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कोरोना वायरस: सीबीएसई ने बोर्ड की परीक्षाएं रद्द की, 15 जुलाई तक जारी होंगे परिणाम

सीबीएसई ने कहा है कि विशेष योजना के तहत 15 जुलाई तक 10वीं और 12वीं के रिज़ल्ट घोषित किए जाएंगे. यदि इसके तहत प्राप्त नंबर से कोई छात्र संतुष्ट नहीं होता है तो बाद में उसे परीक्षा में बैठने का मौका दिया जाएगा.

Bhopal: Students wearing protective masks appear in the higher secondary school examinations of Madhya Pradesh Board of Secondary Education, during the fifth phase of ongoing COVID-19 lockdown, in Bhopal, Tuesday, June 9, 2020. (PTI Photo) (PTI09-06-2020_000030B)

(फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने फैसला किया है कि कोरोना महामारी को देखते हुए इस बार 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं नहीं होंगी. पहले एक जुलाई से परीक्षा कराने की तारीख तय की गई थी. हालांकि इसके बावजूद बोर्ड की परीक्षाओं के रिजल्ट घोषित किए जाएंगे.

सीबीएसई ने कहा है कि विशेष योजना के तहत 15 जुलाई तक 10वीं और 12वीं के परिणाम घोषित किए जाएंगे. यदि इसके तहत प्राप्त नंबर से कोई छात्र संतुष्ट नहीं होता है तो बाद में उसे परीक्षा में बैठने का मौका दिया जाएगा. हालांकि इस परीक्षा की तारीख अभी निर्धारित नहीं की गई है.

यहां बड़ा सवाल ये है कि इस विशेष योजना के तहत किस आधार पर ये नंबर जोड़े जाएंगे. कुल मिलाकर अभी 40 विषयों की परीक्षाएं नहीं हुई हैं.

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक 10वीं और 12वीं कक्षा के जिन छात्रों ने अपनी सभी परीक्षाएं पूरी कर ली हैं, परिणाम उनके प्रदर्शन के आधार पर घोषित किए जाएंगे. इन परीक्षाओं की मूल्यांकन प्रक्रिया लॉकडाउन के दौरान शुरू हुई थी, शिक्षकों को मूल्यांकन करने के लिए उनके घर पर उत्तर पुस्तिका दी गई थी.

यदि किसी छात्र ने तीन से ज्यादा विषयों की परीक्षा दी है तो तीन विषयों में प्राप्त किए गए सबसे ज्यादा नंबर के औसत के आधार पर बाकी विषयों के नंबर दिए जाएंगे, जिनकी परीक्षा नहीं हुई है.

इसी तरह यदि किसी छात्र ने केवल तीन विषयों की परीक्षा दी है तो दो विषयों में सबसे ज्यादा प्राप्त किए गए नंबर के औसत के आधार पर बाकी विषयों के नंबर दिए जाएंगे.

सीबीएसई द्वारा जारी की गई आधिकारिक दस्तावेज के मुताबिक दिल्ली से बहुत कम ऐसे बच्चे हैं जिन्होंने कक्षा 12वीं में केवल एक या दो विषयों की परीक्षा दी हो. इस श्रेणी में आने वाले बच्चों ने जिन विषयों की परीक्षा दी है और इंटरनल या प्रैक्टिकल एग्जाम में जितने नंबर प्राप्त किए हैं, उसके आधार पर बाकी विषयों के नंबर दिए जाएंगे.

इन छात्रों को अपने प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए सीबीएसई द्वारा आयोजित वैकल्पिक परीक्षा में उपस्थित होने की अनुमति दी जाएगी. हालांकि अभी तक यह एक विकल्प है.