रेलवे ने सोमवार को 15 विशेष ट्रेनों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए थे, जो आज मंगलवार से चलना शुरू होंगी. यात्रियों को अपना भोजन और चादर लाने को कहा गया है और स्वास्थ्य जांच के लिए ट्रेन के रवाना होने के समय से करीब 90 मिनट पहले आने को कहा है.

ये रेलगाड़ियां नई दिल्ली और देश के सभी प्रमुख शहरों डिब्रूगढ़, अगरतला, हावड़ा, पटना, बिलासपुर, रांची, भुवनेश्वर, सिकंदराबाद, बेंगलुरु, चेन्नई, तिरुवनंतपुरम, मडगांव, मुम्बई सेंट्रल, अहमदाबाद और जम्मू तवी के बीच चलेंगी.

मंगलवार 12 मई को आठ में से तीन रेलगाड़ियां नई दिल्ली से रवाना होंगी और डिब्रूगढ़, बेंगलुरु और बिलासपुर पहुंचेंगी. हावड़ा, राजेंद्र नगर (पटना), बेंगलुरु, मुम्बई मध्य और अहमदाबाद से एक-एक रेलगाड़ी रवाना होगी और दिल्ली पहुंचेगी.

लॉकडाउन में चलाए जाने के कारण इन विशेष रेलगाड़ियों में सिर्फ वातानुकूलित श्रेणी (एसी-1, एसी-2 और एसी-3) के डिब्बे होंगे, किराया सामान्य राजधानी ट्रेन के अनुरूप होगा.

सार्वजनिक परिवहन रेलवे ने कहा था कि इन रेलगाड़ियों में अग्रिम आरक्षण अधिकतम सात दिन के लिए होगा, फिलहाल आरएसी और वेटिंग टिकट जारी नहीं होगा, रेलगाड़ी में टीटीई को किसी का टिकट बनाने की अनुमति नहीं होगी.

भारतीय रेल ने टिकटें रद्द कराने का भी विकल्प दिया है. इस संबंध में उसका कहना है कि यात्री रेलगाड़ी के प्रस्थान से 24 घंटे पहले तक ही टिकट रद्द करा सकते हैं लेकिन टिकट रद्द होने पर कुल किराये का 50 प्रतिशत शुल्क के रूप में काट लिया जाएगा.

गृह मंत्रालय के निर्देशों के अनुसार, सिर्फ कन्फर्म ई-टिकट वाले रेल यात्रियों को ही प्लेटफार्म में जाने की इजाजत होगी और ट्रेन में बैठने से पहले उनकी जांच की जाएगी. सिर्फ उन यात्रियों को ट्रेन से सफर की इजाजत होगी, जिनमें कोई लक्षण नजर नहीं आएगा और यात्रियों को अनिवार्य रूप से मास्क लगाना होगा या चेहरा ढकना होगा.

इसके अलावा यात्रा के दौरान उन्हें सामाजिक दूरी के मानकों का पालन भी करना होगा. गंतव्य तक पहुंचने के बाद यात्री को राज्य सरकार के स्वास्थ्य मानकों का पालन करना होगा.

इससे पहले आईआरसीटीसी ने अपनी वेबसाइट पर 11 मई की शाम छह बजे के बाद 12 मई से चलने वाली विशेष ट्रेनों के लिए बुकिंग शुरू की और हावड़ा-नई दिल्ली मार्ग की ट्रेन के एसी-1 और एसी-3 की सभी टिकट 10 मिनट के भीतर बिक गईं और सभी सीट 20 मिनट में आरक्षित हो गईं थी.

टिकटों की बुकिंग पहले शाम चार बजे से शुरू होनी थी, लेकिन कुछ तकनीकी दिक्कत के कारण उसमें देरी हुई. शाम करीब पौने पांच बजे आईआरसीटीसी ने सूचित किया कि बुकिंग शाम छह बजे से शुरू होगी.

बीते 11 मई को भारतीय रेल घोषणा की थी कि 12 मई से चरणबद्ध तरीके से यात्री ट्रेन सेवाएं शुरू कर रही है और शुरुआत में चुनिंदा मार्गों पर 15 जोड़ी ट्रेन (अप-एंड-डाउन मिलाकर 30 ट्रेन) चलेंगी.

