राजनीति

गुजरात: राज्यसभा चुनाव से पहले तीन इस्तीफों के बाद कांग्रेस ने 65 विधायकों को रिसॉर्ट में भेजा

गुजरात की चार राज्यसभा सीटों के लिए 19 जून को होने वाले चुनाव से पहले इस हफ्ते कांग्रेस के तीन विधायक इस्तीफा दे चुके हैं. इसके बाद 182 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस सदस्यों की संख्या 65 रह गई है.

(फोटो: रॉयटर्स)

(फोटो: रॉयटर्स)

अहमदाबाद: आगामी 19 जून को होने वाले राज्यसभा चुनावों से पहले गुजरात में अपने तीन विधायकों के इस्तीफे से परेशान कांग्रेस ने शनिवार को अपने कई विधायकों को उनके विधानसभा क्षेत्रों के नजदीक रिसॉर्ट तथा बंगलों में भेज दिया है ताकि कोई उन तक पहुंच न सके. पार्टी के एक नेता ने यह जानकारी दी.

कांग्रेस के अक्षय पटेल और जीतू चौधरी ने तीन जून को इस्तीफे दिए थे, वहीं बृजेश मेरजा ने पांच जून को पार्टी छोड़ दी थी. इसके बाद 182 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस सदस्यों की संख्या 65 रह गई है.

हालांकि सदन की प्रभावी संख्या इस समय 172 है क्योंकि दस सीटें अदालतों के मामलों तथा इस्तीफों के कारण खाली हैं.

कांग्रेस प्रवक्ता मनीष दोशी ने बताया कि उत्तर गुजरात के अनेक पार्टी विधायकों को बनासकांठा जिले में अंबाजी के पास एक रिसॉर्ट में भेजा गया है, वहीं दक्षिण तथा मध्य गुजरात के विधायकों को आणंद में निजी बंगलों में भेजा गया है. उन्होंने बताया कि सौराष्ट्र क्षेत्र के विधायकों को राजकोट के एक रिसॉर्ट में रहने को भेजा गया है.

दोशी के अनुसार, ‘पार्टी आलाकमान ने विधायकों को अपने काम पूरे करने के बाद शनिवार को आणंद, अंबाजी तथा राजकोट के रिसॉर्टों में पहुंचने को कहा था. वे अपने विधानसभा क्षेत्रों की जोन वार स्थिति के आधार पर इन रिसॉर्ट में पहुंच रहे हैं. इनमें से कई पहुंच चुके हैं और बाकी जल्द पहुंच जाएंगे.’

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेता विधायकों से बातचीत करेंगे और मौजूदा स्थिति तथा आगामी राज्यसभा चुनावों पर चर्चा करेंगे.

दोशी ने कहा कि ये विधायक गुजरात में राज्यसभा की चार सीटों के लिए 19 जून को होने वाले चुनाव के दिन तक इन रिसॉर्ट में रह सकते हैं.

वहीं, राजकोट के जिस नील्स सिटी रिसॉर्ट में कुछ कांग्रेस विधायकों को रखा गया था उसके मालिक के खिलाफ लॉकडाउन उल्लंघन का मामला दर्ज कर लिया गया है.

एफआईआर का विरोध करते हुए कांग्रेस नेता हार्दिक पटेल अन्य नेताओं के साथ धरने पर बैठ गए हैं. उन्होंने कहा, ‘चार दिन पहले अहमदाबाद के मेयर मैंगो फेस्टिवल में शामिल हुए तब एफआईआर नहीं हुआ. ऐसा हमारे साथ हो रहा है क्योंकि हम जनता की आवाज उठा रहे हैं.’

इससे पहले कांग्रेस ने मार्च में अपने विधायकों को जयपुर के एक रिसॉर्ट में भेजा था. तब 26 मार्च को प्रस्तावित राज्यसभा चुनावों से पहले उसके पांच विधायकों ने इस्तीफा दे दिया था. हालांकि तब कोरोना वायरस के कारण लगे लॉकडाउन के चलते चुनाव टल गये थे.

बता दें कि साल 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 99 सीटें हासिल कर जीत हासिल कर ली थी. कांग्रेस पार्टी को 81 सीटें मिली थीं.

हालांकि, पिछले ढाई सालों में कई कांग्रेस विधायक या तो भाजपा में शामिल हो गए या फिर इस्तीफा दे दिया. मार्च, 2020 में राज्यसभा चुनावों की घोषणा होने तक कांग्रेस की संख्या कम होकर 73 रह गई थी. उसके बाद हुए आठ अन्य इस्तीफों से पार्टी की हालत और कमजोर हो गई है.

73 विधायकों के साथ मार्च में पार्टी को उम्मीद थी कि वह दोनों सीटें जीत लेगी. हालांकि, मौजूदा हालात में निर्दलीय विधायक जिग्नेश मेवानी के समर्थन के बाद भी दो राज्यसभा सीटें जीतने के लिए कांग्रेस के पास चार विधायकों की कमी हो गई है.

ऐसे हालात में कांग्रेस को मात्र एक सीट से संतोष करना पड़ सकता है. कांग्रेस ने वरिष्ठ नेताओं- शक्तिसिंह गोहिल और भरतसिंह सोलंकी को नामांकित किया है.

वहीं, 103 विधायकों के साथ भाजपा तीन सीटें हासिल कर सकती है. भाजपा ने चुनाव के लिए अभय भारद्वाज, रमीला बारा और नरहरि अमीन को मैदान में उतारा है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)