विशेष ट्रेन नयी दिल्ली रेलवे स्टेशन से चलेंगी और डिब्रूगढ़, अगरतला, हावड़ा, पटना, बिलासपुर, रांची, भुवनेश्वर, सिकंदराबाद, बेंगलुरु, चेन्नई, तिरुवनंतपुरम, मडगांव, मुंबई सेंट्रल, अहमदाबाद और जम्मू-तवी को जाएंगी.

मालूम हो कि इससे पहले लॉकडाउन के तीसरी बार 17 मई तक बढ़ाए जाने के बाद रेलवे ने घोषणा की थी कि सभी यात्रा सेवाएं 17 मई तक निलंबित रहेंगी.

इससे पहले जब देश में दूसरे चरण के लॉकडाउन की घोषणा 14 अप्रैल से तीन मई तक की गई थी तब भारतीय रेलवे ने भी अपनी यात्री सेवाओं को तीन मई तक निलंबित कर दिया था.

इससे पहले 25 मार्च से 14 अप्रैल के बीच लॉकडाउन की अवधि के बीच भी रेल सेवा बंद कर दी गई थीं.

अब तक 542 श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाई गईं, छह लाख से अधिक श्रमिकों ने यात्रा की: रेलवे

रेलवे ने एक मई से अब तक 542 श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाई हैं और लॉकडाउन के कारण देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे 6.48 लाख प्रवासियों को उनके घर पहुंचाया है.

केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से सोमवार को जारी एक वक्तव्य में कहा गया था कि श्रमिकों को तेजी से घर पहुंचाने के वास्ते रेलवे अब प्रतिदिन 100 श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाएगा.

अभी तक चलाई गई 542 ट्रेनों में से 448 अपने गंतव्य पर पहुंच गई हैं और 94 रास्ते में हैं. गंतव्य पर पहुंचीं 448 ट्रेनों में से 221 उत्तर प्रदेश पहुंचीं.

इसके अतिरिक्त 117 ट्रेनें बिहार पहुंचीं, मध्य प्रदेश में 38, ओडिशा में 29, झारखंड में 27, राजस्थान में चार, महाराष्ट्र में तीन, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल में दो-दो और आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक और तमिलनाडु में एक-एक ट्रेन अपने गंतव्य पर पहुंचीं.

इन ट्रेनों द्वारा प्रवासियों को तिरुचिरापल्ली, टिटलागढ़, बरौनी, खंडवा, जगन्नाथपुर, खुर्दा रोड, प्रयागराज, छपरा, बलिया, गया, पूर्णिया, वाराणसी, दरभंगा, गोरखपुर, लखनऊ, जौनपुर, हटिया, बस्ती, कटिहार, दानापुर, मुजफ्फरपुर, सहरसा इत्यादि शहरों तक पहुंचाया गया.

ट्रेन पर चढ़ने से पहले यात्रियों की पूरी जांच की गई. यात्रा के दौरान यात्रियों को मुफ्त भोजन और पानी दिया गया.

अधिक से अधिक प्रवासी श्रमिकों को उनके घर पहुंचाने के लिए सोमवार से  रेलवे ने अब ‘श्रमिक विशेष’ गाड़ियों में 1200 की जगह 1700 यात्रियों को भेजा. साथ ही जोनल रेलवे से कहा है कि राज्य सरकार के अनुरोध पर श्रमिक विशेष रेलगाड़ियों का प्रस्थान और गंतव्य स्टेशन के बीच तीन स्थानों पर ठहराव दें.

प्रत्येक श्रमिक स्पेशल रेलगाड़ी में 24 डिब्बे होते हैं और प्रत्येक में 72 सीट होती हैं. अब तक सामाजिक दूरी बनाए रखने के लिए एक डिब्बे में केवल 54 लोगों को यात्रा की अनुमति दी जा रही है, लेकिन अब 72 सीटों पर 72 यात्री होंगे.

वहीं, महाराष्ट्र सरकार ने कोरोना वायरस लॉकडाउन के बीच प्रवासी श्रमिकों के लिए मध्य प्रदेश और गुजरात की सीमाओं तक मुफ्त बस सेवाएं शुरू की है.

राज्य सरकार ने यह फैसला औरंगाबाद जिले में मध्य प्रदेश के 16 प्रवासी श्रमिकों की मालगाड़ी से कटकर मौत हो जाने की घटना के कुछ दिनों बाद किया है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)